छत्तीसगढिया के साथ फिर अन्याय..जनता कांग्रेस का भाजपा पर निशाना…कहा… सुहागन वही जो पिया मन भाये

रायपुर—जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी मीडिया प्रमुख इकबाल अहमद रिजवी ने भाजपा और संघ पर एक साथ निशाने पर लिया है। प्रेस नोट जारी कर रिजवी ने कहा है कि  भाजपा में संघ की पसंद को विभिन्न राजनैतिक पदों पर थोंपने की प्रथा है। राज्यसभा के लिए सरोज पाण्डेय का चयन इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

                                प्रेस नोट जारी कर जनता कांग्रेस मीडिया प्रमुख इकबाल रिजवी ने कहा है कि राज्यसभा से भाजपा के अनुसूचित जाति सतनामी समाज के व्यक्ति का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। कायदे से उनके स्थान पर सतनामी समाज के ही व्यक्ति को राज्यसभा जाना चाहिए। या फिर अन्य वर्ग के छत्तीसगढ़िया का चयन किया जाता तो बेहतर होता। लेकिन भाजपा ने इस कहावत को सच साबित कर दिया है कि सुहागन वही जो पिया मन भाये।  छत्तीसगढ़िया धरमलाल कौशिक को ऐन वक्त पर नापसंद कर दिया गया।

     रिजवी ने कहा कि धरमलाल कौशिक का अपराध केवल इतना था कि उन्होंने राज्यसभा का फार्म खरीद लिया। फार्म खरीदना ही कौशिक के मार्ग का सबसे बड़ा रोड़ा बना। कौशिक की क्षमता मेहनत और संगठनात्मक सेवा को नकार दिया गया। यानी एक पिछड़े वर्ग के छत्तीसगढ़िया को राज्यसभा जाने से रोक दिया गया।

                          रिजवी बताया कि भाजपा की नजरों में भाजपा के 10 में से 9 विधायक सतनामी समाज से हैं। शायद यही कारण है कि फिर से सतनामी को फिर सेराज्यसभा भेजना भाजपा ने उचित नहीं समझा।  इससे भाजपा की सतनामी वर्ग के प्रति सोच को समझा जा सकता है। अगली विधानसभा और लोकसभा में भाजपा को सरकार हाथ से निकलती दिखाई दे रही है। इसलिए अपने चहीतों को राज्यसभा में पहुंचाने की मुहीम चलाई जा रही है।

                     छत्तीसगढ़ से सरोज पांडे का चयन उसी श्रंख्ला की एक कड़ी है। छत्तीसगढ़िया को राज्यसभा जाने से दूर कर दिया गया है। भाजपा को छत्तीसगढ़िया के वोट से सत्ता मिली है।  सत्ता कैसे हासिल की जाये इसमें भाजपा को महारत हासिल है।

       रिजवी के अनुसार भाजपा और कांग्रेस में आगामी चुनाव में किसकी टिकट कटेगी कोई भरोसा नहीं है। छत्तीसगढ़ की जनता में आम राय और र्चा है कि छत्तीसगढ़िया विधायकगण अपने अंतर्मन की आवाज सुनकर छत्तीसगढ़ महतारी के सपूत को ही चुनकर राज्यसभा भेजें। विधायकगण दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विषय पर गंभीरता विचार करें। छत्तीसगढ़ महतारी की सन्तान को ही चुनकर छत्तीसगढ़ के मान.सम्मान की रक्षा करें।

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