5 मार्च को पूरी हो रही कमेटी की मियाद ….. 1 लाख 80 हजार शिक्षा कर्मियों और परिवार को चाहिए केवल संविलयन …

रायपुर । छत्तीसगढ़ के शिक्षा कर्मियों की मांगों और समस्य़ाओँ के निराकरण के लिए चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी की तीन महीने की मियाद 5 मार्च को पूरी हो रही है…..। उधर मध्यप्रदेश में सरकार ने अपने बजट में भी शिक्षा कर्मियों के संविलयन फैसले को दोहराया है….। इन दो मुद्दों की वजह से छत्तीसगढ़ में भी शिक्षा कर्मियों के मन में संविलयन को लेकर आस बंधी है और शिक्षा कर्मी उम्मीद कर रहे हैं कि कमेटी की रिपोर्ट सही वक्त पर पेश होगी और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह संविलयन का एलान करेंगे।
छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मियो ने पिछले साल नवंबर महीने में 15 दिन की हड़ताल की थी। यह हड़ताल शून्य में समाप्त हुई थी। लेकिन सरकार ने उसी समय सीएस की अधयक्षता में एक कमेटी का गठन कर दिया। और कहा गया कि शिक्षा कर्मियों की मांगों और समस्याओँ पर विचार कर यह कमेटी 3 महीने में अपनी रिपोर्ट पेश कर देगी। कमेटी ने पिछले महीने शिक्षा कर्मी संगठनों से अपने सुझाव मंगा लिए हैं। जिसमें तमाम संगठनों की ओर से तथ्यपू्र्ण ढंग से सुझाव पेश किए गए हैं। इस बीच मध्यप्रदेश के बजट में भी शिक्षा कर्मियों के संविलयन की घोषणा कर दी गई। इन खबरों को मिलाकर अब छत्तीसगढ़ के शिक्षा कर्मी भी आशान्वित हो गए हैं कि कमेटी अपने निश्चित समय यानी 5 मार्च तक अपनी रिपोर्ट पेश कर देगी और मध्यप्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी मुखयमंत्री संविलयन का एलान कर देंगे।कमेटी की मियाद पूरी होने के समय अटकलों का बाजार गर्म है  और लोग अपने – अपने ढंग से आने वाले समय के फैसले की कल्पना कर रहे हैं।
 शिक्षक संघ से जुड़े नेता सचिन त्रिपाठी का कहना है कि 15 दिवस के ऐतिहासिक आंदोलन की परिणीति  के रूप में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी  बनी।  जिसकी रिपोर्ट के लिए प्रदेश के शिक्षाकर्मीयो ने 3 महीने से एक- एक दिन गिन कर इंतजार किया ।इस बीच मध्यप्रदेश में अध्यपको के संविलियन की घोषणा और राज्यपाल द्वारा उसकी स्वीकारोक्ति साथ ही, वित्तीय भार का बजट में समायोजन ने छत्तीसगढ़ में कार्यरत शिक्षाकर्मियो के संविलियन की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। 5 मार्च को कमेटी की रिपोर्ट प्रस्तुत करने की मियाद पूरी होने जा रही है और शिक्षाकर्मियो के बीच  उम्मीदों की लहर दौड़ रही है।      सचिन त्रिपाठी का कहना है की सरकार प्लान के चक्कर में ना रहे ।एक लाख अस्सी हजार शिक्षाकर्मी और उनके परिजन इन आंदोलन से जुड़े थे। और सभी आस लागये हुए बैठे हैं।उन्होने कहा कि  प्रदेश के पंचायत शिक्षक मध्यप्रदेश की भांति ही अपना संविलियन चाहते है और उन्हें उम्मीद है कि कमेटी की रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री  शिक्षाकर्मियो के बीच आकर संविलियन की घोषणा करेंगे।
सचिन त्रिपाठी ने कहा कि हम शिक्षक है प्रदेश के 1 लाख 80 हजार शिक्षाकर्मी औऱ  परिवार के लिए सिर्फ संविलियन का प्लान चलेगा।हमे शिक्षा कर्मीयो इस  23वी कमेटी पर बहुत भरोसा है जो टूटना नही चहिये।

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