बुरा मान गए तो होली है..अमर ने धरम से कहा-भाई क्या फर्क पड़ता है…राजा बनेंगे चुनाव संचालक..प्रवीण का फूला मुंह

दुर्गा सोनी को तहसीलदार ने किया चलता

            पार्षद पति दुर्गा सोनी ने तहसीलदार से माफी मांग लिया है। पिछले दिनों तहसील कार्यालय में बवाल काटने वाले दुर्गा सोनी तहसीलदार को अपना निर्णय वापस लेने के लिए मजबूर किया। खुद को स्वयंभू दबंग नेता मानने वाले दुर्गा सोनी रंग गुलाल के साथ अचानक तहसीलदार के घर पहुंचे। चरणो में लोटपोट होकर कहा कि बीती बातों को कुरेदना ठीक नहीं…। मिठाई का डिब्बा पकड़ों…और मेरा मुंंह मीठा कराओ। तहसीलदार ने मिठाई का डिब्बा लेकर दुर्गा सोनी को घर से चलता कर दिया। बुरा ना मानो होली है।

रामाराव अमर के पास, धरम शरणम् कुमावत

             रेलवे क्षेत्र के मजबूत नेता रामाराव एक बार फिर अमर अग्रवाल के शरण में आ गए हैं। जब धरमलाल कौशिक के यहां दाल नही गली, तो मजबूरी में निर्णय लेना पड़ा। धरमलाल कौशिक के साथ रामाराव खूब फोटो खिंचवाए। सोशल मीडिया को पूरी तरह से वायरल कर दिया। वास्तविकता यह है कि धरम के यहा मनोज दुबे नाम का अबूझ प्राणी है। किसी को भी धरम के नजदीक नहीं फटकने देता। मजबूरी में रामाराव को घर वापस अाने का निर्णय लेना पड़ा है। अमर ने भी रामाराव को शरण में ले लिया है। अमर की दरियादिली देखकर कुमावत का मुह फूल गया है। बिना कामकाज के राजनीति के माहिर खिलाड़ॉी कुमावत ने रामाराव से बदला लेने का ठाना। तत्काल धरमलाल की शरण में चले गए। अमर और धरम के बीच  गुफ्त-गू हुई है कि दोनों कहीं आए जाएं इससे फर्क नहीं पड़ता है। क्योंकि दोनों का दूध भात है..भाई..। बुरा ना मानों होली है…..

खरसिया से चुनाव लड़ेंगे अमर अग्रवाल

            अमर अग्रवाल खरसिया से चुनाव लड़ेंगे। तैयारी भी शुरू हो गयी है। अमर अग्रवाल आप पार्टी से झाड़ू छाप बैनर से चुनाव लड़ेंगे। खरसिया की दीवारों पर इसके चित्र भी लग गए हैं।  अलग बात है कि बाद में खरसिया से चुनाव लड़ने वाले अमर अग्रवाल कोई दूसरा है। यह होली  नहीं..बल्कि गभीर समाचार है।

महेश चंद्रिकापुरे का राजनीति से तौबा

         धाकड़ भाजपा नेता महेश चंद्रिकापुरे ने राजनीति से सन्यास लेने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि आज तक हमारे नेता हमें बकरे की तरह हलाल करते आए हैं। अब बकरों का नामकरण कर- काटने का काम करूंंगा। बकरों को बेचकर जीविकोपार्जन करूंगा। इस बात से काफी पार्टी में काफी हलचल है कि पहला बकरा किसके नाम का कटेगा।

मनीष ने थमाया महापौर का कमंडल

    महापौर किशोर राय ने कमंडल थामने का निश्चय कर लिया है। उन्हें बताया गया है कि वे भी राजेश पांडेय की तरह गलियों में स्कूटर चलाते नजर आने वाले हैं।लिहाजा उन्होंने फैसला किया कि ऐसी सूरत आने से तो अच्छा है कमंडल थामकर निकल जाए। जब यह बात मनीष अग्रवाल तक पहुंची, तो उन्होने फौरन टाटा महराज के दुकान से महंगा कमंडल लाकर और बिना कहे हरिद्वार की टिकट लाकर महापौर को दे दिया। मनीष ने कहा – भैया, जितना नुकसान करना था कर लिया, अब वापस मत आना।…बुरा ना मानों होली है…

राजा पांडेय अमर के चुनाव संचालक
पूर्व जिलाध्यक्ष राजा पाण्डेय और मनीष अग्रवाल के साथ अल्पसंख्यक नेता मुर्तुजा वनक अमर अग्रवाल का चुनाव संचालक होंगे। राजा पाण्डेय मुख्य चुनाव संचालक होंगे। राजा पाण्डेय के कद बढ़ने से परेशान गुलशन ऋषि ने केक दरबार से बाहर निकलकर बताया कि अच्छा है सालभर हम आगे पीछे घूमें जिम्मेदारी देने का समय आया तो पुराने चेहरों को रीपिट कर दिया। ऐसे कैसे काम चलेगा। जानकारी मिली है कि संंचालक टीम में मनीष अग्रवाल अग्रवाल के नाम को लेकर प्रवीण दुबे ने बुड़बुडाना शुरू कर दिया है। उन्होने कहा कि  सालभर हम भी आगे पीछे घूमे..मौका मिलते ही मेरा भी नाम संचालक टीम से हटा दिया ..बुरा ना मानों होली है।

Comments

  1. By सम्राट मुखर्जी

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