टैक्सपेयर्स के लिए नई सुविधा,आयकर विभाग का अभियान

imagesनईदिल्ली।आयकर विभाग ने आज स्‍वच्‍छ धन अभियान आरंभ किया है। इस अभियान के आरंभिक चरण में 9 नवम्‍बर से 30 दिसम्‍बर, 2016 तक प्रचुर मात्रा में जमा की गई नकदी की ई-वेरिफिकेशन शामिल है। विमद्रीकरण आंकड़ों की आय‍कर विभाग के डाटाबेस में उपलब्‍ध सूचना के साथ तुलना करने के लिए डाटा एनेलिटिक्‍स का प्रयोग किया गया हैा पहले बैच में ऐसे लगभग 18 लाख व्‍यक्तियों की पहचान की गई है जिनके मामले में नकदी का लेन-देन  करदाता के प्रोफाइल से मेल नहीं खा रहा है।आयकर विभाग ने करदाताओं के लिए अनुपालन लागत घटाने के लिए अपने संसाधनों का श्रेष्‍ठ प्रयोग करते हुए इन लेन-देनों की ऑनलाइन वेरिफिकेशन को सक्षम बनाया है। इन मामलों के संबंध में सूचना  https://incometaxindiaefiling.gov.in पोर्टल पर पैन होल्‍डर की ई-फाइलिंग विंडो में (लॉगइन के पश्‍चात) उपलब्‍ध की जा रही है। पैन होल्‍डर, पोर्टल के कम्‍प्‍लायंस सैक्‍शन के अंतर्गत कैश ट्रांसैक्‍शन्‍स 2016 लिंक का प्रयोग करते हुए इस सूचना को देख सकते हैं। करदाता आयकर कार्यालय जाए बिना ऑनलाइन स्‍पष्‍टीकरण दाखिल कर सकेंगे।

                                            करदाताओं को ई-फाइलिंग पोर्टल पर ऑनलाइन रिस्‍पॉन्‍स प्रस्‍तुत करने के लिए ई-मेल और एमएमएस  भेजे जाएंगेा जिन करदाताओं ने ई-फाइलिंग पोर्टल  https://incometaxindiaefiling.gov.in पर रजिस्‍ट्रेशन नहीं किया है, वे ‘रजिस्‍टर यूअरसेल्‍फ’ लिंक पर क्लिक करके रजिस्‍टर करें। रजिस्‍टर्ड करदाता इलैक्‍ट्रॉनिक कम्‍यूनीकेशन प्राप्‍त करने के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपना ई-मेल एड्रैस तथा मोबाइल नंबर अद्यतन करें व जांच लें।

                              करदाता को ऑनलाइन रिस्‍पॉन्‍स प्रस्‍तुत करने में सहायता देने के लिए पोर्टल पर विस्‍तृत यूज़र गाइड तथा क्विक रैफरेंस गाइड उपलब्‍ध है। यदि ऑनलाइन रिस्‍पॉन्‍स प्रस्‍तुत करने में कोई कठिनाई हो तो हैल्‍पडेस्‍क से 1800 4250 0025  पर संपर्क किया जा सकता है।

                        स्‍वीकृत जोखिम मानदण्‍ड पर आधारित मामलों को जांच के लिए चुनने हेतु डाटा एनेलेटिक्‍स का प्रयोग किया जाएगा। यदि मामले को जांच के लिए चुन लिया जाता है तो अतिरिक्‍त सूचना और उसकी प्रतिक्रिया के लिए अनुरोध भी इलैक्‍ट्रॉनिक रूप से संसूचित किया जाएगा। नवीन सूचना, प्रतिक्रिया और डाटा एनेलेटिक्‍स के प्राप्‍त होने पर ऑनलाइन पोर्टल पर सूचना अद्यतित होकर सक्रिय हो जाएगी।

                         उपलब्‍ध सूचना के आधार पर करदाता की प्रतिक्रिया का मूल्‍यांकन किया जाएगा। यदि नकद के स्रोत का स्‍पष्‍टीकरण उचित पाया जाएगा तो आयकर कार्यालय में आने की आवश्‍यकता नहीं रहेगी और जांच को बंद कर दिया जाएगा। यदि प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण योजना (पीएमजीकेवाई) के अंतर्गत नकद जमा की घोषणा की जाती है तब भी जांच को बंद कर दिया जाएगा।आयकर विभाग के किसी नोटिस और आयकर अधिनियम तथा लागू अन्‍य नियमों के अंतर्गत कार्रवाई से बचने के लिए इस चरण में शामिल करदाताओं को अपनी प्रतिक्रिया पोर्टल पर 10 दिन के भीतर देनी होगी।    

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