एक्सिस बैंक ने दिया ग्राहक को धोखा…पीड़ित ने पुलिस कप्तान से कहा…420 और धोखाधड़ी मामला करें दर्ज

IMG20170922153240बिलासपुर—एक्सिस बैंक सीपत ब्रांच खाताधारक ने पुलिस कप्तान से बैंक प्रबंधन के खिलाफ 420 और धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की मांग की है। पुलिस प्रशासन ने जांच के बाद मामला दर्ज करने का आश्वासन दिया है। पीडित ने पुलिस प्रशासन को बताया कि एक्सिस बैंक सीपत ब्रांच ने पचास हजार की खरीदारी पर एक लाख सत्तर हजार रूपए की मांग की है। इसके अलावा पांच साल के फिक्स रिकरिंक खाता को बिना पूछे मैक्स लाइफ इंश्यूरेंस में बीस साल के लिए फ्रीज कर दिया है।

                     एक्सिस बैंक खाताधारक सतीशधर ने पुलिस प्रशासन से सीपत ब्रांच एक्सिस बैंक प्रबंधन के खिलाफ धोखाधडी किए जाने की शिकायत की है। सतीश ने लिखित शिकायत कर बताया कि बैंक प्रबंधन ने जानकारी दिए बिना रिकरिंग खाता को बीस साल के लिए फ्रीज कर दिया है। 2011 में सीपत रोड एक्सिस ब्रांच में सेविंग खाता खोला था। तात्कालीन बैंक प्रबंधन ने जबरदस्ती क्रेडिट कार्ड भी थमा दिया। प्रबंधन ने बताया कि कार्ड से खरीदारी में आसानी होगी। खरीदारी का भुगतान महीने में किया जा सकता है। प्रबंधन ने बताया कि 60 दिन में भुगतान नहीं होने पर मामूली सरचार्ज लगेगा।

                                   क्रेडिड कार्ड मिलने के बाद मैने ना केवल खरीदारी की…बल्कि बैंक को महीने में पांच हजार का भुगतान भी किया। लेकिन बैंक ने एक बार भी स्टेटमेंट नहीं दिया। इस बीच क्रेडिट कार्ड से खरीदारी की प्रक्रिया 2014 से 2016 के बीच तक चलती रही। बैंक जाकर भुगतान भी किया। लेकिन स्टेटमेंट के नाम पर सर्वर डाउन होने का हवाला दिया जाता रहा। इस बीच बैंक ने एक पत्र दिया कि क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 70 हजार रूपयों की खरीदारी हुई है। मैने हिसाब किताब कर बताया कि बैंक को मात्र 50 हजार रूपए देना है। बैंक ने बिल नहीं पटाए जाने पर महीने के हिसाब से एक हजार से पांच हजार रूपए का व्याज लगाना बताया। जबकि मैंने हर महीने बिल पटाया था।

                            इसके बाद बैंक ने वसूली के लिए सेविंग अकाउन्ट ब्लाक कर दिया। मैने कोर्ट जाने की धमकी दी तो बैंक ने समझौता कर मामले को 70 हजार रूपए में निपटाया। बावजूद इसके अकाउन्ट को खोला नहीं खोला। जबकि सेविंग अकाउन्ट से कार और मशीन की किश्त का भुगतान होता है। चेक बाउंस होने का सामना भी किया। मेरा क्रेडिट भी खऱाब हो गया है।

बिना जानकारी बीस साल के लिए फ्रीज

                                पुलिस प्रशासन को सतीश ने बताया कि मेरा 65 हजार और 35 रूपए के सालाना हिसाब से एक्सिस बैंक में रिकरिंग के दो खाते हैं। 65 हजार वाला खाता पांच साल के लिए 2011 में और 35 हजार वाला दूसरा खाता भी पांच साल के लिए 2015 में खोला था। सेविंग अकाउन्ट ब्लाक होेने के बाद मैने बैंक प्रबंधन से कहा कि करंट एकाउन्ट को बंद किया जाए। जिन्हें पाच साल के लिए खोला था…समय भी पूरा हो चुका है। क्योंकि कार और मशीन की किश्त पटाने में परेशानी हो रही है।

                           बैंक प्रबंधन ने जो बताया इसके बाद मेरे होश उड़ गए। तात्कालीन एक्सिस बैंक मैनेजर दीप ने अकाउ्ट के रूपयों को 20 और 15 साल के लिए मैक्स लाइफ इन्श्यूरेंस पालिसी में जमा किया है। यदि समय से पहले पालिसी को तोड़ा गया तो 40 लाख की जगह केवल डेढ़ लाख रूपए ही मिलेंगे। मैने तात्काल वर्तमान प्रबंधक से शिकायत की…। मामले में उन्होने मदद से इंकार कर दिया। जबकि मैने रूपयों को पांच साल के लिए जमा किया था। लेकिन प्रबंधन ने बिना पूछे निजी स्वार्थ में मेरे रूपयों को बीस साल के लिए फ्रीज कर दिया।

                     सतीशधर ने पुलिस प्रशासन को बताया कि मेरे साथ धोखाधड़ी हुई है। पहले क्रेडिट कार्ड के नाम पर ठगा गया। अब मेरे लाखों रूपयों को बिना बताए इंश्यूरेंस कर दिया गया। बैंक प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी और 420 का मामला दर्ज किया जाए।

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