किसान रामलाल ने क्यों की आत्महत्या …… कलेक्टर से पूछा कांग्रेसियों ने

Exif_JPEG_420बिलासपुर— जिला कांग्रेस कमेटी प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला की अगुवाई में कलेक्टर पी.दयानन्द से मुलाकात की। प्रतिनिधिन मंडल ने पेन्ड्रा ब्लाक के पंडरी गांव में आत्महत्या करने वाले किसान परिवार के लिए 10 लाख रूपए मुआवजा दिए जाने की मांग की है। राजेन्द्र शुक्ला ने बताया कि रामलाल केंवट के आत्महत्या के बाद परिवार बहुत संकट में है। परिवार को न्याय मिले। इसलिए आत्महत्या के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

                    जिला कांग्रेस के  एक प्रतिनिधि मंडल ने राजेन्द्र शुक्ला की अगुवाई में कलेक्टर से मुलाकात की है। प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर को बताया कि जिले के किसानों की हालत ठीक नहीं है। पेन्ड्रा में कुछ दिन पहले किसान रामलाल केवट ने आत्महत्या कर ली है। आत्महत्या के बाद किसान का परिवार बहुत संकट में है। किसान परिवा को ना तो मुआवजा मिला…ना ही न्याय। दोषी व्यक्तियो के खिलाफ क़ानूनी कार्यवाही भी नहीं की गयी है।

              कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भविष्य में फिर कोई किसान सरकारी व्यवस्था से परेशान होकर आत्महत्या ना करे। इसके लिए जिला प्रशासन को समुचित कार्रवाई करनी होगी। जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला ने चर्चा के दौरान कलेक्टर को बताया कि सरकार की कौशल विकास योजना केवल प्रचार तक सीमित है। जमीनी स्तर पर हवा हवाई वाली स्थिति है। यदि कौशल योजना का लाभ किसानों तक पहुंच जाए तो रामलाल जैसे लोगों को आत्महत्या से रोका जा सकता है।

               कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर से चर्चा के दौरान बताया कि हमने शासन से 25 जुलाई की स्थिति में बिलासपुर जिले के ब्लाको में कौशल विकास योजना का अवलोकन करने को कहा है। आदिवासी और वनांचल में कौशल योजना की स्थिति बहुत दयनीय है। कौशल विकास योजना का उद्देश्य बेरोजगारों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। लेकिन जमीन पर ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा है।

                    सही क्रियान्वयन और जानकारी नहीं होने से योजना का लाभ किसी को नहीं मिल रहा है। यदि योजना को सही तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाता तो रामलाल केंवट को आत्महत्या के लिए मजबूर नही होना पड़ता। योजना का लाभ मरवाही विधान सभा क्षेत्र के युवाओ को नही मिल रहा है प्रशिक्षित युवाओ की स्थित शून्य है। मरवाही विधायक की कार्यशैली चिंताजनक है।

           प्रतितनिधि मंडल से कलेक्टर पी.दयानन्द ने आश्वासन दिया कि शासन के नियमानुसार पीड़ित किसान परिवार को हरसंभव मदद दी जाएगी। कौशल विकास योजना की स्थिति पर नजर रखने का आश्वासन दिया। कलेक्टर ने कहा कि किसी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। कोई भी युवा योजना से वंचित ना हो। इस बात को गंभीरता से लिया जाएघा। कलेक्टर से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधि मंडल में राजेन्द्र शुक्ला के अलावा शहर प्रवक्ता ऋषि पाण्डेय, कार्यालय सचिव सुभाष ठाकुर और अन्य लोग मौजूद थे।

6 सदस्यीय टीम का गठन

         जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला ने केन्दा क्षेत्र में आदिवासियो की मौत को गंभीरता लिया है। शुक्ला ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रो में स्वास्थ्य महकमा फेल है। बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था नहीं होने से कोटा ब्लाक में डायरिया से अब तक तीन आदिवासियों की मौत हो चुकी है। मरने वाले आदिवासियों में बुधराम सिंह केन्दा का रहने वाला है। जेठू राम सौता और पंचराम मरकाम बहरिझारिया गांव का निवासी है।

6 सदस्यीय जाँच टीम का गठन किया है। टीम प्रभावित गाँव का दौरा करेगी।  एक सप्ताह के अंदर जाँच प्रतिवेदन कांग्रेस कमेटी को देने को कहा है।  राजेन्द्र शुक्ला ने बताया कि 6 सदस्यीय जाँच टीम में कोटा ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष संदीप शुक्ला, प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि अरुण सिंह चौहान, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अरुण त्रिवेदी, किसान कांग्रेस सचिव शिवा पाण्डेय, किसान कांग्रेस नेता वादिर खान और पंचायती राज प्रकोष्ठ नेता डॉ. ए.के.राय को स्थान दिया गया है।

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