छत्तीसगढ़ को रमनमुक्त करने अजीत जोगी राजनांदगांव से लड़ेंगे चुनाव,11 को होगा शंखनाद

रायपुर।जनता काँग्रेस सुप्रीमो अजीत जोगी ने रविवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और भाजपा का चेहरा डॉ रमन सिंह के विरुद्ध चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इस निर्णय पर जनता की मुहर लगाने और चुनावी शंखानंद करने,अजीत जोगी 11 फरवरी को रायपुर से राजनांदगांव जायेंगे और राजनांदगांव की जनता के बीच इस निर्णय की अधिकृत घोषणा करेंगे।डॉ रमन सिंह से छत्तीसगढ़ के दुखी किसानों का बदला, हताश बेरोजगार युवाओं का बदला, पीड़ित महिलाओं का बदला और परेशान व्यापारियों का बदला लेने और इन वर्गों का भाग्य बदलने, अजीत जोगी ने, मुख्यमंत्री रमन सिंह के विरुद्ध चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।छत्तीसगढ़ को भ्रष्टाचार-मुक्त अत्याचार-मुक्त, बेरोजगारी-मुक्त और शराब-मुक्त बनाने के लिए, रमन-मुक्त करना आवश्यक है इसलिए अजीत जोगी, मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के विरुद्ध चुनाव लड़ेंगे और उन्हें पराजित कर छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण की नींव रखेंगे।

डॉ रमन सिंह के विरुद्ध अजीत जोगी के चुनाव लड़ने के निर्णय की नींव दो साल पहले ही कोटमी में रख दी गयी थी। छत्तीसगढ़ के हितों के निर्णय छत्तीसगढ़ के लोगों द्वारा छत्तीसगढ़ में ही लिए जाने की व्यवस्था स्थापित करने नए राजनीतिक दल बनाने का ऐलान कोटमी में किया गया था। उसके बाद डॉ रमन सिंह के गृह क्षेत्र ठाठापुर में नए दल का नामकरण हुआ और वहीं से जोगी ने जनहित के लिए रमन सिंह के विरुद्ध जनसंग्राम की शुरुआत की थी।अब जोगी 11 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के विधानसभा राजनांदगांव जाकर जनसंग्राम को उसके अंजाम तक पहुंचाएंगे और रमन सिंह को इस वर्ष होने वाले चुनाव में भारी मतों से हराएंगे।

अजीत जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सीधा मुकाबला रमन और जोगी के बीच होगा, जनता की निराशा और आशा के बीच होगा। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने निरंतर पिछले चौदह वर्षों से मेरी पारिवारिक, राजनितिक और सामाजिक हत्या करने का प्रयास किया है। अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने मेरे पुत्र को झूठे मामलों में फंसा कर मेरी पारिवारिक हत्या का प्रयास किया। उच्चतम न्यायालय ने मेरे पुत्र को झूठे मामलों से बाइज्ज़त बरी कर दिया।अपने दुसरे कार्यकाल में रमन सिंह ने मुझ पर हत्या और डकैती का झूठा मामला बनाया और मेरी राजनितिक हत्या का प्रयास किया।इस मामले को भी न्यायालय ने सिरे से खारिज कर दिया और अब अपने तीसरे कार्यकाल में उन्होंने मेरी जाति, मेरा सामाजिक अस्तित्व मिटाने के लिए हाई पॉवरड कमिटी का सहारा लिया, लेकिन हाई पॉवरड कमिटी को ही उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया। इस प्रकार डॉ रमन सिंह ने हर वो षड़यंत्र रचा, जिससे मेरा और मेरे परिवार का नामो निशान छत्तीसगढ़ से मिट जाए। क्योंकि वो भली-भाँती जानते हैं कि “जोगी” ही उनको सत्ता से हटा सकता है।

पिछले चौदह वर्षों से डॉ रमन सिंह, कुछ विपक्षी नेताओं के साथ मिलकर ​मुझे मिटाने के एजेंडे पर काम करते रहे हैं। अनेकों बार  डॉ रमन सिंह द्वारा षड़यंत्र पूर्वक मेरे विरुद्ध उत्पन्न की गयी राजनितिक परिस्थितियों का मैंने, मेरे परिवार ने और मेरे लाखों समर्थकों ने डटकर सामना किया है । यही कारण है कि हर चुनौती के साथ छत्तीसगढ़ में मेरा जनाधार कई गुना बढ़ा। जनता का मुझ पर विशवास कई गुना बढ़ा। इस बार अपने दम पर, छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता के दम पर, मैं मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के विरुद्ध चुनाव लड़कर, छत्तीसगढ़ में होने वाले चुनाव का एजेंडा सेट कर रहा हूँ। छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरा देश चाहता है कि मुकाबला रमन-जोगी के बीच हो।

यही तर्कसंगत है, यही न्यायसंगत है और यही जनता चाहती है। भगवान् राम ने सीता माता के लिए रावण से युद्ध किया था। उसी तरह मैं अपने छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़वासियों को बचाने के लिए रमन सिंह से मुकाबला कर रहा हूँ । चारों तरफ त्राहि और लूट से जनता त्रस्त हो चुकी है। मेरे जीवन का केवल एकमेव उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ की जनता को कुशासन से मुक्त कर अमीर धरती गरीब लोग के अभिशाप को मिटाऊँ और छत्तीसगढ़ को देश का सबसे अग्रणी और विकसित राज्य बनाऊं। चौदह साल के वनवास के बाद अब इतिहास बनाने का समय आ गया है और मैं पूरी तरह तैयार हूँ।

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