बिल्डर ने उड़ाई निगम की धज्जियां…बना दिया बेसमेन्ट पार्किंग..अब नियमितिकरण का खेल

IMG20170727152212 बिलासपुर—अवैध निर्माण हो या नियम विरूद्ध..डरने की जरूरत नहीं….सब बैध हो जाएगा। शहर में हर तरफ फाग की तरह अवैध निर्माण की धूम है। नगर निगम आदेश की धज्जियां बिल्डर खुलेआम उड़ा रहे हैं।  हर बार की तरह इस बार भी निगम अधिकारी अवैध निर्माण की जानकारी होने से इंकार कर रहे हैं…अधिकारियों का मासूम जवाब सुनकर अटपटा लगता है…बावजूद इसके अवैध और नियम विरूद्ध निर्माण बदस्तूर जारी है।

                         संभव नहीं कि अधिकारियों के नाक के नीचे नियम विरूद्ध निर्माण हो…और जानकारी ना हो। जबकि निगम के सभी अधिकारी जानते हैं कि शहर के इस छोर से उस छोर तक नियमितिकरण की उम्मीद में नियम विरूद्ध निर्माण काम धड़ल्ले चल रहा है।

                                 लिंक रोड में एक नामचीन बिल्डर काम्प्लेक्स का निर्माण कर रहा है। काम्पलेक्स का काम तीन मंजिल तक पहुंच चुका है। जानकर आश्चर्य होगा कि निगम अधिकारियों को इस बात की जानकारी नहीं है….काम्पलेक्स निर्माण में आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

                स्काई जिम के ठीक सामने श्रीकांत वर्मा मार्ग लिंग रोड में तीन मंजिला भव्य काम्पलेक्स का निर्माण किया जा रहा है। निगम दस्तावेज में काम्पलेक्स बनाने वालों का नाम आशा, चंचल और डैनियल है। एक महीने पहले सीजी वाल को निगम के एक अधिकारी ने बताया कि काम्पलेक्स पर उनकी नजर है। निर्देशों के अनुसार ही काम किया जा रहा है। जबकि हकीकत पहले जैसी थी आज भी वही है। निर्माण शुरू होने के समय से ही शर्तों की अनदेखी की गयी है।

                          निगम दस्तावेज के अनुसार लिंक रोड स्थित निर्माणाधीन काम्पलेक्स में ग्राउंड पार्किंग बनाया जाना था। लेकिन बिल्डर ने बेसमेन्ट पार्किंग बना दिया। निगम अधिकारियों की मानें तो इसकी जानकारी उन्हें बाद में हुई। जबकि उनका दावा था कि वे पल पल की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। IMG20170727152143

नियम विरूद्ध बेसमेन्ट पार्किंग

                    गोपाल ठाकुर ने बताया कि शिकायत के बाद काम्पलेक्स का निरीक्षण करने गया था। बिल्डर ने आदेश विरूद्ध निर्माण किया है। शर्तों के अनुसार काम्पलेक्स में ग्राउंड पार्किंग बनाने की अनुमति है। जांच पड़ताल के दौरान निर्माणाधीन काम्पलेक्स में बेसमेन्ट पार्किंग बनाया गया है। तीनों पार्टनर आशा,चंचल और डैनियल को नोटिस भेजा गया है। जवाब मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

नियमतिकरण का खेल और निममों की अनदेखी

                                     निगम के एक अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करते हुए बताया कि नियमितिकरण को ध्यान में रखकर बिना इजाजत आदेश विरूद्ध निर्माण किया गया है। दरअसल निर्माण होने के बाद प्रशासन दबाव में आ जाता है। दबाव में नियमितिकरण बिल्डर का अंतिम हथियार है।बिलासपुर छोटा शहर है…इंजीनियरों को जानकारी होती है कि निर्माण कार्य में क्या कुछ नियम विरूद्ध किया जा रहा है। बावजूद इसके निगम इंजीनियर आंख पर हाथ रखकर बैठे रहते हैं। ऐसा करने से उन्हें फायदा भी होता है। लिंक रोड में बनाए जा रहे काम्पलेक्स के साथ भी ऐसा ही है। काम्पलेक्स निर्माण के पीछे बडे बिल्डर का हाथ है। जाहिर सी बात है कि बिल्डर अवैध बेसमेन्ट पार्किंग को वैध बना लेगा। अधिकारी भी बिल्डर का सहयोग करेंगे।

अब क्या होगा

                 गोपाल ठाकुर ने बताया कि नोटिस का जवाब मिलने पर नापजोख की कार्रवाई होगी। पुराने नियम के अनुसार नियमितिकरण कार्रवाई से पहले बिल्डर को कुल क्षेत्र का दस गुना चार्ज किया जाएगा। इसके बाद दस गुना चार्च को पांच गुना बनाकर बिल्डर से वसूली होगी। अभी नियमितिकरण का नया आदेश नहीं आया है। गोपाल ठाकुर ने इस बात से इंकार किया कि बिल्डर ने निगम अधिकारियों की शह पर ग्राउंड पार्किंग की जगह बेसमेन्ट पार्किंग बनाया है।

स्मार्ट सिटी को पलीता

                   शहर को स्मार्ट सिटी बानने की मुहिम चल रही है। लेकिन निगम अधिकारी ही स्मार्ट सिटी मुहिम को पलीता लगाने बाज नहीं आ रहे हैं। निर्माण कार्य अनुमति दिए जाने के बाद अधिकारी हाथ पर हाथ रखकर बैठ जाते हैं। नियमानुसार समय समय पर निर्माण कार्य का जायजा लिया जाना जरूरी है। बावजूद इसके निगम अधिकारी टस से मस नहीं होते।

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