वाद–प्रतिवाद–फिर संवाद—-रानू साहू

RanuSahu-12-Aug-2014   RANU SAHU1  बिलासपुर— वाद से प्रतिवाद का जन्म होता है…प्रतिवाद के बिना संवाद का होना नामुमकिन है….बेहतर परिणाम संवाद से आते हैं…। बिलासपुर स्मार्ट सिटी बनेगा…सोलिड बेस्ट प्लांट भी बनेगा…सीवरेज में चूक हुई है…पानी की भीषण कमी से बचने…सरफेस वाटर को संजोना होगा….अन्यथा हमारा शहर पानी के लिए तरस जाएगा….। सरकार लगातार काम कर रही है….। हम सकारात्मक प्रयास के साथ आगे बढ़ रहे हैं..लोगो का भरपूर समर्थन मिल रहा है…यदि फाइनेसियल रिपोर्ट को विस्तृत स्वरूप में पेश किया जाता तो..आज टाप 20 स्मार्ट सिटी में बिलासपुर का भी नाम होता…। तीस जून को दुबारा रिपोर्ट पेश होगा…इस बार बिलासपुर को स्मार्ट सिटी का तोहफा मिलकर ही रहेगा…बिलासपुर की जनता अपने शहर को लेकर हमेशा जागरूक रही है…विरोध की भावना शहर के प्रति प्रेम को जाहिर करता है…यह बातें निगम से विदाई के बाद निवर्तमान आयुक्त रानू साहू ने सीजी वाल से कही।

                                     निवर्तमान निगम आयुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी मुहिम में बिलासपुर की जनता का सहयोग उम्मीद से अधिक मिला.. हम जनसहयोग से भारत के टाप 100 स्मार्ट शहर में शामिल हैं। शीर्ष 20 स्मार्ट शहर में आने के लिए जनता की 10 प्रतिशत भागीदारी चाहिेए थी…20 प्रतिशत भागीदारी मिली…अंक भी पूरे मिले…लेकिन फायनेंसियल रेिपोर्ट और अरपा-साडा लैण्ड अलाटमेंट में हम पिछड़ गए। फायनेंसियल रिपोर्ट बहुत संक्षेप में था..हम टाप 20 शहर में शामिल नहीं हो सके…। अगस्त में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट रिपोर्ट पेश किया जाएगा…हम एक साल पीछे जरूर हुए है…लेकिन बिलासपुर स्मार्ट सिटी बनकर रहेगा…हमने मेहनत की है…अब तो कमियों को भी दूर कर लिया गRANU SAHUया है…।

                            रानू साहू ने बताया कि सिवरेज में चूक की बड़ी वजह..मानिटरिंग और सम्पादन में कमी है…कम्पनी ने मेन पाइप लाइन तो बिछा दिया लेकिन सिवरेज की आत्मा मतलब प्रापर्टी चैम्बर और हाउस कनेक्शन की ओर ध्यान नहीं दिया…सिवरेज का काम काफी टेक्निकल है…कोई भी काम निगम इंजीनयर के हाथ में नहीं है…मानिटरिंग की भी जिम्मेदारी नहीं है…। जनता को परेशान होना पडा …। सिवरेज कार्य को लेकर हमारी काफी  किरकिरी हुई है…लेकिन धीरे-धीरे सब ठीक कर लिया गया है….।

                            कुछ लोग डिक्टेटर कहते हैं..के सवाल पर रानू ने बताया कि हम जनता के हित में काम करते हैं…। परेशानी होगी तो..जाहिर सी बात है जनता भला बुरा कहेगी ही…लेकिन आम इंसान होने के नाते परेशानी से हम भी अछूते नहीं रहेंगे। सिस्टम जनता के हित में काम करती है…। हमने भी किया…। रूखापन काम का हिस्सा होता है….। कर्मचारी या जनप्रतिनिधि चौक चौराहों और सडकों की तोड़फोड़ निजी हित के लिए नहीं करता…। बेहतर यातायात व्यवस्था जनता के लिए है…। हो सकता है कि इस दौरान कुछ सख्ती हुई हो..लेकिन ऐसा निजी स्वार्थ के लिए नहीं किया गया…।  गोलबाजार में तोड़फोड़ की कार्रवाई…महाराणा प्रताप चौक का अतिक्रमण हटाना..बेजाकब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई करना …इसमें अधिकारी या जनप्रतिनिधि का स्वार्थ हो ही नहीं सकता है। अधिकारियों का हित जनता के हित से अलग नहीं है…।suraj_nigam1

                             रानू साहू ने बताया कि शहर का बहुप्रतीक्षित खूबसूरत आडिटोरियम बनकर तैयार हो गया है…बड़ी उपलब्धी है….डेढ़ साल पहले जब कार्यभार संभाला…आडिटोरियम का केवल बुनियाद तैयार था…लगातार मानिटरिंग..इंजीनियरों की मेहनत…पल पल की रिपोर्ट लेकर आठ साल पुराने रूके हुए आडिटोरियम को दो साल के भीतर तैयार कर दिया गया…। लापरवाह ठेकेदारों को टाइट करने के बाद ही संभव हुआ।

