छत्तीसगढ़ की युवा नीति का प्रारूप तैयार,रोजगार की जानकारी मिलेगी वेब पोर्टल पर

met_yuva_nitiरायपुर।मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उच्च स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में छत्तीसगढ़ की युवा नीति 2017 के प्रारूप पर विचार-विमर्श किया गया।राज्य योजना मंडल द्वारा प्रदेश के युवाओं के विचार एवं सुझाव तथा देश के विभिन्न राज्यों की युवा नीति का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ युवा नीति प्रारूप तैयार किया गया है। युवा नीति मंे सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों की जानकारी देने तथा कैरियर मार्गदर्शन देने के लिये युवा पोर्टल तैयार करने का प्रस्ताव किया गया है। स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन शैली पर विशेष जोर देेते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में ओपन जिम प्रारंभ करने का प्रावधान किया गया है।नये विश्वविद्यालयों और नई उच्च शिक्षण संस्थाओं के आसपास निजी भागीदारी से टाउनशिप बसाने का प्रस्ताव दिया गया है।बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने हायर सेकेंडरी स्कूलों के बच्चों को कैरियर मार्गदर्शन देने के लिये महाविद्यालयों के प्राध्यापकों और कैरियर मार्गदर्शकों की टीम स्कूलों में भेजने के निर्देश दिये। प्रारूप में उच्च शिक्षण संस्थाओं में ज्ञानार्जन के लिये ई संसाधन की उपलब्धता को सुगम बनाने का सुझाव दिया गया।

                                           शिक्षण संस्थाओं में कैरियर मार्गदर्शन की सुविधा और प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवाओं का प्रोफाईल डाटाबेस का निर्माण को भी शामिल किया गया है। शिक्षण संस्थाओं में वित्तीय लेनदेन के आधुनिक तरीकों ऑनलाईन बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड तथा ई-वालेट के उपयोग के संबंध में जागरूकता बढ़ाने तथा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिये कॉलेजों की जनभागीदारी समिति से सहायता देने का प्रस्ताव किया गया है। बिना मान्यता के संचालित संस्थाओं के विरूद्ध कठोर कार्यवाही का सुझाव दिया गया है।

                                          बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक कृषि, उद्यानिकी, डेयरी और पोल्ट्री का प्रशिक्षण देने कहा।  छत्तीसगढ़ के युवाओं को सेना, अर्ध सैनिक बलों और पुलिस बल में भर्ती के लिये प्रशिक्षण दिया जाएगा। आईटी एवं अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये निवेशक सम्मेलनों के आयोजन पर बल दिया गया है। बाजार मंे काम करते हुए सीखे हुनर को मान्यता प्रदान करने के लिये मान्यता प्रणाली तैयार किये जाने का प्रावधान किया गया है।

                                         अस्थायी दुकान और ठेलों के माध्यम से लघु व्यवसाय करने वालों को सोलर लालटेन प्रदान करने का भी सुझाव दिया गया है। इंटरनेट और संचार तकनीक के माध्यम से कृषि कार्य में लगे युवाओं को कृषि तकनीक और मार्केटिंग की जानकारी दी जाएगी। युवाओं को जिम्मेदारी के साथ सड़क के उपयोग और दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों की सहायता के लिये जागरूक किये जाने को भी प्रारूप में शामिल किया गया है। राज्य के दिव्यांग और तृतीय लिंग के लोगों की क्षमता विकास पर जोर दिया गया है। पर्यावरण रोड मैप तैयार करने में युवाओं को शामिल करने एवं ग्राम पंचायत स्तर पर विवेकानंद युवा प्रोत्साहन केंद्र की स्थापना करने का सुझाव दिया गया है।

                                     राज्य योजना मंडल द्वारा युवा नीति के संबंध में 11 हजार 238 युवाओं से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए जिसमें सर्वाधिक सुझाव शिक्षा और उच्च शिक्षा के संबंध में थे। चर्चा के बाद अब युवा नीति के प्रारूप को अनुमोदन के लिये राज्य शासन के विभिन्न विभागों को भेजा जाएगा।

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  1. By Chowaram sahu

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