कर्ज से परेशान,फांसी पर लटका किसान..

IMG-20151211-WA0177बिलासपुर— किसान आत्महत्या की दस्तक बिलासपुर जिले  में भी सुनाई दी है। मस्तूरी विधानसभा के जयरामनगर के पास स्थित बेलटुकरी गांव में कर्ज से परेशान एक युवा किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। युवा किसान का नाम मोहन चन्द्राकर पिता हीरा लाल चन्द्राकर है। मामले की जानकारी लगते ही मस्तूरी पुलिस किसान के घर पहुंची गई है। बताया जा रहा है कि सूखे की मार और और कर्ज से परेशान होकर उसने आत्महत्या की है।

                  मस्तूरी विधासभा के बेलटुकरी में कर्ज से परेशान युवा किसान मोहन चन्द्राकर फांसी पर झूल गया है। मोहन की उम्र करीब 33 साल बताई जा रही है। सूखे की चपेट में आने से खडी फसल बरबाद हो गयी। मोहन पांच एकड़ का काश्तकार था। सोसायटी से कर्ज लेकर खेती कर रहा था। लेकिन सूखे के चलते उसके खेत में एक दाना भी नहीं हुआ। पिछले कुछ दिनों से सोसायटी के तगादे से परेशान था। घर में पत्नी और बच्चों को खिलाने के लिए राशन भी नहीं था।

                            बेलटुकरी  किसान आत्महत्या मामले में जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला ने बताया कि किसान न्याय यात्रा के समय भी हमने स्थानीय और प्रदेश सरकार का ध्यान मजबूर किसान और मजदूरों की आकर्षित करने का प्रयास किया। लेकिन सरकार कुंभकरणी नींद से नहीं जागी। यदि जनता के दुख दर्द को सरकार ने समय पर संज्ञान लिया होता तो आज युवा किसान हमारे बीच होता। राजेन्द्र शुक्ला ने बताया कि किसान अधिकार न्याया यात्रा के समय मोहन चन्द्राकर से उसकी मुलाकात हुई थी। उस दौरान उसने अपनी पीड़ा को सामने भी रखा था। उसने किसान न्याय यात्रा के दौरान लोगों को जागरूक किया। यात्रा का समर्थन भी किया। राजेन्द्र ने बताया कि मोहन तो एक उदाहरण है। सच्चाई तो यह है कि मस्तूरी क्षेत्र के  किसानों तक अभी तक राहत नहीं पहुंची है। जबकि क्षेत्र में सूखे के हालात है।

                            शुक्ला ने बताया कि एक तरफ सरकार मनरेगा और राहत,रोजगार की बात कह रही है। लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों के हालात को लेकर सरकार कहीं से भी गंभीर नहीं दिखाई देती है। ऊपर से कर्ज की वसूली का होना समझ से परे है। राजेन्द्र ने बताया कि किसान न्याय यात्रा के माध्यम से हमने किसानों की दशा और दिशा पर सरकार का ध्यान दिलाने का प्रयास किया लेकिन सरकार को अपनी  ढपली  और राग से फुर्सत नहीं है।

                             मिली जानकारी के अनुसार मोहनलाल एक महीने से फसल खराब और सोसायटी के कर्ज को लेकर गुमसुम रहता था। अकेले में अपने बच्चों और पत्नी के साथ रोता था। लेकिन कल उसने सबको अकेला छोड़कर फांसी के फंदे पर लटक गया। मोहन लाल अपने पीछे तीन बच्चों के साथ पत्नी छोड़कर गया है।

                  राजेन्द्र शुक्ला ने बताया कि कांग्रेस पार्टी मृतक किसान  को न्याय दिलाने किसी भी प्रकार की लड़ाई लड़ने को तैयार है।  शनिवार को स्थानीय विधायक दिलीप लहरिया के साथ बेलटुकरी जाएँगे। परिस्थतियों का जायजा लेंगे। उसी के अनुरूप रिपोर्ट पीसीसी अध्यक्ष को दिया जाएगा। जो भी निर्णय प्रदेश अध्यक्ष लेंगे उसी के अनुसार कांग्रेस काम करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *