महिलाओं का आरोप…दलाल और पुलिस में मिलीभगत..आदिवासी को बनाया हत्यारा

IMG-20170710-WA0004बिलासपुर—पेन्ड्रा तहसील के बंझोरका ग्रामीण महिलाओं ने शांतिबाई हत्या मामले मे पुलिस पर षड़यंत्र का आरोप लगाया है। कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर हत्या के आरोपी को पकड़ने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि हरिओम गोड़ को साजिश के तहत आरोपी बनाया गया है। जबकि शांति बाई का हत्यारा रमेश ऊर्फ मुनवा खुलेआम घूम रहा है।

                        मालूम हो कि गौरेला थाना क्षेत्र के बंझोरका गांव में 23 जून शुक्रवार की रात शांति बाई की किसी ने हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या के आरोप में  स्थानीय निवासी हरिओम गोंड़ को गिरफ्तार किया। ग्रामीण महिलाओं ने आज एडिश्नल कलेक्टर के.डी.कुंजाम को बताया कि हरिओंम गांव का बहुत ही सीधा सादा इंसान है। उसे जानबूझकर फंसाया गया है। शांति बाई का असली हत्यारा खोड़री निवासी रमेश ऊर्फ मुनवा है। सभी लोग जानते हैं कि शांति बाई से उसके नाजायज संबध थे। जब भी शांति बाई शादी के लिए दवाब डालती…मुनवा उसके साथ मारपीट करता था। शांति बाई की हत्या उसी ने की है।

               ग्रामीणों ने अतिरिक्त कलेक्टर को लिखित शिकायत करते हुए कहा कि मुनवा आदतन अपराधी है। उसने अपनी बहू को आग में जलाकर मार डाला है। गांव वालों को डराता धमकाता है। शांति बाई की हत्या पूर्व नियोजित तरीके से उसी ने की गयी है। पुलिस भी इस बात को अच्छी तरह से जानती है। हत्या के पहले मुनवा ने स्थानीय निवासी बृजलाल राठौर के घर में शांतिबाई को रास्ते से हटाने के लिए प्लान बनाया। हत्या के बाद साथियों के साथ मिलकर निर्दोष हरिओम को फंसाया दिया।

                                 महिला नेत्री उर्मिला मार्को और अन्य ग्रामीण महिलाओं के अनुसार बृजलाल राठौर की पुलिस से अच्छे संबध हैं। छोटे बड़े आपराधिक मामलों को पुलिस से मिलकर रफा दफा करने का दावा करता है। उसका दावा कि मुनवा शांति बाई की हत्या नहीं कर सकता है। संदेह को जन्म देता है। मामले में 29 जून को पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग की थी। बावजूद इसके शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।

            ऊर्मिला मार्कों के अनुसार पुलिस शांति बाई के हत्यारे को अच्छी तरह से जानती पहचानती है। बावजूद इसके सीधे सादे आदिवासी हरिओम को अपराधी बनाया गया है। पुलिस ने हरिओम के साथ मारपीट कर जबरदस्ती अपराध कबूल करवाया है। हरिओम ने बताया है कि अपराध कबूल नहीं करने पर पत्नी के साथ दुष्कर्म करने की धमकी पुलिस ने दी थी।

              ग्रामीण महिलाओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि हरिओम गोंड़ को निःशर्त रिहाई के साथ शांति बाई हत्या की निष्पक्ष जांच हो। हत्यारे को बचाने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। न्याय नहीं मिलने पर गौरेला थाना घेराव की चेतावनी भी दी ।

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