राज्यसभा चुनावःBJP उम्मीदवार सरोज पाण्डेय का नामांकन रद्द करने कांग्रेस ने लगाई अर्जी,संसदीय सचिव मामले को बताया आधार

रायपुर।छत्तीसगढ़ के राज्य सभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार सरोज पाण्डेय का नामांकन रद्द करने के लिए चुनाव  अधिकारी को आवेदन दिया गया है। यह आवेदन कांग्रेस उम्मीदवार लेखराम साहू की ओर से लगाया गया है। जिसमें संसदीय सचिव पद पर काम कर रहे बीजेपी विधायकों को बीजेपी उम्मीदवार का प्रस्तावक बनाए जाने पर आपत्ति दर्ज करते हुए उनका नामांकन रद्द करने  का अनुरोध किया गया है। इस माले में उच्च न्यायालय के आदेश का भी हवाला दियागया है।राज्य सभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार लेखराम साहू और उनके निर्वाचन अभिकर्ता रमेश वर्ल्यानी की ओर से मंगलवार को राज्यसभा के निर्वाचन अधिकारी को विधानसभा में एक अर्जी पेश की गई है।जिसमें सुश्री सरोज पांडेय का नामांकन निरस्त करने के लिए  आपत्ति बिंदुवार आधार पेश किए गए हैं। जिसमेंकहा गया है कि  छत्तीसगढ़ सरकार में इस समय 11 विधायक संसदीय सचिव के रूप में कार्यरत हैं.
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ये विधायक, सर्वश्री अंबेश जांगड़े, लाभचंद बाफना, लखन देवांगन, मोतीराम चंद्रवंशी, शिवशंकर पैकरा, तोखन साहू, गोवर्धन सिंह मांझी, राजूसिंह क्षत्री एवं श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, श्रीमती सुनीति सत्यानंद राठिया और श्रीमती चंपादेवी पावले हैं । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में दो याचिकाएं Writ Petition (PIL) No. 119 of 2016 और Writ Petition (C ) 3057 of 2016 अंतिम सुनवाई के बाद फैसले के लिए सुरक्षित हैं। इन याचिकाओं में  उच्च न्यायालय से कहा गया है कि चूंकि संसदीय सचिव का पद लाभ का पद है इसलिए संविधान के अनुसार इन सदस्यों की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए।पहली अगस्त 2017 को दिए गए अपने अंतरिम फ़ैसले में  उच्च न्यायालय ने प्रथमदृष्टया माना है कि संसदीय सचिवों का पद लाभ का पद है और उन्हें कार्य से अलग किया जाए।

इन  सदस्यों की सदस्यता के मामले में अंतिम फैसला लंबित है। भाजपा की ओर से राज्यसभा की प्रत्याशी सुश्री सरोज पांडे की ओर से चार सेट में नामांकन दाखिल किया गया है। इसमें पहले सेट में श्रीमती रूपकुमारी चौधरी दूसरे सेट में अंबेश जांगड़े,  शिवशंकर पैकरा, श्रीमती सुनीति  सत्यानंद राठिया, तीसरे सेट में  लखन देवांगन,  राजूसिंह क्षत्री,  तोखन साहू और चौथे सेट में  गोवर्धन सिंह मांझी प्रस्तावक हैं। इस तरह से हर सेट में ऐसे सदस्य प्रस्तावक हैं ,  जिनकी सदस्यता संदिग्ध है और   उच्च न्यायालय का फ़ैसला इस संबंध में लंबित है।ज्ञात हो कि दिल्ली विधानसभा के संसदीय सचिवों की सदस्यता मुख्य निर्वाचन आयोग, दिल्ली ने लाभ के पद पर पदस्थ होने के आधार पर निरस्त कर दी है इश आधार पर अनुरोध किया गया है  कि  उच्च न्यायालय के अंतरिम फ़ैसले और लंबित अंतिम फैसले को ध्यान में रखते हुए सुश्री सरोज पांडेय का नामांकन निरस्त करें।साथ में उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश की वेब प्रति भी पेश की गई है।

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