छात्रों ने किया अर्धनग्न प्रदर्शन…आत्मदाह का प्रयास…छावनी में तब्दील विश्वविद्यालय

Screenshot_2017-07-25-20-52-39-37 बिलासपुर—- पहले बीए…फिर एमएसडब्ल्यू और अब बीकॉम प्रथम, द्वितीय वर्ष के खराब परिणाम को लेकर सभी पार्टियों के छात्र संगठनों ने बिलासपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। जोगी छात्र संगठन, एनएसयूआई और एबीवीपी ने विश्वविद्यालय के बाहर अभूतभूर्व हंगामा किया। शर्च उतार प्रदर्शन के बाद पुतला जलाया और बाद में एबीव्हीपी के कुछ छात्र नेताओं ने खुद को जलाने का प्रयास किया। लेकिन मुस्तैद पुलिस ने मामले को किसी तरह नियंत्रित कर बड़ी घटना को अंजाम तक पहुंचने से पहले ही रोक दी है।

                    बीकाम प्रथम और द्वितीय की खराब परीक्षा परिणाम के बाद छात्रों का आक्रोश विश्वविद्यालय के खिलाफ आज एक साथ फूटा। विश्वविद्यालय के विरोध में एक साथ जोगी,कांग्रेस और भाजपा के छात्र संगठनों ने बिलासपुर विश्वविद्यालय का घेराव किया। शर्ट ऊतारू प्रदर्शन के साथ साथ जमकर हंगामा भी मचाया। जोगी छात्र संगठन और एनएसयूआई को किसी तरह पुलिस ने नियंत्रित किया। लेकिन एबीवीपी के छात्रों ने कुछ ऐसी घटना को देने का प्रयास किया जिसके बाद पुलिस को ना केवल लाठी का सहारा लेना पड़ा। बल्कि सभी छात्रों को गिरप्तार कर थाने भेज दिया।

आत्मदाह का प्रयास

               दरअसल विरोध प्रदर्शन के बीच तीन छात्र पेट्रोल लेकर कैम्पस के अंदर घुस गए। आत्मदाह की कोशिश करने लगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां बरसाई। तीनों छात्र नेताओं के अलावा सभी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने दिनभर के लिए  विश्वविद्यालय को छावनी में तब्दील कर दिया। आत्मदाह  का प्रयास करने वाले एबीव्हीपी नेता केतन सिह और ऋषभ चतुर्वेदी के अलावा एक अन्य छात्र को बचाने का प्रयास करते आईपीएस शलभ सिन्हा भी चपेट में आ गए। लेकिन सभी लोग सुरक्षित हैं।Screenshot_2017-07-25-20-52-59-58

विरोध प्रदर्शन क्यों

                  विश्वविद्यालय शिक्षण सत्र के डेढ़ माह बाद अभी तक बिलासपुर यूनिवर्सिटी का परीक्षा विभाग परिणाम जारी नहीं किया है। देरी से परिणाम आने को लेकर छात्र संगठन आक्रोशित हैं। छात्रों के लगातार दबाव और प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीकॉम फर्स्ट और सेकेंड ईयर का परिणाम घोषित किया। परिणाम देखते ही छात्र संगठन आक्रोशित हो गए। नियमानुसार फर्स्ट ईयर और सेंकड ईयर का परीक्षा परिणाम 53 और 51 फीसदी होना अनिवार्य है। जबकि बीकाम सेकन्ड ईयर का परीक्षा परिणाम 45 और फर्स्ट ईयर का मात्र 35 प्रतिशत है। परिणाम आने के बाद छात्र संगठनों ने विरोध में यूनिवर्सिटी का घेराव कर दिया। इत्तेफाक से तीनों संगठन एक ही दिन विरोध प्रदर्शन करने पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने पुतला दहन जलाया। अर्धनग्न प्रदर्शन कर प्रबंधन  के नारेबाज़ी और जमकर हंगामा किया।

            बहरहाल बीकॉम व एमएसडब्ल्यू में परीक्षा परिणाम 50 फीसदी आने के बाद छात्रों का आक्रोश चरम पर है। ऐसे में बीएएससी, बीए, पीजीडीसीए, एमए भूगोल, एमए अंग्रेजी समेत दर्जन भर से अधिक संकायों के परीक्षा परिणाम आने वाले है। जिसके बाद स्थिति यही रही तो यूनिवर्सिटी प्रबंधन की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

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