कलेक्टर ने कहा..पूर्वाग्रह से बाहर आएं पुरूष..देश बनेगा शक्तिशाली..सीईओ ने बताया..कार्यस्थल पर महिला नहीं केवल कर्मचारी

बिलासपुर—जब तक पुरूष नारियों के प्रति पूर्वाग्रह का त्याग नहीं करेंगे..तब तक नारी का सशक्त होना नामु मकिन है। नारी शसक्तिकरण अभियान और महिला दिवस की सफलता पुरूषों के पूर्वाग्रह के त्याग के बाद ही संभव है। यह बातें कलेक्टर पी.दयानन्द ने जिला कलेक्टर कार्यालय में महिला कर्मचारियों के सम्मान के बाद पत्रकारों से कही।

                     कलेक्टर पी.दयानन्द ने बताया कि नारी तब तक सशक्त नहीं होगी जब तक पुरूष महिलाओं के प्रति पूर्वाग्रह का त्याग नहीं करेंगे। उन्होने बताया कि कोई भी देश तब तक शक्तिशाली नहीं हो सकता जब तक समाज महिलाओं को बराबर की भूमिका में नहींं देखेगा। बेशक आज हमारे देश में महिलाओं में अधिकारों के प्रति जागरूकता देखने को मिल रही है। महिलाओं की सशक्त भूमिका भी नजर आ रही है। फिर भी महसूस करता हूं कि महिलाओं के प्रति अभी और संवेदनशीलता की जरूरत है।

                 पत्रकारों से बातचीत के पहले कलेक्टर पी.दायनन्द ने मंथन सभागार में महिला दिवस पर महिला कर्मचारियों को फूूल माला से सम्मानित किया। कलेक्टर ने महिला कर्मचारियों को श्रीफल और कलम भेटकर सम्मान और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने और निजर होकर काम करने की शुभकामनाएं दी। कलेक्टर ने कहा नारी सशक्तिकरण उसी दिन पूरी तरह सफल होगा जब पुरुष समाज नारियों के प्रति अपने पूर्वाग्रह को पूरी तरह से त्याग करेंगे। पी.दयानन्द ने बताया कि कोई भी देश शक्तिशाली तब तक नहीं हो सकता..जब तक महिलाओं को बराबर भूमिका नहीं मिलेगी। समाज में महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता की और अधिक जरूरत है। जिस दिन ऐसा होगा उसी दिन विश्व महिला दिवस का उद्देश्य भी सार्थक हो जाएगा।

                          कलेक्टर ने पत्रकारों को बताया कि कार्यस्थल पर माहौल अच्छा होने से महिलाएं बेहतर परिणाम देती हैं। हमने महिलाओं को हमेशा पुरूषों के बराबर स्थान पर देखा है। प्रयास भी किया है कि महिलाओ को निर्भीक होकर काम करने का असवर मिले। प्रयास आगे भी रहेगा। शासन भी कुछ ऐसा ही चाहती है। कलेक्टर ने पत्रकारों से बातचीत के बाद सभी महिला कर्मचारियों के साथ महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने फोटो खिचाया।

                इस दौरान जिला पंचायत सीईओ फरीहा आलम सिद्दकी भी मौजूद थीं। उन्होने कहा कि कार्यस्थल में आने के बाद हम महिला नहीं बल्कि कर्मचारी होते हैं। ऐसे में हमें भी बिना किसी अतिरिक्त रियायत के काम करना है। फरीहा सिद्धिकी ने सभी महिला कर्मियों को शुभकामनाएं दी। उन्होने कहा कि महिलाएं कभी भी किसी से कम नहीं रही हैं। देश के निर्माण और विकास में महिलाओं की भूमिका पुरूषों से कही भी कमतर नहीं है। सम्मान समारोह में श्वेता यादव, प्रतिभा पांडे, जयश्री वैद्य, सुशीला राजगीर और सभी विभागों की महिला अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थीं।

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