संजय ने कहा..सरकार आश्वासन दे…अवधि बढ़ाने से समस्या का होगा निराकरण…5 अप्रैल को करेंगे संविलियन का एलान

बिलासपुर—शिक्षाकर्मी नेता संजय शर्मा ने कहा है कि केवल कमेटी की अवधि बढ़ाने से समस्या का निराकरण नहीं हो सकता है। अधिकारियों को बताना होगा कि क्या एक महीने में शिक्षाकर्मियों की संविलियन समेत सभी मांगो का निराकरण हो जाएगा। संजय ने यह भी कहा कि केवल कमेटी की अवधि बढ़ाने से समस्या का  निराकरण नही होगा। क्योंकि इसके पहले भी ऐसा कई बार हो चुका है।

                             शिक्षाकर्मी नेता संजय शर्मा ने कहा है शिक्षाकर्मियों को भरोसा था कि कमेटी 3 महीने के अन्दर निर्णय ले लेगी। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अब महीने का समय बढ़ाए जाने से शिक्षाकर्मियो में निराशा के साथ आक्रोश भी है।  संजय ने बताया कि 16 मार्च की बैठक में संविलियन का मुद्दा प्रमुखता से रखा जाएगा। कमेटी के बैठक की तारीख 16 मार्च को रखा गया है।  जबकि 3 महीने की अवधि 4 मार्च को पूरी हो ने वाली है। अघोषित रूप से तो ऐसे ही कमेटी की अवधि बढ़ गयी थी। इसका मतलब है कि अब 5 अप्रैल तक संविलियन की घोषणा हो जाएगी। शासन को इस बात का आश्वासन देने होगा कि पांच अप्रैल के बाद अवधि नहीं बढ़ाई जाएगी।

                           छत्तीसगढ़ पंचायत नगर निगम शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया  कि 16 मार्च को कमेटी के समक्ष संविलियन  करने तथ्यात्मक मांगपत्र सौंपा जाएगा। संविलियन का पक्ष मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित कमेंटी की बैठक में प्रमुखता से रखा जाएगा। संजय ने बताया कि समतुल्य वेतनमान के निर्धारण में हुए त्रुटि को रेखांकित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम के तहत त्रुटि पूर्ण निर्धारण में सुधार कर क्रमोन्नति/ समयमान के आधार पर वेतन निर्धारण का पक्ष रखा जाएगा।

            संजय ने बताया कि समतुल्य वेतन के साथ देने के बाद कटौती किये गए आवास भत्ता, चिकित्सा भत्ता, गतिरोध भत्ता, आदिवासी क्षेत्र का विशेष भत्ता में किये गए कटौती के सम्बंध में कमेटी के सामने भूतलक्षी प्रभाव से लाभ देने की मांग को भी प्रमुख से उठाया जाएगा।सममतुल्य में किये गए न्यूनतम पर निर्धारण के जगह 1.86 के गुणांक पर निर्धारण कर भूतलक्षी प्रभाव से लाभ देने का मांग किया जाएगा। वर्ष में एक वार्षिक वेतन वृद्धि निर्धारण की विसंगति से अवगत कराया जाएगा। 2006 से 2013 के बीच के काल्पनिक निर्धारण का वित्तीय लाभ देने का भी पक्ष रखा जाएगा।

                          संजय ने बताया कि मांग ,तथ्य और सुझाव तीन स्टेप  बनाकर तथ्यात्मक दस्तावेज के साथ पक्ष रखने को तैयारी पूरी हो चुिकी है।

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