                                            रानू साहू ने बताया कि बिलासपुर को सफाई अभियान में प्रदेश में पहला स्थान हासिल हुआ है। सफाई अभियान को निगम ने हमेशा से गंभीरता से लिया है। उम्मीद थी कि निगम में रहते हुए बेस्ट मैनेजमेंट को अंजाम तक पहुंचाउंगी..लेकिन ऐसा नहीं हो सका। डोर डू डोर बेस्ट मैटेरियल को एकत्रित करने का टेन्डर जारी किया किया गया है। रानू ने बताया कि जनता अपना भला और बुरा बेहतर समझती है। सबको एक-एक पाई का हिसाब रखने का अधिकार है। .डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में हर घर से कुछ शुल्क देना था। जनता ने बहुत उत्साह नहीं दिखाया…। ऐसा होता है..सोच समझ के बाद सब ठीक हो जाएगा। निगम क्षेत्र के वार्ड 59 में स्वसहायता समूह घर-घर जाकर कचरा उठा रही है…परिणाम भी बेहतर है…। उम्मीद है कि अब अन्य वार्डों की जनता डोर टू डोर कचरा कलेक्शन को सकारात्मक सोच के साथ लेगी।

   second raahgiri2                            राहगिरी डे पर रानू ने बताया कि इसमें बुरा भी क्या है…। जनता ने राहगिरी डे कार्यक्रम को पसंद किया…। इस बहाने अधिकारी और जनता…आम और खास के बीच संवादहीनता खत्म हो रही है। लोग बिना संकोच अपनी बातों को रख रहे हैं। मेल मिलाप का दायरा बढ रहा है…सुबह की सैर स्वास्थ्यके लिए लाभदायक ही होता है….। डाक्टर भी ऐसा ही कहते हैं।.

                                      राहगिरि डे के विरोध पर रानू ने बताया कि लोकतंत्र में समर्थन और विरोध..दोनों को बराबर स्थान हासिल है। अर्नेस्ट हीकल ने कहा है कि जहां..वाद होगा…प्रतिवाद भी होगा…प्रतिवाद पर संवाद होगा…फिर सकारात्मक  परिणाम आएगा..। त्राहिमाम डे अभियान में यही हुआ… बिनोबानगर की सड़क को निगम प्रशासन ने गंभीरता से लिया…। पांच जून को बृक्षगिरि डे मनाया जाएगा…लोग एक मंच पर आएंगे…। संवाद होगा…। सड़क बनाने और बृक्ष बचाने के बीच का रास्ता निकाला जाएगा। वाद पर संवाद से सकारात्मक परिणाम ही आता है। राहगिरि डे कुछ ऐसा ही है।

                         अमृत योजना पर हमने काम किया है। वाटर हार्वेस्टिंंग अभियान को शासन के निर्देश पर निगम ने गंभीरता से लिया। हमारा शहर अन्य शहरों से अलग जमीन के नीचे का पानी पी रहा है…। गिरते वाटर लेबल को बचाना जरूरी है। वाटर हार्वेस्टिंग की हमें सख्त जरूरत है..। इस दिशा में काम शुरू हो गया है। जनता का सहयोग मिल रहा है। गिरते जलस्तर को वाटर हार्वेस्टिंग के जरिए ही बचाया जा सकता है।

                               निगम ने पिछले एक साल में आईएचडीपी योजना के तहत गरीबों और स्लम क्षेत्र मे रहने वालों को पक्का अाशियाना दिया। सरकंडा कोनी क्षेत्र ,नूतन चौक, जतिया तालाब क्षेत्र में अतिक्रमण अभियान चलाकर प्रभावित लोगो को शिफ्ट किया गया। तालापारा के करीब चार सौ अस्सी परिवार में से चालिस परिवार ने गंदगी छोड़कर बेहतर मकान मेंं रहने की इच्छा जाहिर की है। अभियान लगातार जारी है। स्लम बस्ती में रहने वालों को सरकार के निर्देश पर निगम ने स्लम क्षेत्र से बाहर निकाल नई रोशनी देने का प्रयास किया है।002

                         मुझे खुशी है कि शासन ने सिटी बस और पिंक आटो योजना के सफल क्रियान्यवयन पर बिलासपुर नगर निगम की तारीफ की है। पिंक आटो योजना साठ प्रतिशत सफल है। महिलाओं का आटो ड्रायविंग करना..महिला होने के नाते खुशी देने वाली है। हमने ट्रैफिक व्यवस्था पर बहुत काम किया…चौक चौराहों पर जिंंगल चलाकर..बेहतर जिंदगी का संदेश दिया। यातायात की दिशा में अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है..। वह दिन भी आएगा कि आज का काम कल बिलासपुर के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। शहर स्मार्ट बन जाएगा। ज्वाली नाला में तीन स्थानों पर स्लैब निर्माण पूर्ण होने वाला है। यातायात में यह उपयोगी साबित होगा।

                       रानू ने बताया कि शहर को हरा भरा रखना हमारी प्राथमिकता में शामिल है। तीन से चार साल के पौधो के लिए टेन्डर,वर्कआउट,ट्री गार्ड की व्यवस्था को पूरा कर लिया गया है। दुकानदार,संभ्रात और आम नागरिकों ने पौधों के पालन पोषण की जिम्मेदारी लेना स्वीकार किया है। एक साल के भीतर बिलासपुर को स्मार्ट सिटी का फंड मिल जाएगा। उम्मीद ही नहीं…पूरा विश्वास है कि मेरा सपनों का शहर बिलासपुर स्मार्ट सिटी बनकर रहेगा। जिसमें हरे-भरे पेड़ों के बीच धूल रहित सडकें. शानदार कम्यूनिकेशन और यातायात व्यवस्था होगी। ऐसा होगा…क्योंकि बिलासपुर की जनता परिणाम चाहती है…विरोध भी उसी का हिस्सा है।

Comments

  1. By सोनल यादव

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  2. By Pran chaddha

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