खबर का असर:अवैध कॉम्पलेक्स पर आयुक्त ने लगवाया ताला

IMG-20170523-WA0004बिलासपुर।तेलीपारा क्षेत्र में नंदू गैरेज के पीछे आवासीय जमीन पर अवैध रूप से निर्माणाधीन कमर्शियल काम्पलेक्स को निगम आयुक्त ने सील करने का आदेश दिया है। भवन शाखा प्रभारी अरूण शर्मा ने कर्मचारियों को मौके पर भेजकर काम बंद करने का नोटिस थमाया है। आगामी आदेश तक किसी प्रकार की निर्माण प्रक्रिया को पूरी तरह से बंद करने को कहा है। सीजी वाल पर खबर छपने के बाद निगम आयुक्त सौमिल रंजन ने निर्माणाधीन सभी 26 दुकानों को गैर कानूनी मानते हुए तत्काल सीलिंग की बात कही है।मालूम हो कि दो दिन पहले सीजी वाल ने नंदू गैरेज के पीछे निर्माणाधीन अवैध कमर्शियल काम्पलेक्स को प्रमुखता से उठाया था। निगम आयुक्त ने खबर को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को निर्माणाधीन सभी अवैध 26 दुकानों को सील करने का आदेश दिया है। भवन शाखा प्रभारी ईई.अरूण शर्मा ने निर्माणाधीन 26 दुकानों वाले काम्प्लेक्स को सील करने कर्मचारियों की टीम भेजकर काम बंद करवा दिया है।

                                              सीजी वाल टीम की अवैध निर्माण पर लगातार नजर थी। नंदू गैरेज के पीछे 540/1 का रकबा दिव्यानंद पटेल के नाम आवासीय जमीन है। नगर एवं ग्रामीण निवेश कार्यालय के दस्तावेज में जमीन को आवासीय बताया गया है। बावजूद इसके प्रशासन की आंख में धूल झोंककर कृष्णा कंस्ट्रक्शन का मालिक बिट्टू ने 540/1 रकबा पर अवैध रूप से ना केवल 26 दुकान बना दिया। बल्कि सभी 26 26 दुकानों के ऊपर नया कंस्ट्रक्शन शुरू कर दिया। IMG20170517172338

                      मामले में जिला पंजीयक ने सीजी वाल को बताया था कि 540/1 का रकबा में कुल 26 प्लाट हैं। सभी रजिस्ट्री आवासीय आधार पर हुई है। सुशील खलकों के अनुसार यदि मौके पर दुकान बनाया जा रहा है तो इसकी जांच करेंगे। क्योंकि गोदाम,कार्यालय, दुकान और काम्प्लेक्स का रजिस्ट्री चार्ज अलग होता है। कामर्शियल उपयोग की जमीन की रजिस्ट्री चार्ज आवासीय जमीन की रजिस्ट्री चार्ज से कई गुना अधिक होता है। सुशील खलखो ने बताया कि मामले की हम भी जांच करेंगे। यदि शिकायत सही पाया गया तो उचित कदम भी कदम उठाएंगे।

प्लान से खिलवाड़ नहीं हो सकता

                                          नगर एवं ग्राम निवेश अधिकारी संजय बांगड़े ने रायपुर से फोन पर बताया कि नक्शे से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है। आवासीय प्लाट में कामर्शियल काम्प्लेक्स बनाया जाना गलत है। निगम और जिला प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। संजय बांगड़े ने बताया कि आवासीय प्लाट को कमर्शियल करने के कुछ नियम और कानून हैं। यदि कुछ इस तरह से हुआ है तो ठीक….अन्यथा दुकान को अवैध माना जाएगा। बिल्डर को पेनाल्टी के साथ दण्ड का प्रावधान है। बांगड़े के अनुसार नियमितिकरण आवेदन पर अभी विचार संभव नहीं है। क्योंकि 31 जुलाई 2016 के बाद किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को वैध नहीं बनाया जा सकता है।

सीलिंग का अादेश

soumil ranjan tiwari                 निगम आयुक्त सौमिल रंजन ने बताया कि सीजी वाल पर खबर पढ़ने के बाद भवन शाखा प्रभारी ने मौके का निरीक्षण किया। शिकायत और खबर दोनों को सही पाया गया। भवन शाखा प्रभारी अरूण शर्मा की रिपोर्ट पर नंदू गैरेज के पीछे दिव्यानंद के आवासीय प्लाट पर निर्माणाधीन कामर्शियल काम्पलेक्स को सील करने का आदेश दिया है। अधिकारियों को मौके पर सीलिंग के आदेश पर अमल करने के लिए भेजा गया है। आगे की कार्रवाई क्या होती है इसकी जानकारी बहुत जल्द देंगे।

आदेश के बाद कार्रवाई का आदेश
भवन शाखा प्रभारी अरूण शर्मा ने बताया कि आयुक्त से आदेश मिलने के बाद कर्मचारियों को काम्पलेक्स सील करने के लिए भेजा गया है। निरीक्षण के दौरान शिकायत को सही पाया गया है। अरूण शर्मा ने बताया कि जिला पंजीयक कार्यालय को भी पत्र भेजकर 540/1 रकबा में दुकान रजिस्ट्री करवाने वालों की जानकारी मांगी गयी है। मामले में एक पत्र टीएनसी को भेजा गया है। यदि नियमितिकरण का आवेदन लगाया गया है तो उसे भी रद्द किया जाएगा।

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