अपोलो यातायात सुरक्षा कार्यक्रम में एसपी ने कहा…समाज को जागना होगा…डॉ.बोर्डे ने पेश किया चौकाने वाला आंकड़ा

बिलासपुर— जीवन बहुमूल्य धरोहर है। यदि जीवन ही नहीं तो दुनिया किस काम की। क्योंकि जीवन से ही दुनिया है। ऐसी बातें बीती रात एक निजी प्रतिष्ठान मेंं आयोजित सुरक्षित यातायात कार्यक्रम के दौरान सामने आयी। सड़क सुरक्षित यातायत और हेलमेट के महत्व पर बडे बडे चिकित्सकों समेत बिलासपुर के पुलिस कप्तान ने प्रकाश डाला। कार्यक्रम का आओजन अपोलो हॉस्पिटल के बैनर तले किया गया। इस दौरान सुरक्षित जीवन और उपचार पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

                कार्यशाला में आज तेजी से भागने वालों का युग है। सबको हमेशा पीछे छूट जाने का भय सताता है। लोग इतना तेज भागने लगे हैं कि उन्हें खुद की सुरक्षा की चिन्ता नहीं  है। लेकिन हादसे के बाद उन्हें अपने जीवन के महत्व का अहसास होता है। अपोलो हास्पिटल के बैनर तले आयोजित सड़़क यातायात औ हेलमेट का महत्व पर आमंत्रित वक्ताओं ने खुलकर अपने विचार रखे। तेज गति से वाहन चलाने वालों को खतरों और दुष्परिणामों से परिचित कराया।

               कार्यशाला में चिकित्सा विशेषज्ञों ने पावर पाइट के माध्यम से सड़क दुर्घटना के दौरान शरीर को पहुचंने वाले चोट और इलाज की जानकारी दी। कार्यक्रम में पुलिस कप्तान आरिॅफ हुसैन शेख, मुख्य चिकित्सा  और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी बी बोर्डे, अपोलो सीओओ डॉ. सजल सेन, डॉ सुनील शर्मा, डॉ राजकुमार शर्मा ने एक्सीडेन्ट के दुष्परिणामों और इस दौरान होने वाले इलाज की जानकारी दी।

        पावर पाइट के जरिए डॉ सुनील शर्मा और  डॉ राजकुमार नें दुर्घटना जनित सिर की गंभीर चोटों और शल्य चिकित्सा की विस्तार से जानकारी दी। दोनों चिकित्सकों ने बताया कि यदि समय पर सिर मेंं लगी गंभीर चोट का इलाज किया जाए तो इंसान को बचाया जा सकता है। अपोलों ने एक बार नहीं बल्कि बार सड़क दुर्घटना में गंभीर चोट वाले मरीज को ठीक कर दिखाया है। ऐसे लोग आज भी हमारे बीच सामान्य जिन्दगी जी रहे हैं।

                   सुनील शर्मा और राजकुमार ने इस दौरान ऐसे दो मरीजोंं को सबके सामने पेश किया जिन्हें सिर पर सड़क दुर्घटना के दौरान गंभीर चोट पहुंची थी। डाक्टरों ने बताया कि दोनोंं की बहुत गंभीर हालत थी। बचने की संभावना भी कम थी। क्योंकि घायल मरीजोंं को एक साथ कई प्रकार के विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूरत थी। लेकिन दोनों को बचा लिया गया। इसकी मुख्य वजह अपोलों में एक ही छत के नीचे ना केवल इलाज की सारी सुविधाएं थी..बल्कि सभी प्रकार के विशेषज्ञ चिकित्सक भी थे।

                        कार्यशाला में मौत के मुंह से इलाज के बाद बाहर आए पूर्व आई जी राजपाल, सागर नायक, सचिन दिघ्रस्कर ने अपने अनुभवों और लापरवाहियों को साझा किया।  सागर नायक ने बताया कि तीन अलग अलग हदसे मे तीन बार अपोलो में परेशन हुआ। सचिन दिघ्रस्कर और सागर नायक ने बताया कि यदि गाड़ी चलाने के दौरान हेलमेट का उपयोग करता तो शायद सिर की चोट से जरूर बच जाता। सचिन ने कहा कि तेज गति और हेलमेट नहीं लगाने की सजा केवल मुझे ही नहीं बल्कि पूरे परिवार को झेलना पड़ा।

     मुख्य  चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी बी बोर्डे नें सड़क दुर्घटना को बहुत संवेदनशील मुद्दा बताया। कार्यशाला के आयोजक अपोलो हाॅस्पिटल को दिया। उन्होने बताया कि इस प्रकार के कार्यशाला का आयोजन जागरूकता के लिए बहुत जरूरी है। छत्तीसगढ में प्रतिवर्ष लगभग 14000 सड़क दुर्घटनायें होती है । इसमें  4000 लोगों की मौत होती है। ज्यादातर मौत हेलमेट नही पहनने वालों की होती है।

                         अपने भाषण में पुलिस कप्तान आरिफ शेख नें अपोलो के कार्यक्रम की जमकर तारीफ की। उन्होनें कहा कि छत्तीसगढ एक एक्सीडेंट प्रोन राज्य है । यहां अधिकांश दुर्घटनायें दो पहिया वाहनों की होती है। देश में कुल दुर्घटनाओं के 38 से 40 प्रतिशत मामलों में दुर्घटना ग्रस्त लोगों की मौत हो जाती है। यह आकंड़े किसी त्रासदी से कम नहीं है।  सरकार लगातार इन आंकड़ों को कम करने का प्रयास कर रही है। लेकिन आंकड़ों मे गिरावट बिना सामाजिक जागरूकता के कम नहीं किया जा सकता है। दुर्घटनाग्रसत व्ययक्ति को सही समय पर यदि चिकितसकीय सुविधा मिल जाये तो लगभग 50 प्रतिशत मत्यु टाली जा सकती है। जबकि लोग किसी पचड़े से बचने के लिए घायल को अपने हाल में छोड़कर आगे निकल जाते हैं। यदि घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुचा दिया जाए तो उसकी जिन्दगी बच सकती है। जबकि सरकार और कोर्ट ने साफ कह दिया है कि घायल को बचाने वाले को कभी भी  परेशान नही किया जायेगा।

                पुलिस कप्तान ने कहा कि होली एक दिन बाद है। सड़क हादसे से बचने के लिए विशेष सावधानी की जरूरत है हमेशा की तरह होली पर्व में भी है। उन्होने कहा कि शराब पी कर वाहन चलाने वालों पर कडी कार्यवाही की जाएगी। शराब पी कर वाहन चलाते पाये जाने पर ऐसे लोगों की होली जेल में मनेगी।

         डाॅ सजल सेन सीओओ अपोलो हाॅस्पिटल बिलासपुर नें जागरूकता के अभियान का  निरंतर रखनें का आ्श्वासन दिया। अलग अलग संस्थानों में बेसिक लाईफ सपोर्ट प्रशिक्षण  आयोजित करनें, नुक्कड नाटकों के माध्यम से लो्गोंं को जागरूक करने का आश्वासन दिया। डॉ. सेन ने बताया कि अपोलो में प्रतिवर्ष 500से 600 रोड एक्सीउेंट के प्रकरण आते है। धिकांश लोग ठीक होकर घर लौटते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *