बजट पर रहेगी शिक्षाकर्मियों की नज़र…फूटेंगे पटाखे…या,, आनलाइन चलेंगे सवालों के तीर

बिलासपुर— शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह 13 वीं बार विधानसभा में बजट पेश करेंगे। बजट के बाद मुख्यमंत्री आनलाइन लोगों के सवालों का जवाब देंगे। दौरान बजट की जानकारी भी देंगे। बजट पेश करते समय प्रदेश के एक लाख 80 हजार शिक्षाकर्मी टीवी पर टकटकी लगाकर संविलियन की घोषणा का भी इंंतजार करेंंगे। शिक्षाकर्मियोंं ने प्रश्न तैयार कर लिया है।
            मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह अपने 15 साल के शासन काल में 13 वीं बार राज्य का बजट शनिवार को पेश करेंगे। बजट पेश करने के बाद मुख्यमंत्री  डॉ.रमन सिंह फेसबुक आनलाइन पर लोगों के सवालों का जवाब देंगे। इस दौरान बजट की जानकारी देंगे। दूसरी तरफ 1 लाख 80 हजार शिक्षाकर्मियों ने भी सीएम के लिए सवाल  तैयार कर लिया है। शिक्षक मोर्चा संचालक संजय शर्मा ने बताया कि उम्मीद है कि बजट में संविलियन पर मुख्यमंत्री कुछ निर्णय जरूर लंगे। देखने वाली बात है कि निर्णय क्या होगा। लेकिन हमारे साथियों ने सीएम के लिए सवाल तैयार कर लिया है।
                                              संजय शर्मा ने बताया कि शिक्षाकर्मियों की संविलियन को बनी कमेटी तीन महीने बाद सरकार को रिपोर्ट देगी। ऐसी सूरत में हम लोग बजट को लेकर बहुत उत्साहित भी नहीं है। क्योंकि रिपोर्ट मिलने के बाद ही संविलियन में विचार किया जाएगा। ऐसी सूरत में संभावना बहुत कम है कि बजट में शिक्षाकर्मियों के संविलिययन मुख्यमंत्री सीधा ऐलान करें।
                संजय ने बताया कि यदि बजट भाषण में मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने संविलियन की घोषणा  कर देते हैं तो शनिवार को प्रदेश का एक एक शिक्षाकर्मी मुख्यमत्री को आनलाइन फेसबुक पर अपने परिवार के साथ मुखिया को धन्यवाद देगा। संविलियन का ऐलान नहीं होने की सूरत में सभी शिक्षाकर्मी फेसबुक पर सीएम से संवाद कोशिश जरूर करेंगे।कोई भी शिक्षाकर्मी परिवार मौके को छोड़ना नही चाहेगा।
                                   संजय शर्मा के अनुसार आंदोलन के दौरान मोर्चा ने  अपनी मांगो को मुख्यमंत्री समेत आला अधिकारियों से रूबरू होकर दिया था। फिर से पन्द्रह दिन के लिए ज्ञापन देने का अर्थ सब समझ समझते है। फिर भी हम एक बार अपना प्रतिवेदन जरूर देंगे।
                                                       संजय शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश का हिस्सा ही था। जब मध्यप्रदेश में संविलियन हो सकता है तो छत्तीसगढ़ में फिर क्यो नही हो सकता है।  शिक्षाकर्मियों की मांगों को लेकर जो कमेटी बनी है, तीन महीने के  पूरा होते ही शिक्षा कर्मियों के संविलियन की रिपोर्ट सरकार को देगी। प्रदेश  सरकार शिक्षा कर्मियों की संविलियन की मांग को लागू करे।

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