मैं भी हूं साथ चलने को तैयार…धरमलाल ने कहा…हमारी शान और भारत की पहचान है महामाया की नगरी

बिलासपुर— रतनपुर ना केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। आज भी देश में रतनपुर की चर्चा माता महामायी के अलावा तालाबों को लेकर होती है। दरअसल रतनपुर तालाबों की नगरी है। यह बातें रतनपुर में आयोजित सरस्वती शिशु मंदिर के एक कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कही। धरमलाल ने आयोजित कार्यशाला के विषय रतनपुर का विकास मेरी नजर पर व्याख्यान दिया। उन्होने कहा कि प्रदेश में रतनपुर को ना केवल ऐतिहासिक और धार्मिक बल्कि ऐतिहासिक व्यवस्था को लेकर भी याद किया जाता है।

                          सरस्वती शिशु मंदिर रतनपुर में आयोजित रतनपुर का विकास मेरी दृष्टि में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में गणमान्य नागरिकों का विशेष सम्मान किया गया। कार्यशाला को मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने संबोधित किया बल्कि विषय वस्तु रतनपुर मेरी दृष्टि विषय पर प्रकाश भी डाला।

                       धरम लाल कौशिक ने बताया कि रतनपुर का प्राचीन नगरीय स्वरूप आज भी प्रासंगिक है। इतिहास गवाह कि तात्कालीन राजतंत्र व्यवस्था को आज भी गर्व से याद किया जाता है। लोगों को आश्चर्य होता है कि जिन सुविधाओं को लेकर हम आज विचार विमर्श कर रहे हैं…सब रतनपुर रियासत में पूर्ण विकसित स्वरूप में थे। इक्का दुक्का रियासतों और राजाओं की जनहित व्यवस्था को छोड़कर रतनपुर जैसी जनहित व्यवस्था देश में रही हो।

          धरमलाल ने कहा कि राजा रत्नदेव ने रतनपुर नगर को ना केवल बसाया बल्कि छत्तीसगढ़ की राजधानी भी बनाया । सभी धर्म और परंपराओं का सम्मान किया । लोगों की सुख सुविधाओं को राजा रत्नदेव ने प्रमुखता से लिया।  मन्दिर, अस्तबल, कुआ, बावली, मजार बनवाएं। हजारों की संख्या मे तालाब बनवाकर लोगों को एक साथ पानी पर अधिकार दिया। हमें मिलकर प्राचीन व्यवस्था को समय के साथ विकसित करना है। सरकार कर भी रही है।

              प्रदेश अध्यक्ष ने बताया रतनपुर तालाबो की नगरी है। सड़क, ड्रेनेज, पानी की व्यवस्था को बेहतर किया जा रहा है। रतनपुर की गरिमा और सम्मान को ना केवल प्रदेश में बल्कि हिंदुस्तान में स्थापित करना है। इसके लिए रतनपुर के लोगों को मिलकर काम करना होगा। समग्र विकास के लिए सबकों कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा। सरकार आपके साथ है…योजना बनाकर सरकार के सामने पेश करें…मैं भी आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार हूं।

                 कार्यशाला में माणिकलाल सोनी, अनिल कुमार त्रिपाठी, नीरज तिवारी, होरी सिंह ठाकुर, टी एल वर्मा, अब्दुल्ला खान, श्यामा बाई का सम्मान किया गया। इस दौरान रतनपुर के गणमान्य और सम्मामित लोगों के अलावा  रजनीश सिंह, जुड़ावन सिंह, सुनील सोंथालिया, नरेंद्र नाथ शर्मा, घनश्याम रात्रे, कन्हैया यादव, डॉ0 सुनील जायसवाल, अनूप पांडे, सुरेश सोनी, मुकेश श्रीवास्तव,शिव मोहन बघेल, भूपचन्द शुक्ला विशेष रूप से मौजूद थे।

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