मेरी नज़र में… Archive

शिक्षा कर्मियों की संविलयन संकल्प सभाः निर्णायक लड़ाई में 90 लाख वोटर तक पहुंचने की तैयारी….सरकार के लिए खतरे की घँटी..

रायपुर । छत्तसीगढ़ के शिक्षा कर्मी संविलयन / शासकीयकरण सहित अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर अब निर्णायक लड़ाई के मूड में है। इस साल प्रदेश में विधानसभा के चुनाव  है और शिक्षा कर्मियों ने  प्रदेश में पिछले करीब 15 साल से सरकार चला रही बीजेपी को ही बड़ी चुनौती देने की तैयारी कर ली

अजीत जोगी की कांग्रेस में वापसी का ‘चेप्टर क्लोज’ राहुल गाँधी लगा गए आखिरी मुहर

(गिरिजेय)“अजीत जोगी लड़ाई के के बीच में कांग्रेस छोड़कर गए है….. जैसे बाघेला जी गुजरात में लड़ाई के बीच में कांग्रेस छोड़कर गए थे ……हम इस चीज को रिवर्ट तो करेंगे नहीं….. क्योंकि हम कांग्रेस को बना रहे हैं ….. और हमें इस तरह के मौका परस्त नेताओँ की जरूरत नहीं है…..। ” यह बात

राहुल गांधी के साथ खुली बात-नॉनस्टाप झूठ बोलते हैं PM मोदी..विपक्ष अब एकजुट..BJP को हराना आसान

बिलासपुर।छत्तीसगढ के दो दिन के दौरे पर आए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने शुक्रवार की सुबह बहतराई स्टेडियम के कार्यक्रम के लिए निकलने से पहले बिलासपुर के संपादकों के साथ खुली बातचीत की। छत्तीसगढ़ भवन में करीब पौन घंटे की बातचीत में उन्होने राष्ट्रीय मुद्दों के साथ छत्सीसगढ़ की राजनीति को लेकर भी खुलकर अपनी

राहुल गाँधी देखेंगे…? छत्तीसगढ़ में ”बदलाव” के लिए खुद कितना “बदल” रही कांग्रेस…

( गिरिजेय ) अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राहुल गाँधी छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ रहे हैं। इस साल होने वाले विधानसाभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से उनका यह दौरा अहम् माना जा रहा है। उनके कार्यक्रम में यह बात खास नजर आती है कि राहुल गाँधी संगठन की मजबूती के लिए आ

बाँधवगढ़ नेशनल पार्क की एक सच्ची कहानी..पिता टाइगर का दिल धड़कता है..अपनी सन्तान के लिए!!

( प्राण चड्ढा )  अवधारण है कि टाइगर मेटिंग के बाद अलग हो जाता है और माँ ही शावकों को पलतीं और शिकार की ट्रेनिंग देती है,पर मध्यप्रदेश के बान्धवग़ढ नेशनल पार्क, में बाघिन मां के मारे जाने पर उनके पिता ‘बमेरा सन’ ने अपने तीन शावको को पाला है। ये तीन शावक इस पार्क

साहेब जी !! बिजली वाले कर रहे डॉ.रमन को हराने का पक्का इंतजाम …?

(गिरिजेय)मौसम की तपिश है….भीषण गरमी है…..उमस है….बेचैनी है….।घर में बिजली है….पंखा है….कूलर है…. एसी है लेकिन कुछ भी चलता नहीं है… चूँकि बिजली नहीं है….। इस लिए गरमी है….. बेचैनी है..। बैरन बिजली कभी भी गुल हो जाती है…या बिजली रहती भी है तो वोल्टेज इतना कम रहता है कि चाहकर भी कुछ चला नहीं

पढे 2013 से कैसे अलग रहेगा 2018 का इलेक्शन सीन..? सोशल मीडिया पर मिल रहे संकेत

(गिरिजेय)यह बात पहले भी कई बार कही जा चुकी है कि 2018 में होने वाला विधानसभा चुनाव सोशल मीडिया के जरिए लड़ा जाएगा ।  इसकी झलक अभी से मिलने लगी है.जिस तरह छत्तीसगढ़ मैं प्रदेश स्तर की राजनीति और लोकल लेबल  पर विधानसभा स्तर की राजनीति में दोनों तीनों  –  पार्टियों के बीच जिस तरह

देखे Video:पांव-पांव नर्मदा किनारे चल रहे दिग्गी ‘राजा’ को ‘फकीरी’ में मिल रहा सुकून..

