मार्कफेड की पुरानी राइस मिलें होंगी बंद , सभी सोसाइटी को देंगे 28 करोड़ …….राधाकृष्ण

IMG20170722130553बिलासपुर— मार्कफेड चेयरमैन राधाकृष्ण गुप्ता ने बताया कि जिन मिलरों ने समय पर चांवल जमा नहींं किया है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मिलरों की जमा बैंक गारंटी और एफडीआर से राशि वसूल की जाएगी। मार्कफेड़ को निगम से 3600 करोड़ रूपए चावल जमा राशि लेना है। कस्टम मिलर्स ने अभी तक 15 हजार मिट्रिक टन चावल जमा नहीं किया है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राधाकृष्ण गुप्ता ने बताया कि बिलासपुर जिले मे शून्य प्रतिशत धान खरीदी में कमी आयी है। सभी सहकारी समितियों में 28 करोड़ रूपए बतौर कमीशन प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

                            मार्कफेड चेयरमैन राधाकृष्ण गुप्ता ने आज पत्रकारों से बातचीत की। उन्होने बताया कि किसानों को खरीफ फसल लिए रासायनिक खादों की कमी नहीं है। सरकार ने इस साल 34 हजार मिट्रिक टन से अधिक रासायनिक खाद वितरण का लक्ष्य रखा है। 24 हजार टन से अधिक रासायनिक खादों का विक्रय हो चुका है। मुख्यमंत्री ने शून्य प्रतिशत दर पर किसानों को खाद देने का फैसला किया है। खाद विक्री पर शासन की नजर है। किसी भी प्रकार की गलतियों और बिचौलियों को बर्दास्त नहीं किया जाएगा।

                                                                           राधाकृष्ण गुप्ता ने कहा कि सभी किसानों को सहकारी समितिओं से आसानी से खाद मिल रहा है। खाद शार्टेज को लेकर कही से शिकायत नहीं है। गुप्ता ने बताया कि इस बार प्रदेश और खासतौर पर बिलासपुर में जीरो शार्टेज में रिकार्डतोड़ धान खरीदी हुई है। शासन ने निर्धारित लक्ष्य के अनुसाब करीब 70 लाख मिट्रिक टन धान खरीदा। 14 लाख से अधिक किसानों को तात्काल भुगतान भी किया गया।

                                       राधाकृष्ण ने तारीफ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ धान खरीदी प्रक्रिया को समझने और जानने देश के अन्य राज्यों से अधिकारी और कर्मचारी अध्ययन कर रहे हैं। सराहना भी कर रहे हैं। मार्कफेड चैयरमेन ने बताया कि धान संग्रहण केन्द्रों से इस बार सीधे धान को कस्टम मिलर्स को भेजा गया। परिवहन में मार्कफेड को करोड़ों रूपए का फायदा हुआ। उन्होने बताया कि 226 करोड़ रूपए धान मंडी शुल्क दिया गया है। गुप्ता ने बताया कि इस बार प्रदेश के सभी सहकारी समितियों को करीब 210 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। खासतौर पर बिलासपुर सहकारी समितियों ने जीरो शार्टेज में धान खरीदी की है। समितियों को 28 करोड़ रूपए बतौर प्रोत्साहन राशि कमीशन के तौर पर दिया जाएगा।

        गुप्ता ने बताया कि राज्य विपणन संघ ने फैसला किया है कि 29 चांवल मिलों को बेचने का फैसला किया है। मिल बहुत पुराने हैं। इसके स्थान पर 10 जगहों पर 8-8 टन वाले आधुनिक चांवल मिल लगाने का प्रस्ताव सरकार के सामने रखेंगे। रायपुर,दुर्ग,कवर्धा में राइस मिल काम्पलेक्स में पीपीपी माडल से व्यावसायिक परिसर,पैलेट प्लांट निर्माण, आधुनिक राइस मिल,बायोपेस्टिसाइड प्रयोगशाला का निर्माण करने का फैसला लिया गया है। सरकार से अनुमित मिलने के बाद इस दिशा में काम किया जाएगा।

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