हाईकोर्टः घायल महिला का उपचार सरकार करेगी

high_court_visualबिलासपुर– एम्स की लापरवाही से महिला की नाजुक स्थिति को लेकर एक याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस मुनिन्द्र श्रीवास्तव ने महिला के उपचार और खर्च की जिम्मेदारी राज्य सरकार को दी है।

                      मालूम हो कि जुलाई 2016 में आंधी तूफान में एक महिला को गंभीर चोट पहुंची। आंधी तूफान के दौरान महिला सड़क से निकल रही थी। इस बीच मकान का टिन शेड महिला के सिर पर गिर गया। राजकुमारी श्रीवास गंभीर रूप से घायल हो गयी। महिला को आनन फानन में मुंगेली अस्पताल में दाखिल कराया गया। हालात को देखते हुए डॉक्टरों ने घायल राजकुमारी श्रीवास को सिम्म रिफर कर दिया।

                              सिम्स ने महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए रायपुर के एम्स रिफर किया। एम्स में राजकुमारी श्रीवास को स्ट्रेचर से एमआरआई कराने गहन चिकित्सा क्षेत्र में ले जाया गया। मशीन के चुम्बकीय प्रभाव में स्ट्रेचर मशीन के अन्दर तेजी से गया। मशीन से टकराने पर महिला के सिर में गंभीर चोट पहुंची। चिकित्सा कक्ष में खून के भी निशान मिले। इसके बाद महिला की स्थिति बहुत नाजुक हो गयी।

                          कुछ दिनो तक उपचार के बाद महिला की स्थिति में किसी प्रकार का सुधार नहीं हुई। अंत में एम्स ने राजकुमारी श्रीवास को रीलिव कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण महिला बिस्तर से उठने में अक्षम है। मुंगेली आने के बाद पीड़ित के परिजनों ने एम्स के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिक दायर कर न्याय की गुहार लगाई।

                       हाईकोर्ट ने आज सुनवाई करते हुए पीड़ित महिला राजकुमारी श्रीवास को सिम्स में उपचार के लिए भर्ती का निर्देश दिया। न्यायधीश मुनीन्द्र श्रीवास्तव की अदालत ने मेडिकल उपचार और दवाई खर्च राज्य शासन को देने को कहा है।

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