राष्ट्रीय स्तर का बनेगा एसआरडीएफ संस्थान-डॉ.रमन

hcm bharni (1)बिलासपुर—आपदाओं से लोगों को तत्काल राहत मिले इसके लिए प्रशिक्षित लोगों की टीम बनेगी। राज्य आपदा मोचन बल का प्रशिक्षण केन्द्र उपयोगी सिद्ध होगा। यह केन्द्र राज्य ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर का संस्थान बनेगा। मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम भरनी परसदा में कही। मौका था अग्निशमन, आपातकालीन सेवाएं तथा राज्य आपदा मोचन बल प्रशिक्षण केन्द्र के प्रशासनिक भवन, बैरक और छात्रावास भवन लोकार्पण कार्यक्रम का। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण केन्द्र 17 करोड़ रूपये की लागत से विकसित होगा।

                                मुख्यमंत्री डाॅ. सिंह ने लोकार्पण के दौरान बताया कि बाढ़, आगजनी एवं विभिन्न दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोग प्रभावित होते हैं। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) का गठन किया गया है। दुर्घटना होने के पहले प्रशिक्षित टीम तैयार रहेगी। लोगों को समय पर राहत पहुंचाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रदेश में बड़े-बड़े मेला-मड़ई का आयोजन होता है। आग लगने या भगदड़ की स्थिति में लोगों की सुरक्षा में प्रशिक्षित जवान तत्परता से कार्य करेंगे। सीएम ने कहा कि 108 संजीवनी एक्सप्रेस से पिछले चार-पांच साल में 30 हजार लोगों की सड़क दुर्घटना से जान बचाई गयी है।  इस प्रशिक्षण केन्द्र में भी इसी तरह लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण दिया जायेगा।

                 आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। आकस्मिक दुर्घटनाओं के प्रति लोगों को सरकार कैसे निःश्चिंतंता दे। प्रशिक्षण केन्द्र इस बात का प्रतीक है।पाण्डेय ने कहा किhcm bharni (7) मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप यहां राज्य आपदा मोचन बल प्रशिक्षण केन्द्र प्रारंभ किया गया।यहां से आपदा प्रबंधन में लगे जवान और लोग प्रशिक्षण लेकर जायेंगे। संसदीय सचिव राजू सिंह क्षत्री ने कहा कि आपदा मोचन प्रशिक्षण केन्द्र आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने और लोगों को सुविधा उपलब्ध कराने में कारगर साबित होगा। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन, उद्योग एवं वाणिज्यिककर मंत्री अमर अग्रवाल,सांसद लखनलाल साहू भी मौजूद थे। एसडीआरएफ प्रशिक्षण केन्द्र के हाॅस्टल के सामने फायर फायटिंग और रेस्क्यू डेमो का भी प्रदर्शन किया गया।

                     एसडीआरएफ के महानिदेशक गिरधारी नायक ने स्वागत भाषण दिया।  उन्होंने बताया कि संभाग स्तर पर 5 प्रशिक्षित टीम रखा जायेगा। 15-15 दिन के रोटेशन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। आपात सेवा और जनधन की सुरक्षा ही एसडीआरएफ का लक्ष्य है। एसडीआरएफ के 140 जवानों को एनडीआरएफ से प्रशिक्षण मिला है।  भरनी में राज्य आपदा मोचन बल के एक करोड़ 46 लाख छात्रावास भवन, 31 लाख 8 हजार लागत के प्रशासनिक भवन एवं करीब 32 लाख रूपये की लागत से सैनिक बैरक का निर्माण किया गया है।
                                 कार्यक्रम में महापौर किशोर राय, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक साहू, भरनी परसदा सरपंच सुप्रिता लहरे, संभागायुक्त निहारिका बारिक सिंह, पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा, कलेक्टर अन्बलगन पी., पुलिस अधीक्षक  मयंक श्रीवास्तव, एसडीआरएफ के जी.एस.दर्रों, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन मौजूद थे।

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