शिक्षाकर्मियों के एकता मंच से अलग हुआ एक संगठन,डॉ.केशकर बोले-सत्यता,निडरता से उठाते रहेंगे आवाज

रायपुर । शिक्षक पंचायत/नगरीय निकाय संघ छत्तीसगढ़ (4825) एकता मंच से अलग हो गया है। संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. गिरीश केशकर ने इस फैसले का एलान करते हुए रहा है कि  जब तक सभी संघ पुनः एकजुट नहीं हो जाते तब तक हमारा संघ स्वतंत्र रूप से शिक्षकों के हित मे जो कार्य कर सकते हैं वो करते रहेंगे।

एक बयान में उन्होने कहा है कि जब तक सभी संघों के बीच समग्र और पारदर्शी रूप से एकता स्थापित नहीं हो जाती या जब तक एकता मंच के सभी संघ के प्रांताध्यक्षो के बीच बैठक कर आपसी सहमति से कोई निर्णय नहीं लिया जाता तब तक ऐसी किसी भी प्रकार के निर्णय से हमारे संघ का कोई सरोकार या सहमति नहीं है।

उन्होने कहा हमारे बिना सहमति मंच या किसी अन्य संघ के प्रांताध्यक्ष के स्टेटमेंट में हमें या हमारे संघ को न जोड़ा जाए। जब तक वैचारिक रूप से आपसी सहमति के आधार पर कोई निर्णय या योजना नहीं बनती तब तक किसी अन्य संघो के किसी भी प्रकार की रणनीति में न हमारा कोई विरोध है और न कोई समर्थन…..।

उन्होने अपने साथियों से आह्वान किया है कि आज तो प्रदेश में शिक्षाकर्मियो ले बीच मतभेद और मतभेद चल रहे हैं वो कतई शिक्षाकर्मियो के हित मे नहीं है। वास्तव में आज की स्थिति में सभी संघो को निष्पक्ष और निस्वार्थ रूप से एकसाथ मिलकर लड़ने की आवस्यकता है . पर ऐसी संभावना कम ही दिख रही जिस प्रकार से माहौल बना है। निष्पक्ष और पारदर्शी एकता के लिए लगातार प्रयास किया गया पर संभव नहीं हो सका। इसका कारण सब जानते हैं पर जितने शिक्षक अंतिम एकता बैठक में पहुचे थे वे ही वहां की सच्चाई को प्रत्यक्ष देख और समझ पाए। अभी की स्थित हर पुरानी बातों को समझाने और कहने का नहीं है। धीरे धीरे समय आने पर सब क्लियर हो जाएगा।

डॉ. केशकर ने कहा कि आज की मतभेद की स्थिति को देखते हुए हमारे संघ शिक्षक पंचायत/नगरीय निकाय संघ छत्तीसगढ़ (4825) का निर्णय है कि जब तक सभी संघ पुनः एकजुट नहीं हो जाते तब तक हमारा संघ स्वतंत्र रूप से शिक्ष कों के हित मे जो कार्य कर सकते हैं वो करते रहेंगे।जब तक एक बैठक करके ठोस निर्णय सभी के बीच मे न हो जाये। जब तक बैठक करके कोई सामूहिक निर्णय सर्वसम्मति से न ले लिया जाए तब तक एकता मंच या अन्य किसी भी संघ के बयान में हमे या हमारे संघ को शामिल न समझा जाये।

उनका यह भी कहना है कि जब तक कोई सामूहिक सहमति नहीं बनती, जब तक पारदर्शी रूप से एकता स्थापित नहीं होती तब तक के लिये हमारा संघ शिक्षक पंचायत/नगरीय निकाय संघ छत्तीसगढ़ (4825) सभी शिक्षकों के हित मे जो भी कार्य होगा, जो आवाज उठानी होगी जो तथ्य रखने होंगे उसे स्वतंत्र रूप से पूरी सत्यता और निडरता के साथ रखता रहेगा।

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