जस्टिस लोया मौत मामला:जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को करेगा सुनवाई

supreme courtनईदिल्ली।सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि सीबीआई जज बृजगोपाल लोया की साल 2014 में हुई संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की स्वतंत्र जांच के लिए दायर अर्जी पर वह सुनवाई करेगा।सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील अनीता शिनॉय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में तीन जजों की पीठ से तत्काल सुनवाई की मांग की।लोया चर्चित सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले की सुनवाई कर रहे थे, इस केस में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष अमित शाह अभियुक्त थे। हालांकि लोया के बाद सुनवाई करने वाले जज ने अमित शाह को सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले में बरी कर दिया था।शाह के साथ अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया गया था, जिसमें गुजरात पुलिस के कई शीर्ष पुलिस अधिकारी शामिल थे।आपको बता दें कि कारवां नामक पत्रिका ने 21 नवंबर, 2017 के संस्करण में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें संदिग्ध परिस्थितियों में जज लोया की 2014 में हुई मौत पर सवाल उठाए थे और सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ केस से इसे जोड़ा था।जस्टिस लोया की मौत को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उनके बेटे ने भी बॉम्बे हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस मंजुला चेल्लूर से मुलाकात की थी।इस मामले में बंबई लायर्स एसोसिएशन (बीएलए) ने भी बंबई हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। बीएलए ने विशेष सीबीआई अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बृजगोपाल हरिकृष्ण लोया की मौत की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने की मांग की है।

क्या है सोहराबुद्दीन शेख केस?
इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी घमासान हुआ था। सोहराबुद्दीन शेख को गुजरात में नवंबर 2005 में एक मुठभेड़ में मार गिराया गया था।मामले की जांच करने वाली सीबीआई के मुताबिक, शेख तथा उसकी पत्नी कौसर बी को गुजरात एटीएस की टीम ने कथित तौर पर तब पकड़ा था, जब वे बस से आंध्र प्रदेश के हैदराबाद से महाराष्ट्र के सांगली जा रहे थे।शेख को गांधीनगर के निकट मुठभेड़ में मार गिराया गया था, जबकि उसकी पत्नी को कुछ दिनों बाद मारा गया था। शेख को वैश्विक आतंकवादी संगठन से जुड़ा बताया गया और कहा कि वह ‘हमले की साजिश’ कर रहा था।दंपत्ति के साथ यात्रा कर रहे एक सह यात्री तुलसीराम प्रजापति को दिसंबर 2006 में बनासकांठा जिले के छापरी गांव में मुठभेड़ में पुलिस ने मार गिराया था। प्रजापति इस मामले का एकमात्र चश्मदीद था।

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