रेलमंत्री को ट्वीट…हरकत मेंं आई पुलिस….आगरा में एफआईआर दर्ज..

rail....बिलासपुर—यात्रियों की जान और माल की सुरक्षा रेल प्रशासन की जिम्मेदारी है। रेल मंत्रालय का कुछ ऐसा ही दावा है। इन दावों में सच्चाई कम हवा ज्यादा है। मथुरा और आगरा के बीच चलती गाड़ी में स्लीपर कोच से एक सफाई कर्मी ने यात्री की महंगी मोबाइल को पार कर दिया। प्रभू को ट्वीट करने के बाद भी मोबाइल नहीं मिला।

                   चलती गाड़ी में मोबाइल चोरी होने के बाद पीड़ित ने हीराकुण्ड एक्सप्रेस में पुलिस को बहुत तलाशा। लेकिन कोई भी जवान नजर नहीं आया। आखिर में विशाल कुमार ने प्रभू को ट्वीट पर याद किया। तब कहीं जाकर आगरा में एफआईआर दर्ज किया गया।

                    विशाल कुमार हीराकुण्ड एक्सप्रेस से रविवार दोपहर को निजामुद्दीन से चांपा के लिए रवाना हुए। सीजी वाल को फोन पर विशाल ने बताया कि ए-वन कोच में 31, 32 और 33 नंबर की बर्थ मिली। मैने एक प्लग में मोबाइल चार्ज करने के लिए लगाया। पलक झपकते ही मोबाइल पार हो गयी।

                                      विशाल ने फोन पर बताया कि मोबाइल को प्लग में लगाने के बाद बर्थ पर लेट गया। मथुरा और आगरा के बीच एक सफाईकर्मी आया। थोड़ी देर इधर उधर ताक झांक के बाद मोबाइल लेकर चलता हुआ। मैने उसकी इस हरकत को सामान्य समझा। लेकिन महसूस किया कि सफाई कर्मी ने मेरी मोबाइल पर हाथ किया है। मौके पर मोबाइल नहीं पाकर तत्काल सफाईकर्मी का पीछा किया। लेकिन तब तक वह आखों के सामने से गायब हो चुका था।

          विशाल कुमार ने बताया कि मोबाइल चोरी के बाद पुलिस को तलाशा…लेकिन कोई भी जवान नजर नहीं आया। आनन फानन में दूसरी मोबाइल से रेल मंत्री सुरेश प्रभू को ट्वीट किया।जैसे ही हीराकुण्ड एक्सप्रेस आगरा पहुंची। पुलिस हरकत में दिखाई दी। प्रभू को ट्वीट करने के बाद मेरा एफआईआर दर्ज किया गया।

                       विशाल ने बताया कि आगरा पुलिस ने हीराकुण्ड एक्सप्रेस के अंदर सभी सफाई कर्मियों की पहचान परेड कराई। पहचान परेड के दौरान सफाई कर्मी को पहचान लिया। लेकिन तलाशी के दौरान उसके पास गायब मोबाइल नहीं मिली। आगरा पुलिस ने मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

                                             बहरहाल इस घटना से साबित हो गया कि जब एसी कोच के यात्री सुरक्षित नहीं हैं तो स्लीपर और सामान्य डिब्बों में यात्रा करने वालों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। एसी कोच से देखते देखते सफाई कर्मी ने महंगी मोबाइल आसानी से पार कर दिया। तलाशी के बाद मोबाइल का नहीं मिलना..यह समझने लिए पर्याप्त है कि हीराकुण्ड एक्सप्रेस में सामानों की चोरी करने वालों का रैकेट सक्रिय है। जो आखों से काजल चुराने में माहिर हैं। मिलीभगत से इंंकार नहींं किया जा सकता है।

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