छत्तीसगढ़ के तालाबों को विकसित करने बनेगी नई कार्य योजना

talab_file♦मुख्यमंत्री डॉ सिंह ने कहा छत्तीसगढ़ में तालाबों की बहुत बड़ी संख्या
रतनपुर के तालाबों का निर्माण लगभग 700-800 साल पहले 

रायपुर।मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने गुरुवार को नया रायपुर में विश्व जलीय भूमि दिवस के मौके पर हुए दो दिवसीय कार्यशाला में कहा कि छत्तीसगढ़ में तालाबों की बहुत बड़ी श्रंृखला है, जिनका ऐतिहासिक सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है।सीएम ने तालाबों के संरक्षण और संवर्धन के लिए नई कार्य योजना बनाने की जरूरत पर बल दिया और इसके लिए पंचायत और ग्रामीण विकास तथा वन विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।कार्यशाला का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यशाला में कहा-तालाब लोगों के जीवन यापन एवं आजीविका के साधन के रूप में भी काफी उपयोगी होते हैं।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में जलीय भूमि स्थानों में रतनपुर दलपत सागर, धमतरी के अलावा अन्य जिलों में तालाबों की संख्या बहुत अधिक है।

                                       डॉ. सिंह ने कहा कि तालाबों को विकसित करने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा वन विभाग द्वारा कार्य योजना तैयार की जाए, जिससे यहां के लोगों को मछली पालन, फल-फूलों की खेती और पक्षियों के लिए उपयोगी होने के साथ ही वातावरण को संतुलित बनाने में मदद मिलेगी।

                                       मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यशाला में वैज्ञानिकों के विचार-विमर्श से निश्चित ही यहां के तालाबों के विकास को विकसित करने में मदद मिलेगी।डॉ.सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तालाबों की बहुत बड़ी संख्या है और जिनकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्ता है।उन्होंने कहा कि रतनपुर के तालाबों का निर्माण लगभग 700-800 साल पहले होने का उल्लेख मिलता है और उन तालाबों को वहां के लोगों ने परम्परागत रूप में उसका उपयोग करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तालाबों को और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है, जिससे वहां के लोगों का जीवन यापन और आजीविका के साधन के रूप में विकसित हो सके।

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