शिक्षाकर्मीःविकास राजपूत की माँग-आठ वर्ष का बन्धन समाप्त कर समस्त शिक्षक पंचायत संवर्ग का संविलियन हो

रायपुर । मध्य प्रदेश में शिक्षा कर्मियों के संविलयन पर सहमति बनने के बाद अब छत्तीसगढ़ के शिक्षा कर्मियों के मन में भी उम्मीद जग रही है कि जल्दी ही छत्तीसगढ़ में भी संविलयन को लेकर पहल शपरू कर दी जाएगी। लेकिन इस बीच यह  मामला भी चर्चा में है कि 8 साल से अधिक सेवा अवधि वाले शिक्षा कर्मियों का ही संविलयन छत्तीसगढ़ में हो पाएगा। इसे लेकर अभी से प्रतिक्रिया शुरू हो गई है। कई संगठन इसे लेकर सामने आ रहे हैं। इसी सिलसिले में  शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय के प्रदेश संचालक विकास सिंह राजपूत व नवीन  शिक्षाकर्मी संघ महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा जाटव ने एक बयान जारी कर कहा है कि छत्तीसगढ़ में भी मध्यप्रदेश की तरह ही 8 वर्ष का बंधन समाप्त कर सभी शिक्षक पंचायत संवर्ग का संविलयन करने की माँग की है।
  संघठन की ओऱ से जारी बयान में कहा गयाहै कि  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कुछ दिनों पहले अपने निवास मे अध्यापक संवर्ग के संगठनों से चर्चा करते हुए 2 लाख 84 हजार अध्यापक संवर्ग का स्कूल शिक्षा विभाग मे संविलियन कर शासकीय करण करने का साहसिक निर्णय लेकर शिक्षा के क्षेत्र मे सिर्फ शिक्षक पद ही रहने की बात पर जोर दिया  । जिससे मध्यप्रदेश के कभी अंग रहे छत्तीसगढ़ राज्य मे पंचायत विभाग के अंतर्गत नियुक्त शिक्षक पंचायत संवर्ग के मन मे भी आशा की किरण जगी है ।
विदित हो की मध्यप्रदेश से ही शिक्षाकर्मी भर्ती नियम 1997 प्रारम्भ हुआ था । जो 1998 से लगातार भर्ती प्रक्रिया आज तक चलती रही है और छत्तीसगढ़ मे इस बीच भर्ती नियम मे संशोधन भी हुआ। छत्तीसगढ़ के शिक्षक पंचायत संवर्ग द्वारा 1998 व 2000 मे छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से पंचायत विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग मे संविलियन की मांग को लेकर सतत संघर्ष करते आ रहे है । 2012 व 2017 मे विकास सिंह राजपूत,संजय शर्मा,केदार जैन,वीरेंद्र दुबे,चन्द्रदेव राय के नेतृत्व  व्यापक रूप से आंदोलन भी हुआ । जिसमे 2012 मे आठ वर्ष पूर्ण कर चुके शिक्षक पंचायत संवर्ग को शिक्षको के समतुल्य वेतनमान प्रदान करने का आदेश शासन द्वारा जारी किया गया और 2017 के आंदोलन के बाद शिक्षक पंचायत संवर्ग के मांगो पर निर्णय लेने के लिए मुख्य सचिव के अध्यक्षता मे कमेटी  शासन द्वारा गठित कर दिया गया है ।  कमेटी को तीन माह मे रिपोर्ट देने कहा गया है और प्रदेश के 1 लाख 80 हजार शिक्षाकर्मियों को कमेटी के निर्णय का बेसब्री से इंतजार है।



शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय के प्रदेश संचालक विकास सिंह राजपूत व नवीन  शिक्षाकर्मी संघ महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा जाटव ने स्पष्ट रूप से कहा है की मध्यप्रदेश की तरह ही छत्तीसगढ़ राज्य मे भी आठ वर्ष का बन्धन समाप्त कर 1 लाख 80 हजार शिक्षाकर्मियों का पंचायत विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग मे संविलियन किया जाय । जिससे छत्तीसगढ़ राज्य मे एक स्कूल एक शिक्षक पद एक विभाग मे शिक्षक पद मे ही सब कार्य कर सके। यह जानकारी छत्तीसगढ़ नवीन शिक्षा कर्मी संघ   के महासचिव गिरीश साहू ने एक विज्ञप्ति में दी है।

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