आईजी ने कहा..जवान हर पल रहे तैनात..हिस्ट्रीशीटरों पर रहेगी नजर…मॉकड्रिल को क्यों बताया जरूरी

बिलासपुर—आईजी दुर्ग ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों की बैठक ली है। रेंज महानिरीक्षक जी.पी सिंह ने रेलवे स्टेशनों में आपातकालीन स्थिति, कानून-व्यवस्था, नक्सली घटना और रेलवे सम्पत्ति सुरक्षा को लेकर पुलिस अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिया। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए जवानों को हर पल तैयार रहने को कहा।

                          मुख्यालय, रायपुर के निर्देश पर 7 मार्च 2018 को आरपीएफ, जीआरपी और दुर्ग, राजनांदगांव,  बालोद जिले के पुलिस अधिकारियों की रेंज स्तरीय बैठक हुई। बैठक में आईजी जी.पी.सिंह विशेष रूप से मौजूद हुए। उन्होने रेलवे सम्पत्ति विशेष सुरक्षा और आपात स्थितियों से निपटने के लिए अधिकारियों से सवाद किया।

                  आईजी ने बताया कि राजनांदगांव जिले के पनियाजोब और बोरतलाव रेलवे स्टेशन काफी संवेदनशील है। अपराधियों और असमाजिक तत्वों पर निगरानी रखने रेलवे प्रबंधन को  सीसीटीवी कैमरा लगाने को कहा। इन स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने को भी कहा। उन्होने कहा कि रायपुर रेलवे स्टेशन की तर्ज पर दुर्ग और राजनांदगांव स्टेशनों में भी अपराधिक तत्वों की पहचान और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी कैमरे लगाया जाना जरूरी है। बालोद  और दल्ली-राजहरा रेलवे स्टेशनों को अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में रखते हुए जल्द ही सीसीटीवी कैमरा लगाने का प्रस्ताव भेजने को कहा।

                       आईजी ने बताया कि बालोद जिले के गुदुम क्षेत्र में करीब 17 किमी रेलवे मार्ग पर ट्रायल का काम चल रहा है। जल्द ही रेलवे लाइन का लोकार्पण होगा। जरूरी सुरक्षा व्यवस्था बढाने को भी कहा। साथ ही आपातकालीन स्थिति से निपटने माॅकड्रील का आयोजन करने को कहा। रेल काॅरिडोर में किसी बडी अप्रिय घटना से निपटने के लिये जीआरपी, जिला बल, आरपीएफ और रेलवे की रिस्पांस टाईम पर माॅकड्रील कराए जाने को कहा गया।
                          बैठक में चर्चा के दौरान आईजी ने राजनांदगांव क्षेत्र के मुढ़ीपार रेलवे स्टेशन मास्टर के आचार विचार को गभीरता से लेने को कहा।उन्होने बताया कि जानकारी के अनुसार जब भी लोकल और पैसेंजर गाड़ी विलंब से आती है तो सवारी लोग स्टेशन मास्टर से गाली-गलौच करते है। सरकारी काम काज में बाधा पहुंचाते हैं। ऐसे किसी स्थिति से निपटने के लिए स्टेशन परिसर में आरपीएफ और जीआरपी की तैनाती जरूरी है।
            बैठक में आरपीएफ ने रेलवे संपत्ति की चोरी से संबंधित प्रकरणों, आरोपियों की सूची औऱ हिस्ट्रीशीटर के नामों को सबके सामने रखा। जानकारियों को जीआरपी और जिला पुलिस बल से भी साझा किया। बैठक में निर्णय लिया गया कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्यवाही जरूरी है।

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