दो सौ बिस्तरों का होगा सेंदरी मेंटल हास्पिटलःदो करोड़ मंजूर

mental_hospitalरायपुर।राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सेंदरी बिलासपसुर स्थित राज्य मानसिक चिकित्सालय को 200 बिस्तर अस्पताल के रूप में उन्नयन करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए राज्य शासन द्वारा दो करोड़ रूपए स्वीकृत किया गया है। प्रदेश सरकार मानसिक रोगियों के बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। मनोरोगियों को लगातार चिकित्सा सूविधा उपलब्ध कराने के लिए निजी मनोरोग विशेषज्ञों की सेवायें भी ली जा रही है । निजी मनोरोग चिकित्सक रायपुर, दुर्ग, बालोद, कवर्धा, बेमेतरा, राजनांदगांव, धमतरी, महासमुंद, रायपुर, सरगुजा और गरियाबंद में सप्ताह में एक दिन अपनी सेवायें शासकीय अस्पताल में दे रहे हैं । अब तक करीब 11 निजी डॉक्टरों द्वारा सेवाएं प्रदान की जा रही है।

                                    संचालक स्वास्थ्य सेवाएं  आर. प्रसन्ना ने बताया कि स्पर्श क्लिनिक के माध्यम से मानसिक रोगियों की पहचान एवं त्वरित इलाज के साथ ही मनोरोगियों को काउंसलिंग सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम वर्तमान में रायपुर, बिलासपुर, बस्तर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, दुर्ग, धमतरी, कोरबा और महासमुंद जिला अस्पताल में संचालित हो रहे हैं। इन 10 शासकीय अस्पतालों में मानसिक रोगियों को दवाइयां निःशुल्क प्रदान की जा रही है । 9 अस्पतालों में स्पर्श क्लिनिक सात अप्रेल, 2015 से प्रारंभ किया गया है ।

                               वित्तीय वर्ष 2017-18 में पांच जिले गरियाबंद, बलौदाबाजार, कांकेर, कवर्धा और जशपुर में प्रारंभ किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि मानसिक रोगियों के लिए टेबलेट क्लोरप्रोमाईजिन 100 एमजी, टेबलेट रिस्परीडॉन 2 एमजी, इंजे. प्रोमेथाईजिन 50, टेबलेट इंमीप्ररामाईन 75 एमजी, इंजे. फ्लूफेनाईजिन 25, टेबलेट ट्राईहेक्साफिनाईडिल 2 एमजी, टेबलेट लोराजिपाम 1 एमजी, टेबलेट फिनोबॉरबिटोन 30 एमजी व 60 एमजी तथा टेबलेट डाईफिनाईहाईड्राटोईन 100 एमजी निःशुल्क दिये जा रहे हैं । मनोरोगियों के बेहतर इलाज के लिए प्रदेश के सभी जिलों के डाक्टरों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा हैै।

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