बोफोर्स: हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची CBI

नईदिल्ली।बोफोर्स मामले में सीबीआई ने 2005 के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले में हाई कोर्ट ने सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया था।बरी किये जाने के 12 साल बाद सीबीआई के इस कदम से देश की राजनीति गरमा सकती है। सीबीआई ने अटॉर्नी जनरल के सुझाव के बाद ये याचिका दायर की है। उन्होंने हाल ही में सीबीआई को सुझाव दिया था।सूत्रों का कहना है कि विचार-विमर्श के बाद सीबीआई कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों और सबूतों के आधार पर हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देगी।सीबीआई ने अपील दायर की है जिसमें 31 मई, 2005 को हाई कोर्ट ने अपने फैसले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। जिसमें यूरोप में रह रहे उद्योगपति हिन्दुजा बंधुओं को 64 करोड़ के इस घोटाले में बरी कर दिया गया था।

अटॉर्नी जनरल ने इस मामले में दायर बीजेपी नेता अजय अग्रवाल की याचिका पर सीबीआई को कहा था कि वो एक प्रतिवादी को तौर पर केस तैयार करे।अजय अग्रवाल ने 2005 के इस फैसले को चुनौती दी थी। क्योंकि सीबीआई ने 90 दिनों के अंदर इस मामले में याचिका दायर नहीं की थी। जबकि किसी फैसले के खिलाफ याचिका दायर करने के लिये 90 दिन की ही मियाद होती है.अजय अग्रवाल ने रायबरेली में सोनिया गांधी के खिलाफ 2014 का चुनाव लड़ा था।दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस आरएस सोधी (रिटायर्ड) ने बोफोर्स मामले में सीबीआई के केस को खारिज कर दिया था।दिल्ली हाई कोर्ट के एक और जस्टिस जेडी कपूर ने 2004 में इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को बरी कर दिया था। लेकिन उन्होंने साथ ही निर्देश दिया था कि बोफोर्स कंपनी के खिलाफ धारा 465 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जाए।

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