किसानों की सब्सिडी में करोड़ों का घोटालाः जाँच के लिए सिंहदेव ने लिखी CS को चिट्ठी

रायपुर । छत्तीसगढ़ में किसानों को अनुदान देने के नाम पर किए गए घोटाले का मामला गरमाता  जा रहा है। कांग्रेस इसे बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है ।इस सिलसिले में छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टी एस सिंहदेव ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मामले की जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। उन्होने कहा है कि मामले की जाँच में कई सौ करोड़ का घोटाला सामने आ सकता है।

टीएस सिंहदेव की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में 2016 –  17  में कृषि विभाग की योजनाओं के तहत किसानों को कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान राशि के वितरण में विभागीय अधिकारियों और सामग्री प्रदायक कर्ता फर्मों  की मिलीभगत से करोड़ों रुपए का अार्थिक घोटाला किया गया है। पहली नजर में कांकेर और बिलासपुर जिलों के मामले में थर्ड पार्टी भौतिक सत्यापन से इस मामले की पुष्टि हो चुकी है। यह तथ्य सामने आए हैं कि दोनों जिलों में लाभान्वित किसानों की कुल संख्या 3239 लगभग में से 2152 किसानों को योजना का लाभ मिला ही नहीं है। मतलब उनके नाम से अनुदान राशि आहरित कर हड़प ली गई है।  जो कि  करीब 50 करोड़ के आसपास है ।श्री सिंहदेव ने लिखा है कि राज्य के अन्य जिलों में भी निश्चित रूप से किसानों के नाम से फर्जी तरीके से अनुदान राशि का आहरण किए जाने की तीव्र संभावनाएं हैं। जिससे यह घोटाला बढ़कर कई सौ करोड़ तक पहुंच सकता है।

उन्होने लिखा है कि इस तरह कृषि विभाग में हुए प्रदेशव्यापी घोटाले से राज्य शासन को जहां करोड़ों का नुकसान पहुंचाया गया है । वही हितग्राही किसानों को उनके अधिकार से वंचित किया गया है। विभाग की ओर से किसानों के लिए संचालित योजनाओं में किए गए व्यापक आर्थिक घोटाले से जहां शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रश्न चिन्ह उठता है। वही प्रभावित किसान भी आंदोलित है । उन्होंने मुख्य सचिव से अनुरोध किया है कि  प्रशासनिक मुखिया होने के नाते इस फर्जीवाड़े को संज्ञान में लेकर सभी जिलों में योजनाओं की बारीकी से जांच कराई जाए। साथ ही इसमें लिप्त – जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनसे राशि की वसूली की जाए और नियमानुसार कार्यवाही की जाए। साथ ही जिन किसानों के नाम योजना के तहत फर्जी तरीके से अनुदान की राशि हड़पने के लिए इस्तेमाल किया गया है। उसे तत्काल सूची से हटाया जाए जिससे उन किसानों को वास्तविक रुप से योजना का लाभ मिल सके। नेता प्रतिपक्ष ने अपने इस पत्र के साथ मामले से जुड़े दस्तावेजों की कॉपी भी भेजी है।

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