रमन बोले नक्सली बंदूक छोड़ें तो हम उन्हें गले लगाने को तैयार

kisaan_ramanबीजापुर।मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सोमवार को एक बार फिर नक्सलियों से हिंसा का रास्ता और बंदूक छोड़ने और शांतिपूर्ण विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का आव्हान किया। डॉ. सिंह ने कहा कि हिंसा और आतंक से किसी भी समस्या का कोई हल नहीं निकल सकता। सिर्फ शांतिपूर्ण विकास के रास्ते से ही देश और समाज में खुशहाली आ सकती है। अगर माओवादी अथवा नक्सली बंदूक छोड़ें तो हम उन्हें गले लगाने को भी तैयार रहेंगे।मुख्यमंत्री सोमवार दोपहर राज्य के नक्सल हिंसा पीड़ित बीजापुर जिले के विकासखण्ड मुख्यालय भैरमगढ़ और जिला मुख्यालय बीजापुर में हुए कार्यक्रमों में विशाल जनसभाओं को सम्बोधित कर रहे थे।सीएम ने कहा कि अगर सरकार जनता की सुविधा के लिए सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल और अस्पताल बनवा रही है, लोगों के लिए पेयजल और बिजली की व्यवस्था कर रही है तो इसमें किसी को भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। नक्सली इन विकास कार्यों का विरोध क्यों कर रहे हैं?मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजापुर जिले में हाल के वर्षों में इस जिले में विकास के अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं, जिनका लाभ यहां की जनता को मिल रहा है।

                                             मुख्यमंत्री ने बीजापुर की जनसभा में कहा कि साल 2007 में जब हमने बीजापुर जिले का गठन किया था, तब कई लोगों ने इस फैसले को शंका की दृष्टि से देखते हुए इसका मजाक उड़ाया था और यह सवाल उठाया था कि इस छोटे से गांव में कोई सरकारी कर्मचारी रहना नहीं चाहता, तो क्या कलेक्टर सहित वहां 32 विभागों के अधिकारी और कर्मचारी रहना पसंद करेंगे ? लेकिन लोगों की यह आशंका निर्मूल साबित हुई।

                                                  मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला गठन के समय शंका जाहिर करने वालों को मैं इस जिले की तरक्की देखने के लिए आमंत्रित करना चाहता हूं।आज यह जिला विकास की दौड़ में किसी से भी पीछे नहीं है। इस जिला मुख्यालय को और जिले को तेजी से विकसित होता देखकर मुझे खुशी होती है। बीजापुर एक छोटा सा गांव था, जो अब एक विकसित और सुव्यवस्थित शहर का रूप ले रहा है।

                                                       सीएम ने कहा कि जैैसे अपने नन्हें बच्चे को बढ़ता देखकर माता-पिता को खुशी होती है, वैसी ही खुशी मुझे बीजापुर की तरक्की को देखकर हो रही है। उन्होंने कहा कि नये राज्य के गठन के बाद से छत्तीसगढ़ सहित प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में विकास की गति तेज हुई हैं।

                                                    डॉ. सिंह ने युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए बीजापुर में संचालित लाईवलीहुड कॉलेज के लिए दो करोड़ 63 लाख रूपए की लागत से बनने वाले भवन का भी शिलान्यास किया। उन्होंने बीजापुर के कार्यक्रम में उसूर तथा भोपालपट्नम के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आई.टी.आई.) के भवनों का भी भूिमपूजन और शिलान्यास किया। डॉ. सिंह ने इसके अलावा पांच गांवों-जैवारम, गुदमा, कुएनार, पिनकोण्डा और कोड़ोली की नल-जल प्रदाय योजनाओं और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बासागुड़ा सहित उप स्वास्थ्य केन्द्र धनोरा, तोएनार और बेदरे का भी भूमिपूजन किया।

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