अब कोर्ट ही करेगा फैसला…कांग्रेस नेता ने कहा…किसानों को मिलेगा तानाशाही के खिलाफ न्याय

बिलासपुर– कांग्रेस नेताओं ने सरकार की मुआवाजा नीतियों का विरोध किया है। कांग्रेसियों ने बताया कि पुरानी घोषणाओं पर अधिकारी लोग जानबूझकर नई नीतियों को थोप रहे हैं। यदि मामले का निराकरण नहीं किया जाएगा तो हाईकोर्ट का सहारा लिया जाएगा। कांग्रेस स्पोकपर्सन अनिल चौहान ने बताया कि गरीब किसान सरकार को जमीन देने के बाद ढगा महसूस कर रहे हैं। मुआवजा राशि के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

                       कांग्रेस नेता अनिल चौहान और अजय सिंह ने शासन पर तानाशाही का आरोप लगाया है। अनिल और अजय सिंह ने बताया कि शासन ने खारंग जलाशय का निर्माण किया। डूबान क्षेत्र के किसानों को शासन ने मुआवाजा देने का एलान किया। विस्थापित किसानों को अलग से पांच लाख रूपए भी देने का एलान किया गया। बावजूद इसके कई किसानों को आज तक ना तो जमीन की राशि मिला और ना ही विस्थापन मुआवजा राशि ही दी गयी है।

                                        अनिल सिंह बताया कि शासन ने अक्टूबर 2017 में खैरा निवासी किसान की जमीन को शासन ने अधिकगृहित करने का आदेश दिया। शासन के अनुसार किसान को दशमलव पन्द्रह एकड़ जमीन के लिए कुल डेढ़ लाख रूपए देगा। बावजूद इसके अभी तक नाही मुआवजा राशि दी गयी। और ना ही विस्थापन की राशि।

               अनिल के अनुसार जिला प्रशासन कहता है कि शासन ने नया नियम बनाया है। अब किसानों को जमीन की मूल राशि के साथ जमीन की कुल कीमत की राशि अलग से देगी। मतलब जिस किसान को साढ़े छःलाख मिलना चाहिए अब उसे मात्र दो लाख पच्चीस हजार रूपए ही मिलेंगे। सरकार का निर्णय ना केवल अन्यायपूर्ण बल्कि किसानों के साथ धोखा देने वाला है।

             अनिल ने बताया कि अफसरशाही से किसान परेशान हैं। पुराने आदेश को मानने से इंकार कर दिया है। मामले को कोर्ट में ले जाएंगे। अब कोर्ट से ही न्याय की उम्मीद है।

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