डीएफओ से तू-तू,मै-मै,…यूथ कांग्रेसियों ने कहा…सरकार पीड़ित परिवार को दे नौकरी

IMG20170623140714  बिलासपुर— सीसीएफ की गाड़ी से घायल दिनेश रजक की सिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गयी। रजक का करीब डेढ़ महीना इलाज किम्स में चला। इसके बाद पन्द्रह दिन पहले उसे सिम्स में भर्ती किया गया। लेकिन उसने दो महीने तक जिन्दगी से दो-दो हाथ कर हार मान ली। परिजनों ने दिनेश रजक की मौत का जिम्मेदार सीसीएफ आनंद बाबू को बताया है। यूथ कांग्रेसियों ने आज परिजनों के साथ सीसीएफ कार्यालय का घेराव कर पीड़ित परिवार के लिए नौकरी और दस लाख रूपए मुआवजा की मांग की है।

                                                      दिनेश रजक का एक्सीडेन्ट 18 अप्रैल को लोरमी रोड पर हुआ था। सीसीएफ की गाड़ी से दिलीप को गंभीर चोट पहुंची थी। संजीवनी की सहायता से उसे किम्स में भर्ती कराया गया। शुरू में परिजनों ने इलाज के दौरान लापरवाही और वन विभाग पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। तात्कालीन समय यूथ कांग्रेसियों के हंगामा पर सीसीएफ आनन्द बाबू ने वन कर्मचारियों को इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करने का निर्देश दिया था।

                     दिनेश की मौत के बाद परिजनों के साथ युवा कांग्रेस नेताओं ने सीसीएफ कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान सीसीएफ दौरे पर पाये गये थे। नाराज कांग्रेसियों ने सीसीएफ कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गयी। परिजनों से उनके मांग को लेकर बातचीत की। बिलासपुर तहसीलदार देवीसिंह उइके से यूथ कांग्रेस  नेता और परिजनों ने कहा कि पीडित परिवार को नौकरी और दस लाख रूपए मुआवजा दी जाए। तहसीलदार ने मांग को शासन के सामने रखने का आश्वासन दिया। IMG20170623142544

 डीएफओ से कहासुनी

                 यूथ कांग्रेस नेता जावेद मेमन,गोपाल दुबे,शिवा नायडू समेत परिजनों ने डीएफओ का घेराव किया। पीड़ित परिवार के लिए नौकरी और मुआवजे की मांग की। किसी बात को लेकर यूथ नेताओं और डीएफओ में कहा सूनी हो गयी। खबर मिलते ही एडिश्नल एसपी नवीनशंकर चौबे भी मौके पर पहुंच गये। किसी तरह मामले को शांत कराया गया।

                     पत्रकारों से डीएफओ पैकरा ने बताया कि वन विभाग ने दीलिप रजक पर करीब पांच लाख रूपए खर्च किये हैं। लेकिन बचाया नहीं जा सका। किम्स से सिम्स में शिफ्ट करने के सवाल पर पैकरा ने बताया कि इलाज बहुत महंगा था। दिलीप को सिम्स में भर्ती कराया गया।

      पैकरा ने बताया कि हमें ना तो नौकरी देने का अधिकार है और ना ही मुआवजा….। अपने स्तर पर जो कुछ बना..किया

मंडल नहीं आए–

                                                वन सचिव आरपी.मण्डल का आज बिलासपुर दौरे थे। बैठक के बाद मंथन से उन्हें वन विभाग गेस्ट हाउस आना था। लेकिन घेराव की जानकारी मिलते ही सीधे रायपुर रवाना हो गये।

परिजनों को तलाशती पहुंची पुलिस

                   सिविल लाइन थाना प्रभारी नसर सिद्धिकि मृतक दिनेश के परिजनों को तलाशते वन विभाग पहुंचे। उन्होने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए परिजनों का दस्तखत जरूरी है। जब तक परिजन दस्तखत नहीं करेंगे। पीएम नहीं किया जाएगा। परिजनों को लेकर सिम्स ले जाते ही घेराव बंद हो गया।

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