सीवीआरयू में वार्षिक खेल उत्सव का आगाज

sportsday♦मन का अनुशासन ही सफलता देता है-विवेकानंद
♦तीन दिनों तक खेल उत्सव में भाग लेंगे हजारों विद्यार्थी
बिलासपुर(करगीरोड)।टीम भावना के साथ काम करते हुए किसी कार्य को अंजाम तक पहुंचाने की कला खेल से सीखने को मिलती है। खेल में हार और जीत का कोई विशेष महत्व नहीं होता है। खेल के दौरान जो विद्यार्थी इस कला को सीखकर अपने जीवन में उतारेगा और सफल होगा। सही मायने में वही खिलाड़ी की जीत होती है।ये बातें बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा ने डाॅ. सी.वी.रामन् विश्वविद्यालय में वार्षिक खेल उत्सव के शुभारंभ अवसर पर कही। तीन दिवसीय आयोजन के शुभारंभ अवसर पर वे मुख्य अतिथि की आसंदी के बोल रहे थे। उन्होेनें विद्यार्थियों से कहा कि खेलो के कूदोगें तो बनोगें खराब… वाली कहावत आज पूरी तरह से बदल चुकी है। आज युवा खेल को अपना कैरियर बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्वभाव को नियंत्रित करना बड़ी बात होती है, जो व्यक्ति अपने स्वतंत्र स्वभाव को नियंत्रित करके अपने लक्ष्य को साध लेता है वही महापुरूष बन जाता है।श्री सिन्हा ने बताया कि जीवन में अनुशासन का बड़ा महत्व है। विद्यार्थियों के स्र्वागिण विकास के लिए जीवन में अनुशासन जरूरी है। विद्यार्थी जीवन में अनुशासन रखें।

                                                     sports1श्री सिन्हा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में ज्ञान दिया जाता है, लेकिन ज्ञान तभी सार्थक है जब उसके साथ काॅमन सेंस भी हो। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जिस तरह गांव का अनपढ़ या कम पढ़ लिखा व्यक्ति भी काॅमन सेंस होने के कारण जीवन को सरल और सहज करके जी लेता है। उसी तरह सिर्फ ज्ञानी होने से जीवन सार्थक नहीं हो सकता। विद्यार्थियों को जीवन में ज्ञान और कामन सेंस को एक साथ रखना चाहिए तभी सफलता मिलती है और जीवन सार्थक होता है। युवा देश के कदम होते है, जिस ओर आप चलेंगें उस ओर समाज और दिशा चलेगा। उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित बिलासपुर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि सीवीआरयू की खेलों के प्रति सक्रियता इतनी है, कि जिस खेल में सीवीआरयू शामिल नहीं है वह खेल अधूरा है। हर्ष की बात है, कि डाॅ.सी.वी.रामन विश्वविद्यालय की छात्रा यशी पाण्डेय और शिवी पाण्डेय का चयन अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम में हुआ है। यशी को क्रिकेट की लड़कियों की टीम में 11वंा स्थान मिला है। जबकि शिवी राज्य स्तरीय महिला क्रिकेट रही है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सीएमडी महाविद्यालय के चेयरमेन संजय दुबे और प्रयास एडवर्सटाईजर्स के संचालक विनोद पाण्डेय ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी।

असफलता को सकारात्मक भाव में बदलें-कुलपति
sports4इस मौके पर कार्यक्रम के अध्यक्ष डाॅ.सी.वी.रामन् विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.पी.दुबे ने कहा कि विश्वविद्यालय एआईयू का सदस्य है, इसलिए विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बड़ा मंच मिलता है। इससे विश्वविद्यालय से राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाएं निकलकर सामने आएंगी। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी है। असफल व्यक्ति अपनी असफलता को सकारात्मक रूप से लेकर उसे अपनी कमियों को दूर करने सफलता के लिए प्रयास करे तो निश्चित रूप से सफल होता है। इसलिए हर विद्यार्थी को अपनी असफलता को सकारात्मक भाव में परिवर्तित कर उसे दिशा में ज्यादा मेहनत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी संकाय के विद्यार्थियों ने सभी प्रकार के खेलों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। कैंपस हमेशा इसी तरह जीवंत रहना चाहिए।

विद्यार्थियों को सर्वागीण विकास ही उद्देश्य-कुलसचिव

cvsportsवार्षिक खेल उत्सव के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव शैलेष पाण्डेय ने कहा कि एक विद्यार्थी अपने उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ विश्वविद्यालय में प्रवेश लेते हैं। इसलिए विश्वविद्यालय का भी दायित्व है कि उनके उम्मीदों में रखा उतरें। आज के समय में सिर्फ पढ़ाई से ही बेहतर जीवन का सुनिश्चित नहीं कहा जा सकता है। जब तक उस विद्यार्थी का सर्वागीण विकास न हो। इसलिए सीवीआरयू का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वागीण विकास करना है।

तीन दिनों तक चलेगा खेल महाकुम्भ
डाॅ.सी.वी.रामन् विश्वविद्यालय में 3 दिनों तक खेल का महाकुंभ शुरू हो गया है। इसमें सभी विभागों के विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं। आगाज के बाद तीन दिनों तक क्रिकेट,बाॅलीवाल, कबड्डी, खोखो, बैडमिंटन, ल्ंाबी कूद, उंची कूद, भाला फेंक,गोला फेंक, तवा फेंक,कैरम, शतरंज,सहित कई खेल होगें। एकल और समूह खेलों में विश्वविद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं। समापन के दिन सभी विजयी टीमों और खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। पहले दिन से ही कैंपस में डोल ताशे की आवाज और युवाओं को उत्साह देखते ही बन रहा था।

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