किसानों की दुर्दशा के लिए सरकार जिम्मेदार,भूपेश ने विस में रखी कर्ज माफी की मांग

bhupesh_baghel_novरायपुर।बुधवार को विधानसभा में शीतकालीन सत्र के पहले दिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से सरकार पर किसान विरोधी मानसिकता से ग्रस्त होने का आरोप लगाते हुये सरकार से पूछा कि चुनाव के समय किसानों को प्रतिक्विंटल 2100 रू. का समर्थन मूल्य और 300 रू. प्रतिक्विंटल बोनस हर वर्ष देने का वादा करने वाली भाजपा सरकार सत्ता में आते ही किसानों को किये घोषणा के संदर्भ में बात करना ही बंद कर दिया। यूपीए के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समय हर साल समर्थन मूल्य और बोनस देने के लिये चिट्ठी लिखने वाली रमन सरकार,नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही ऐसी क्या बात हो गयी समर्थन मूल्य और बोनस के संदर्भ में चिट्ठी लिखना ही बंद कर दिया।



प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुये कहा कि एक ओर प्रदेश के किसान आत्महत्या के लिये लटकते रहे और दूसरी ओर रमन सिंह सुआ नाच करते मटकते रहे। भूपेश बघेल ने सरकार को कोसते हुये कहा कि छत्तीसगढ़ की परंपरा में हर त्योहार हर साल मनाने की रहती है, इसके विपरीत सरकार क्यों पांच साल में एक बार बोनस तिहार का ढकोसला कर रही है। बोनस देने के नाम पर किसानों को जबरदस्ती बुलाया जा रहा है और बटन दबाकर कह दिया जा रहा है कि आपके खाते में बोनस का पैसा चला गया किन्तु दुर्भाग्य है कि आज भी कई किसान बोनस के पैसे प्राप्त करने से वंचित है और भटक रहे है।



प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से पूछा कि 96 तहसीलों में सूखा घोषित कर दिये जाने के बावजूद अभी तक किसानों को बीमा का पैसा क्यों नहीं मिल पाया है? क्यों सूखा घोषित होने के बावजूद किसानों से ऋण वसूली हो रही है? किसानों का हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार ने अब तक किसानों के 3500 करोड़ रू. के कृषि ऋण क्यों माफ नहीं किये हैं?

भूपेश बघेल ने कहा कि वास्तविकता यह है कि सरकार के अर्कमण्यता के चलते प्रदेश के किसान तकलीफों में है, परेशानियों से गुजर रहे हैं, सरकार से किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं मिलने के कारण दुखी है और इन्हीं सब कारणों से राज्य के किसान आत्महत्या करने के लिये विवश हो रहे है, किन्तु राज्य की भारतीय जनता पार्टी की रमन सरकार इन सब से बेपरवाह और असंवेदनशील हो गयी है।



हम सरकार से मांग करते है कि सरकार सूखा पीड़ित किसानों के तत्काल ऋण माफी की घोषणा करें। बीमे की राशि का तत्काल भुगतान करें। किसानों से किये वायदों के अनुरूप पूरे पांच साल का प्रतिक्विंटल के हिसाब से 2100 रू. धान का समर्थन मूल्य और 300 रू. बोनस का बकाया पूरा राशि किसानों के खाते में जमा करायें और आत्महत्या करने वाले किसानों के पीड़ित परिवार को समुचित आर्थिक सहायता प्रदान करें।

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