शिक्षा के साथ हुनर भी जरूरी..वोरा

swami vivaknad janti 153vi ---sapathgrahad samaroh--me sambhagayukat shri bora  (4) swami vivaknad janti 153vi ---sapathgrahad samaroh--me sambhagayukat shri bora  (3)बिलासपुर—शिक्षा के साथ ऐसा माहौल बनाएं कि विश्वविद्यालय और अभिभावक गर्व महसूस करें। संभागायुक्त सोनमणि बोरा ने आज स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर यह बातें कहीं। गुरूघासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद छात्रपरिषद शपथ ग्रहण समारोह में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए संभागायुक्त ने कहा कि छात्र पढ़ाई लिखाई के साथ रचनात्मक गतिविधियों में भी शिरकत करें।  कौशल विकास रचनात्मकर गतिविधियों को प्रोत्साहित करता है।

संभागायुक्त वोरा ने आज स्वामी विवेकानंद जी की जीवनी पर आधारित पुस्तक एवं चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।उन्होंने कहा कि पढ़ाई-लिखाई के साथ रचनात्मक कार्य में हिस्सा लें। इससे माता-पिता एवं गुरूजनों को खुशी होगी। वोरा ने कहा कि कौशल विकास ई-गवर्नेंस, स्वच्छता अभियान जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम से जुड़कर छात्रों को काफी लाभ होगा। बोरा ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से भी कहा कि छात्र-छात्राओं के ऐसे कार्यक्रमों को आगे बढ़ने का मौका दें।

                      बोरा ने कहा कि छात्र परिषद सकारात्मक सोच के साथ आगे बढे । नकारात्मक सोच से समय बेकार जाता है।  छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि पढ़ाई-लिखाई के साथ सामाजिक सरोकार की सोच भी रखें। विद्यार्थी वह होता है जो स्कूल-कॉलेज एवं विश्वविद्यालय की पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों पर नजर रखे। अच्छी बातों को आत्मसात करे। शिक्षा गुणवत्तापूर्ण होने के साथ ही संस्कारित भी होना चाहिए। शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास, चरित्र निर्माण और बौद्धिक विकास जरूरी है। आध्यात्मिक विकास भी जीवन का जरूरी हिस्सा है, इसे आत्मसात करते हुए छात्रों को आगे बढना होगा।

                         संभागायुक्त बोरा ने ’’वसुधैव-कुटुम्बकम्’’ का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद जी युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। कोई व्यक्ति तीन पीढ़ी से ज्यादा जीवित नहीं रहता। लेकिन अच्छे विचार और कर्म कभी किसी को मरने नहीं देता। स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज भी प्रासंगिक है।

                      संभागायुक्त बोरा ने गुरूघासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय के एनएसएस एवं छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने सुझाव दिया कि ब्लड डोनरों का ऑनलाईन डाटाबेस तैयार करें। ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपयोग में लाया जा सके। संभागायुक्त ब्लड डोनरों से भी रूबरू हुए। इस मौके पर कुलपति प्रोफेसर अंजला गुप्ता एवं सिम्स के डॉक्टर बी.पी.सिंह मौजूद थे।

                                     विवेकानंद जयंती एवं छात्र परिषद शपथ ग्रहण समारोह में कुलपति प्रो. अंजला गुप्ता ने संभागायुक्त के प्रित धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि उनके उद्बोधन छात्रों के लिए प्रेरणा स्त्रोत होते हैं। हमें भी मार्गदर्शन मिलता है।

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