सीएम आवास के सामने पूर्व सीएम का अनशन

IMG-20160728-WA0060बिलासपुर— कार्यकर्ताओं को रिहा कराने आज जोगी ने खुले आसमान के नीचे सड़क पर लेटकर अनशन किया। सीएम बंगले के पास अजीत जोगी ने एक चद्दर और तकिया लगाकर भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध किया। जोगी के सड़क पर लेटने की खबर के बाद हजारों की संख्या में कार्यकर्ता सीएम बंगले की तरफ कूच किया। लेकिन पुलिस ने सबको हिरासत में लेकर सीधे जेल भेज दिया। कार्यकर्ताओं के रिहा होने के बाद जोगी ने भी अनशन को खत्म किया।

                                जोगी ने मीडिया को बताया कि आज लोकतंत्र शर्मसार किया है। शांतिपूर्ण और गांधीवादी बंद के आव्हान को तानाशाहों की तरह कुचला गया है। सरकार ने रात में ही छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घरों से उठा लिया। अनाधिकृत तौर पर सबको नज़रबंद किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने बताया कि उन्हें भी आज तड़के अनाधिकृत रूप से हाउस अरेस्ट किया गया । इससे पहले भी प्रदेश बंद हुए मगर ऐसा कभी नहीं देखने को मिला कि किसी नेता को सड़क पर आने से पहले ही घर में नजरबंद किया जाए। दरअसल आंदोलन को शुरू होने से पहले ही दबाने का कुचक्र रचा गया है।

अजीत जोगी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 16 साल के इतिहास में पहली बार देखने को मिला कि किसी राजनितिक दल के कार्यकर्ताओं को सीधा जेल भेजा गया हो। प्रदेश में लगभग दस हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को जबरदस्ती उठाया गया है। कार्यकर्ता हाथ जोड़कर शांतिपूर्ण और स्वैच्छिक बंद का ही तो आव्हान कर रहे थे ।

                    पुलिस बल और प्रशासन की ऐसी तैनाती पहले कभी देखने को नहीं मिली। जोगी ने बताया कि छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स ने कल शाम बंद को समर्थन देने का निर्णय लिया और आज उसने समर्थन से कदम वापस ले लिया। चैम्बर आफ कामर्स ने ऐसा क्यों किया उन्हें नहीं मालूम।

                       कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद बंद को समर्थन देने बाहर निकले जोगी को मुख्यमंत्री निवास के पास रोक लिया गया। जोगी ने पुलिस अधिकारियों पर जमकर आक्रोश उतारा। उन्होने पूछा क्या मुझे गिरफ्तार किया गया है। या फिर मुख्यमंत्री ने रोकने को कहा है। पुलिस कार्रवाई से नाराज जोगी ने राजेश मुणत के बंगले के सामने एक चद्दर और तकिया लगाकर सड़क पर लेट गए। उन्होने कहा या तो मुझे गिरफ्तार किया जाए अथवा जेल भेजे गए कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए।

                                    कार्यकर्ताओं के रिहा होने की खबर के बाद जोगी ने अपना अनशन तोडा।  जोगी ने कहा कि सरकार साम दाम दण्ड भेद नीति को कितना भी प्रयोग करे लेकिन लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को कोई नहीं दबाया जा सकता । बेरोजगारी आउटसोर्सिंग भ्रष्टाचार और महंगाई के विरुद्ध छजकां आंदोलन और तेज़ करेगी। लाठी गोली और जेल हमारे लिए आक्सीजन का काम करेंगे।

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