90 साल का बूढा बन गया हत्यारा ?..कहा खडा नहीं हो सकता…हत्या कैसे करूंगा…पुलिस ने लड़के को भी नहीं छोड़ा

बिलासपुर— आईजी के दरबार में 90 साल का मुंगेली जिला पथरिया थाना डांडगांव निवासी तुलसी दास पिता टुकारू ने जो बताया उस पर करना मुश्किल है।  आईजी तो नहीं मिले…लेकिन पत्रकारों से लेकर आम जनता को तुलसी सफाई देता रहा कि मैने हत्या नहीं की है। सात महीने बाद जमानत पर जेल से बाहर निकला हूं। बेटा भोपाल में रोजी मजदूरी करता है। पथरिया पुलिस ने उसे भी जेल भेज दिया। मैं टूट चुका हूं..साहब लोग..मुझे न्याय दिला दो।

                         शुक्रवार को मुंगेली जिला पथरिया थाना गांव डांडगांव निवासी तुलसी दास पिता टुकारू खूंटे उम्र 90 साल  तीन हाथ के डंडा के सहारे आईजी कार्यालय पहुंचा। लड़खड़ाते तुलसी के साथ दामाद और बेटी भी थे। शरीर इतना बेजार की लाठी के सहारे भी खड़ा नहीं पा रहा था। तुलसी दास ने बताया कि मुझे 28 जुलाई 2017 में पथरिया पुलिस ने पड़ोसी महिला चन्द्रिका बाई की हत्या के आरोप मेंं जेल भेज दिया। उस समय मैं घर में अकेला था। दिन का समय बाड़ी की रूंधान कर रहा था। बेटा महेन्द्र भोपाल में रोजी मजदूरी करता हैं। घर में  नहींं था। फिर भी पुलिस वालों ने उसे भी नहीं छोड़ा।

                            तुलसी ने पथराई आंखों से बताया कि पड़ोस में रहने वाले प्रिया दास पिता गफ्फल ने 28 जुलाई 2017 में थानेदार को  बताया कि उसकी मांं चन्द्रिका बाई की हत्या मैने की है। मुझे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जानकारी मिलने के बाद बेटा महेन्द्र खूंटे पथरिया आया तो उसे भी 80 साल की चन्द्रिका बाई की हत्या के आरोप में आरोपी बनाया गया। कुछ दिन पहले मेरी जमानत हुई है फरियाद मांंगने आईजी साहब के दरबार में आया हूंं। अब आप लोग ही बताएं कि क्या मैं हत्या कर सकता हूं। जबकि मैं ठीक से खड़ा भी नहीं हो सकता हूं। मेरा बेटा घटना के समय भोपाल में था। उसे भी बुलाकर पुलिस ने जेल भेज दिया है।

जेल में बेगुनाह बेटा

                            90 साल के तुलसी खूटे ने बताया कि गिरफ्तारी के एक दिन पहले शाम को चन्द्रिका बाई का लड़का प्रिया दास अपनी मांं को टाटा मैजिक मैं बैठाकर कही ले गया। किसी ने बताया कि वीमार है। अस्पताल ले गया है। दूसरे दिन मुझे पुलिस पकड़ने आ गयी।  जानकारी मिली की मैने चन्द्रिका बाई की हत्या की है। लड़के को बुलाओ क्योंकि वह भी हत्या में शामिल है। गिरफ्तारी के बाद मुझे कुछ दिन थाने में रखा गया। जब लड़का देखने आया तो उसे भी जेल मे डाल दिया।

                पथराई आंंखों से निकलते आंसुओं के बीच तुलसीराम ने बेटे का अटेंडेंस रजिस्टर दिखाया। तीनों ने बताया कि घटना के समय लड़का भोपाल में रोजी रोटी पर था।

थानेदार ने मारा पीटा और गाली देकर भगाया

                         तुलसी की रोती बिलखती लड़की ने हाथ जोड़कर कहा कि अब आईजी साहब का ही सहारा है। थाने वाले तो हमको मांं बहन की गाली देते हैं। तुलसी ने कहा कि पड़ोंस की चन्द्रिका बाई और उसका बेटा आपस मे ंरोज लड़ाई झगड़ा करते थे। प्रिया दास और उसकी पत्नी पुष्पा बाई मझे रोज मां बहन की गाली देने के साथ अकेला होने के कारण मारते पीटते थे। मामले मेंं 26 जून 2017 को पथरिया थाने में शिकायत करने गया। लेकिन थानेदार ने गाली गलौच और मारपीट कर भगा दिया। इसके बाद मुझे हत्या के आरोप में फंसा दिया गया।

                तुलसी  और उसकी बेटी रंजिता चतुर्वेदी ने बताया हम लोग बहुत कम पढ़े लिखे हैं। समझदार भी नहीं है। इसका फायदा थानेदार ने उठाया और जेल में डाल दिया।

चन्द्रिका हत्यारा उसका बेटा

               तुलसी ने बताया कि चन्द्रिका  बाई की उम्र 80 साल थी। उसके बेटे ने ही उसकी हत्या की है। एक दिन पहले मैजिक से उसे अस्पताल ले गए। जब मर गयी तो हत्या का आरोप मेरे पर लगा दिया गया। घटना के दिन प्रिया दास ने अपनी मां को मारा था। मार के कारण चन्द्रिका बाई की मौत हुई है। मैने थानेदार साहब को बताया था कि मैजिक का ड्रायवर दीनू सब जानता है। पहले तो थानेदार ने उसे पकड़ा। बाद में छोड़ भी दिया। जब मैने इसका विरोध किया तो मुझे डराया धमकाया गया।

                          तुलसी ने कहा आईजी साहब आज नही है कल फिर आकर गुहार लगाउंगा।

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