सीजीवालडॉटकॉम।‘कोई भी राजनैतिक व्यक्ति अगर पाँच-छः महीने से राजनीति से दूर रहे तो, स्वाभाविक है कि वो दिमाग के कीड़े काटने लगते हैं…..। लेकिन अभी तक मुझे अच्छा लग रहा है और सोचने – समझने का मौका मिल रहा है…’’।इस तरह की बात अगर दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कहते हैं तो लगता है

पुरानी कांग्रेस का नया दौर..”विजय अभियान” के लिए एक ”विजय” की ताजपोशी..?

वाक्या करीब 20 साल पुराना है।बिलासपुर के कांग्रेस भवन के पास पार्टी का एक सम्मेलन चल रहा था..।सारे दिग्गज नेता मंच पर पहुंच चुके थे….।सम्मेलन की शुरूआत होने वाली थी…।तभी वहां मौजूद यूथ कांग्रेस के लोगों के बीच से नारेबाजी शुरू है गई…..।यूथ कांग्रेस जिंदाबाद…के नोरों से पंडाल गूँज रहा था। सम्मेलन में वैसे भी

देखें VIDEO:होली विशेष-कहाँ जिंदा है…छत्तीसगढ़ का असली फाग…

बिलासपुर।रंग-उमंग-तरंग का पर्व होली पूरे देश के साथ ही छत्तीसगढ़ में भी काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है। जिसमें रंगों के साथ ही फाग का भी अपना महत्व है। देश के दूसरे हिस्सों की तरह छत्तीसगढ़ में भी फाग की समृद्ध परंपरा रही है। नगाड़ा, मादर,टिमकी और झाँझ-मजीरे की धुन पर गाए जाने वाले

चुनाव आहट–डॉ. रमन को जोगी का चैलेंजःदो और दो पाँच बनाने का खेल…

(गिरिजेय )“तूने…अभी देखा नही,,,, देखा है तो जाना नहीं….. जाना है तो माना नहीं…… मुझे पहचाना नहीं…..दुनिया दिवानी मेरी… मेरे पीछे –  पीछे भागे…… किसमें है दम यहां …..ठहरे जो मेरे आगे…..मेरे आगे आना नही…. मुझसे टकराना नहीं….. किसी से भी हारे नहीं हम….. जो सोचे , जो चाहे , वो कर के दिखा दे……

साहेब जी !! अभी तो मेंहदी सूख भी नहीं पाई और गैंती चल गई..बिलासपुर में बेकसूर को सजा..और अपराधियों के लिए कोई “लालबत्ती” तक नहीं

( गिरिजेय )पहला सीन-जगह का नाम है….मंगला चौक…..तेजी से विकास कर रहे शहर में काफी भीड-भाड़ वाला इलाका…..। चौराहा काफी पुराना है…..बस भीड़ ही बढ़ गई है….। जहां से रोजाना रोजी – मजूरी करने वाले हजारों मजदूर भी गुजरते हैं…. जो मुंगेली रोड के ईर्द – गिर्द बसे दूर तक के गाँवों से रोज आते

पं.श्यामलाल चतुर्वेदी को पद्मश्रीःछत्तीसगढ़ का “असल चेहरा ” सम्मानित……

(रुद्र अवस्थी)छत्तीसगढ़ के माटीपुत्र पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी को पद्मश्री पुरस्कार से  सम्मानित किया गया है। यह बिलासपुर और छत्तीसगढ़ का सम्मान है। क्योंकि श्यामलाल जी का व्यक्तित्व असल छत्तीसगढ़ से मेल खाता है और  उन्हे छत्तीसगढ़ का पर्याय कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। उनके सम्मान से बिलासपुर -छत्तीसगढ़ सम्मानित हुआ है।CGWALL.COM  टीम की ओर

सभी मौजूदा MLA की टिकट तय नहीं..बीजेपी हाईकमान की हर एक सीट पर नजर..जीतने वाले को ही मिलेगी टिकट..बड़े उलटफेर के आसार

