छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य जिसने जारी की विद्यार्थियों की एम्प्लॉयबिलिटी रिपोर्ट

mysy_index_file_last_june♦चिप्स के फेसबुक पेज पर की गयी परीक्षा परिणाम की घोषणा
♦‘रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए राज्य शासन की पहल’
रायपुर।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने गुरुवार को चिप्स के फेसबुक पेज ChipsCgGov पर मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना के अंर्तगत हुई एमकेट परीक्षा का रिज़ल्ट जारी किया।इस मौके पर एमकेट परीक्षा में बैंचमार्क नम्बर पाने वाले प्रथम क्रम के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने  कहा कि सफल विद्यार्थियों के लिए प्रतिष्ठित कम्पनियों में सीधे रोजगार प्राप्त करने का यह सुअवसर है।सीएम ने कहा कि बैंचमार्क नम्बर से कम प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को निराश होने की आवश्यकता नही है। ऐसे विद्यार्थियों को राज्य शासन द्वारा जुलाई माह से प्रशिक्षण देकर उनके रोजगार प्राप्त करने की योग्यता (Employablity) को बढ़ाया जायेगा, ताकि उन्हे भी रोजगार प्राप्त करने अवसर मिले। इस योजना के द्वारा राज्य शासन ने विद्यार्थियों के कौशल का विश्लेषण कर उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप उनकी क्षमता का विकास किया जाएगा।

                                             इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चिप्स द्वारा बनाये गये State Employability Report का विमोचन भी किया।कार्यक्रम में मुख्य सचिव विवेक ढांड ने कहा कि रोजगार के लिए विद्यार्थियों के कौशल के उन्नयन में यह योजना काफी सहायक साबित होगी।

                                          इलेक्ट्रॅानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव अमन सिंह ने बताया कि राज्य में अनेक प्रमुख राष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों जैसे- आई.आई.टी., एम्स, एन.आई.टी., एच.एन.एल.यू., ट्रिपल आई.टी, आई.आई.एम. आदि की उपस्थिति के कारण छत्तीसगढ़ ने स्वयं को देश में एजुकेशन हब के रूप में स्थापित कर लिया है। परन्तु राज्य के स्नातक होने वाले विद्यार्थियों और रोजगार पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या के बीच अंतर है। इस अंतर को समाप्त करने के लिए राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना प्रारंभ की है। इससे रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

                                         छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना की जानकारी देते हुए चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एलेक्स पॉल मेनन ने बताया कि इस वर्ष लगभग 30 हजार विद्यार्थियों का मूल्यांकन कर 5 हजार को प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में इस योजना मंे 12 हजार इंजीनियरिंग तथा गैर-इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को सम्मिलित किया गया है।

                                    इस मौके पर कौशल विकास मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, मुख्य सचिव विवेक ढांड, अपर मुख्य सचिव श्री एन.बैजेन्द्र कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख अमन कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सुबोध कुमार सिंह, जनसंपर्क विभाग के संयुक्त सचिराजेश सुकुमार टोप्पो, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एलेक्स पॉल मेनन, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव मुकेश बंसल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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