विधायक खरीद क्लोज़र रिपोर्ट को पाण्डेय की चुनौती..आडवाणी और अन्य नेताओं पर भी चले मुकदमा

IMG20170725141622बिलासपुर–राज्य वित्त आयोग के पूर्व चेयरमेन वीरेन्द्र पाण्डेय ने विधायक खरीद फरोख्त मामले में  अजीत जोगी के खिलाफ याचिका दायर की है। मामला 2003 में विधायक खरीद फरोख्त मामले को लेकर है। वीरेन्द्र पाण्डेय ने सीबीआई क्लोजर रिपोर्ट को भी चुनौती दी है। मामले के नये सिरे से जांच की मांग की है। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए वीरेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि एक तरफ सीबीआई विधायक खरीद फरोख्त मामले में प्रमाण को सही ठहराता है। दूसरी तरफ अजीत जोगी को क्लिन चिट देता है। पांडेय ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा है यदि जोगी निर्दोष हैं…और मुझे साजिशकर्ता बताया जा रहा है तो मामले में तात्कालीन उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, वर्तमान गृहमंत्री राजनाथ सिंह, अरूण जेटली और डॉ रमन सिंह के खिलाफ भी मुकदमा चलना चाहिए।
                         मालूम हो कि साल 2003 में चुनाव के बाद तात्कालीन समय विधायक खरीद फरोख्त का मामला सामने आया था। मामले को तात्कालीन भारतीय जनता पार्टी नेता वीरेन्द्र पाण्डेय ने उजागर किया था। वीरेन्द्र पांडेय ने तात्कालीन कानून मंत्री अरूण जेतली के साथ रायपुर में पत्रकारों के सामने सामने प्रमाण पत्र रखते हुए अजीत जोगी पर भाजपा विधायकों को तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया था। जेटली और वीरेन्द्र पाण्डेय ने बलीराम कश्यप को लिखे जोगी के पत्र को भी सबके सामने पेश किया था। इसके अलावा 45 लाख रूपयों को भी सामने रखने की बात सामने आयी थी। पत्र में जोगी ने बलिराम कश्यप को मुख्यमंत्री बनने पर कांग्रेस से समर्थन दिए जाने का वादा किया गया था।
                    जेतली और वीरेन्द्र पाण्डेय ने सभी प्रमाण एसीबी को देकर कार्रवाई की मांग की थी। सरकार के बनने के तीसरे दिन मामला जांच सीबीआई को सौंप दिया। जांच पड़ताल के दौरान सीबीआई ने अजीत जोगी, अमित जोगी, पूर्व सांसद पीआर खूंटे समेत खूंटे के पुुत्र ओमप्रकाश खूंटे के खिलाफ अपराध दर्ज किया था।
                जांच पड़ताल के बाद सीबीआई ने सीबीआई ने 2012 और जनवरी 2017 में कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट सौंपा। क्लोजर रिपोर्ट के अनुसार सभी आरोपियों को दोषमुक्त माना गया।
                   आज वीरेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट में षड़यंत्र तो माना जा रहा है लेकिन दोषी किसी को नहीं ठहराया गया है। उल्टे मुझ पर साजिश किये जाने का आरोप लगाया गया है। वीरेन्द्र ने बताया कि अधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में सीबीआई क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ चुुनौती दी है।

                        वीरेन्द्र पांडेय के अनुसार याचिका में कहा है कि यदि षडयंत्र है तो इसमें दोषी भी होंगे। चूंकि मामले में मुझे साजिशकर्ता के रूप में पेश किया गया है। इसलिए मामले में तात्कालीन उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी,अरूण जेटली,राजनाथ सिंह के साथ मेरे खिलाफ मुकदमा चले। क्योंकि मैने टेप,हस्तलिखित पत्र और 45 लाख रूपए समेत सभी मामलों को इन्ही नेताओं के मार्गदर्शन में अंजाम तक पहुंचाया था।

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