सोशल मीडिया की सच्चाईः घर एमपी में…आंगन छत्तीसगढ़ का हिस्सा…

collectorate 1बिलासपुर— पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर खबर चल रही थी कि हाईकोर्ट में अनूपपुर और मध्यप्रदेश के कुछ जिलों को छत्तीसगढ़ में शामिल होने की सुनवाई हो रही है। जिसे लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई थी। अपने स्तर पर लोगों ने खबर की सच्चाई का पता भी लगाया। सीजी वाल ने भी जानने की कोशिश की। खबर में सच्चाई तो थी…लेकिन कुछ अलग हटकर….।

                              मामला कुछ इस तरह का है…साल  2001-02 में राज्य बनने के बाद जिला अनूपपुर और बिलासपुर कलेक्टर के पास जमीन विवाद को लेकर एक मामला आया। अनूपपुर निवासी महंत परिवार ने आवेदन लगाया कि उसका घर मध्यप्रदेश में है..आंगन छत्तीसगढ़ राज्य का हिस्सा है। जमीन का एक हिस्सा अनूपपुर जिले में है..तो दूसरा हिस्सा बिलासपुर में है…। मामला एसडीएम कोर्ट से जिला कलेक्टर और फिर कमिश्नर के सामने पहुंचा। समस्या निवारण नहीं होने पर विवाद हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।

                    याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उसका घर अनूपपुर जिले के राजेन्द्रग्राम में है..घर का आंगन छत्तीसगढ के मरवाही में आता है। एक ही खसरे की जमीन आधा मध्यप्रदेश के अनूपपुर में और आधा बिलासपुर जिले में आता है। जिसके चलते परिवार को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि आधा इधर और उधर के चक्कर में सरकारी की कई योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि वह मध्यप्रदेश का निवासी है या छत्तीसगढ का। याचिकाकर्ता ने बताया कि गांव में ऐसे कई मामले हैं।

                      विश्वास ओत्तलवार ने बताया कि मामले में याचिकाकर्ता से कोर्ट ने पूछा है कि प्रभावित गांव के लोग क्या चाहते हैं। मध्यप्रदेश या छत्तीसगढ़ में किस राज्य का हिस्सा होना चाहते हैं…इसकी जानकारी इकठ्ठी की जाए।

                                       ओत्तलवार ने बताया कि कोर्ट का स्पष्ट निर्देश क्या है। आदेश की कापी का इंतजार किया जा रहा है। कापी मिलते ही सारी जानकारी स्पष्ट हो जाएगी।

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