(गिरिजेय)“भारतीय जनता पार्टी के लिए चौथी पारी आसान नहीं है..पिछले चुनाव का रिजल्ट सबके सामने है…. कांग्रेस बराबरी पर खड़ी है..ऐसे में अभी से चुनाव की तैयारियों में भिड़ना पड़ेगा..।“ इस तरह की बात ( खबरों के मुताबिक )  भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री राम लाल ने हाल ही में राजधानी रायपुर में अपनी पार्टी की

कांग्रेस के हाथ लग गया छत्तीसगढ़ में चुनाव जीतने का फार्मूला…..?

(गिरिजेय)।छत्तीसगढ़ बनने के बाद अब तक विधानसभा के लिए 3 चुनाव हो चुके हैं……..। कांग्रेस सभी चुनावों में हारती रही है……।  कोई यह सवाल करे कि कांग्रेस अपने पुराने गढ़ में लगातार चुनाव क्यों हारती रही है….? तो ज्यादातर लोग जवाब यही देंगे कि कांग्रेस एकजुट नहीं है…. नीचे से ऊपर तक बिखरी हुई है….

शिक्षाकर्मी हड़तालःउधड़ रहीं दमन की परतें…उम्मीद भी…गुस्सा भी

बिलासपुर।शिक्षाकर्मी हड़ताल खत्म होने के बाद स्कूलों में स्थिति सामान्य हो रही है। सरकारी स्कूलों में कक्षाएं लगने लगी हैं।जेहन में तरह–तरह के सवाल लिए शिक्षा कर्मी बच्चों को फिर से पढ़ाने लगे हैं। लेकिन हड़ताल खत्म होने के बाद भी खबरें खत्म नहीं हुईं हैं। कहीं यह खबर सुर्खियों में है कि हड़ताल खत्म

सोशल मीडिया में शिक्षाकर्मी का खुला खत,ये रोज-रोज वार्ता पर बुलावा,सरकार का छलावा

बिलासपुर।छत्तीसगढ़ में चल रहे शिक्षा कर्मियों के आँदोलन के दौरान सरकार के रुख को लेकर शिक्षा कर्मियों मे तीखी प्रतिक्रिया है। जो सोशल मीडिया के जरिए भी सामने आ रही है। जिससे सोशल मीडिया पर उनके कई पोस्ट देखने को मिल रहे हैं। इस तरह के पोस्ट के जरिए शिक्षा कर्मी अपनी बात भी रख

देखें VIDEOःस्कूटी की रफ्तार और स्कार्पियो स्पीड से सुरक्षा…लोकतंत्र की जीवंत सच्चाई

बिलासपुर।“शहर से लगी एक  बस्ती…खेतों और पेड़ों के बीच का एक घर…जहां रहने वाला एक सामान्य सा शख्स सुबह रोज की तरह तैयार होता है..अपने जूते ठीक करता है…मोजे पहनता है…फिर घर की चौखट पार करने से पहले दीवार के आले पर रखी देवता की तस्वीर के सामने हाथ जोड़ता है..दिन अच्छा गुजरे इस उम्मीद

मोबाइल पर रोज चल रही हिंदी की एक अनूठी क्लास,कोई भी घर बैठे हो सकता है शामिल

बिलासपुर । आज के दौर में हिंदी को लेकर काम करने वालों की कमी नहीं है। ऐसा ही एक नाम है- बिलासपुर की  संज्ञा टंडन का……। जो प्रदेश ही नहीं देश के जाने-माने भाषाविद्  प्रोफेसर डाॅ.रमेशचंद्र महरोत्रा  की सुपुत्री हैं और आज के दौर के मीडिया यानी मोबाइल-इंटरनेट के जरिए हिंदी की बेहतरी के लिए

कहानी शिक्षाकर्मी की (तीन)-खूद के भविष्य का ठिकाना नहीं, फिर भी संवार रहे नौनिहालों का भविष्य …..?

(गिरिजेय) पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन शिक्षकों का सम्मान किया जा रहा है और उनकी अहमियत  पर कसीदे पढे जा रहे हैं। यह दिन हर साल आता है और हर साल यही सिलसिला चलता है। इस रिवाज की रस्मअदायगी इस बार