लोकसुराज के समापन में बोले डा रमन -सुशासन का सपना हो रहा साकार

रायपुर।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने लगभग ढाई महीने तक चले प्रदेश व्यापी लोक सुराज अभियान में प्राप्त सहयोग के लिए राज्य की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया है।  उन्होंने कहा है कि शासन और जनता के बीच संवाद और सम्पर्क सेतु को और भी ज्यादा सुदृढ़ बनाने के लिए देश के इस सबसे बड़े और इकलौते अभियान को पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रदेशवासियों के भरपूर सहयोग से अच्छी कामयाबी मिली है। अभियान में व्यापक जन-भागीदारी से सुशासन का सपना भी तेजी से साकार हो रहा है।उन्होंने आज इस अभियान के समापन दिवस पर जनता के नाम जारी अपने आभार संदेश में कहा है कि लोक सुराज सरकार और जनता के बीच परस्पर संवाद का एक ऐसा अभियान है, जिसमें किसानों, मजदूरों, युवाओं, छात्र-छात्राओं और समाज के सभी वर्गाें के बीच बैठकर उनकी आशाओं और अपेक्षाओं को समझकर प्रदेश के विकास और जन कल्याण के लिए योजनाओं को और भी अधिक बेहतर ढंग से संचालित करने में सरकार को काफी मदद मिलती है।

यह छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से योजनाओं की जमीनी समीक्षा के साथ-साथ सोशल आडिट (सामाजिक अंकेक्षण) की दृष्टि से भी देश का सबसे बड़ा अभियान है। डॉ. सिंह ने लोक सुराज अभियान में प्रदेश सरकार के मंत्रियों, संसदीय सचिवों, सभी विधायकों, सांसदों, त्रि -स्तरीय पंचायतों और शहरी निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों तथा समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों से प्राप्त सहयोग की प्रशंसा करते हुए उन्हें भी दिया धन्यवाद दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा – इस अभियान में मुख्य सचिव और प्रभारी सचिवों सहित सभी विभागों के राज्य स्तरीय, जिला स्तरीय, तहसील और विकासखंड तथा ग्राम पंचायत स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों का भी सराहनीय योगदान रहा।

हर जिले में कलेक्टर और उनकी पूरी टीम ने अभियान को सफल बनाने में काफी मेहनत की। मैं प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति भी आभार प्रकट करता हूं।

उन्होंने कहा – वर्ष 2005 से राज्य सरकार किसी न किसी रूप में इस प्रकार के समयबद्ध अभियान के जरिये हर साल गर्मियों में जनता के बीच पहुंच रही है। पहले ग्राम सुराज अभियान, फिर ग्राम सुराज के साथ नगर सुराज  अभियान और अब वर्ष 2015 से ग्राम और नगर दोनों को मिलाकर लोक सुराज अभियान चलाया जा रहा है।
यह अभियान तीन चरणों में आयोजित किया गया। पहला चरण 12 जनवरी से 14 जनवरी तक ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में आवेदन संकलन के लिए था, जिसमें 30 लाख 10 हजार 715 आवेदन प्राप्त हुए। दूसरे चरण में संबंधित विभागों द्वारा 15 जनवरी से 11 मार्च तक इन आवेदन पत्रों का निराकरण किया गया।

लगभग 99 प्रतिशत आवेदनों का निराकरण हो गया। तीसरे चरण में 11 मार्च से 31 मार्च तक प्रदेशभर में एक हजार 811 समाधान शिविर लगाकर आवेदकों को उनके आवेदनों के निराकरण की जानकारी दी गई। इनमें से एक हजार 182 शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक 10 ग्राम पंचायतों के बीच आयोजित किए गए ।

शहरी क्षेत्रों में 629 समाधान शिविर वार्ड समूहों में आयोजित हुए।  समाधान शिविरों में लोगों को सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान और सामग्री आदि का भी वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अभियान के तीसरे चरण में हेलीकाप्टर से सात गांवों का आकस्मिक दौरा किया और चौपालों में ग्रामीणों से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने 25 समाधान शिविरों में भी आकस्मिक रूप से शामिल होेकर गांवों के विकास के लिए कई घोषणाएं की। डॉ. सिंह ने 12 जिला मुख्यालयों में सभी 27 जिलों के विकास कार्याें की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। उन्होंने 11 मार्च से 31 मार्च के बीच हेलीकाप्टर से प्रदेशभर में लगभग सात हजार 119 किलोमीटर का दौरा किया।

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