आगस्ता वेस्टलैंडःअब Twitter WAR,डॉ.रमन के “सत्यम् किम् प्रमाणम् ” के जवाब में भूपेश का ” प्रत्यक्षम् किम् प्रमाणम्”

रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से आगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीदी के मामले में मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह और उनके सांसद पुत्र अभिषेक सिंह के सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वराज अभियान की वह याचिका खारिज कर दी है , जिसमें घोटाले के आरोपों की जाँच SIT  से कराने की माँग की गई थी। यह खबर आने के बाद छत्तीसगढ़ में राजनैतिक नेताओँ  के बीच आरोप – प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है और ट्विटर पर कमेंट किए जा रहे हैं। फैसला आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पहले ट्विट किया कि यह याचिका राजनीति से प्रेरित है और उन्होने आगे लिखा- सत्यम् किम् प्रमाणम्….। इसके कुछ मिनट बाद ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने ट्विट किया कि जनता सच जानती है और आगे लिखा कि प्रत्यक्षम् किम् प्रमाणम्….।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से याचिका खारिज किए जाने के बाद सीएम डॉ. रमन सिंह ने  सत्यम् किम् प्रमाणम् लिखते हुए ट्विट किया कि  यह याचिका राजनीति से प्रेरित होकर लगाई गई थी। उन्हे  कोर्ट मे  तीन बार हार का सामना करना पड़ा , यह बताता है कि वे किस तरह की रणनीति में लिप्त थे।

इसके तुरत  बाद कांग्रेस  की ओर लगातार ट्विट किए गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने लिखा कि प्रत्यक्षम किम प्रमाणम् : सरकार ने माना कि टेंडर डालने वाले तीनों कंपनियों को एक ही व्यक्ति चला रहा था। जनता सच जानती है।भूपेश ने लिखा  कि प्रत्यक्षम् किम् प्रमाणम् : पनामा पेपर्स में दर्ज है कि विदेश में काला धन जमा करने के लिए रमन सिंह के कवर्धा के पते पर खाता खोला गया। खाता खोलने वाला अभिषाक सिंह कौन है, यह सच भी बताएं डॉ. रमन सिंह…..।

भूपेश बघेल ने आगे फिर लिखा कि प्रत्यक्षम् किम् प्रमाणम् : सरकार ने माना कि अगुस्टा हेलिकॉप्टर की ख़रीदी में बाज़ार मूल्य से 1.324 मिलियन डॉलर यानी लगभग 8.5 करोड़ रुपए अधिक का भुगतान किया गया। सच झूठ का फ़ैसला जनता करेगी।

डॉ. रमन सिंह  , सत्य की जांच न हो पाए तो झूठ सच नहीं हो जाता।अभी भी यह सवाल बाकी है कि वह ‘अभिषाक सिंह’ कौन है जिसने आपके पते पर BVI में कालाधन जमा करने के लिए खाता खोला था?

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