स्वप्नदृष्टा जोगी बनाएंगे सरकार…अमित जोगी

jogi-7  बिलासajjeet jogiपुर(भास्कर मिश्र) –मैने कांग्रेस को गुडनाइट कह दिया है…बाबा बंटाधार दिग्विजय सिंह कांग्रेस को डूबाने का काम अच्छी तरह से कर रहे हैं। स्वाभिमानी, जनाधार वाले नेताओं की कांग्रेस में पूछ परख नहीं है..। पार्टी में केवल दुमदार नेता रह गये हैं…। प्रदेश में दो पार्टियों ने राज किया..जनता को छला भी खूब..अब नए विकल्प की जरूरत है…जो जनता के दुख दर्द को समझे…। छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ पिछले 12 सालों से कोई बड़ा आंदोलन नहीं हुआ..। मुद्दों की कमी नहीं थी। विपक्ष सभी मोर्चे पर कमजोर साबित हुई है। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस दिसम्बर 2018 में अजीत जोगी की अगुवाई में सरकार बनाएगी…। सीजी वाल से लम्बी बातचीत में मरवाही विधायक अमित जोगी ने अपनी बातों को तर्कों के साथ पेश किया..

सीजी वाल…आप पहली बार विधायक बने..प्रदेश की राजनीति के किन बातों से प्रभावित हैं..।

अमित जोगी…देश में केवल तीन राज्यों में क्षेत्रीय दल नहीं है..। राजस्थान और मध्यप्रदेश दो बड़े भौगोलिक क्षेत्र वाले राज्य हैं। इन राज्यों में अलग-अलग संस्कृति और उसकी पहचान है। छत्तीसगढ़ प्रदेश के नागरिकों की विशुद्ध सांस्कृतिक पहचान है। 2013 के चुनाव में भाजपा को साठ लाख पचहत्तर हजार,कांग्रेस को साठ लाख और अन्य के खातों में 40 लाख वोट आए। जाहिर सी बात है कि जनता को विकल्प की तलाश है। विकल्प नहीं होने से दोनों पार्टियों को फायदा हो रहा है…। इसलिए नए विकल्प के रूप में छत्तीसगढ़ जनता पार्टी का गठन हुआ है।

सीजीवाल…अपने पहले विधायक काल में क्या कुछ देखने को मिला..आपने पार्टी ही खड़ी कर ली...

AMIT JOGIअमित जोगी...ढाई साल की विधायकी में बहुत कुछ देखने और समझने को मिला। सदन पहुंचने के बाद सरकार की कार्यप्रणाली और लूटखसोट की राजनीति देखने को मिला। सरकार के पास संसाधन भरपूर है..लेकिन नीयत में खोट है। कांग्रेस के लोग सरकार को कम मेरा घेराव ज्यादा किया। कांग्रेस और सरकार के बीच लुकाछिपी के खेल को समझा। पिछले दो साल में विपक्ष ने एक भी स्थगन प्रस्ताव नहीं लाया..शर्म की बात है। जनता की दुख दर्द से ज्यादा कांग्रेस को जोगी को मुद्दा बना लिया…। सरकार के पास जरूरत से ज्यादा संसाधन और कोष है। लेकिन कमजोर कांग्रेस को जोगेरिया रोग से फुर्सत नहीं है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। 21 लाख पोस्ट खाली हैं लेकिन 18 हजार बेरोजगरों को नौकरी नहीं मिल रही है। पदों को आउटसोर्सिंग से भरा जा रहा है। किसान कर्ज से परेशान है।व्यापारी टैक्स से। कौशल उन्नयन के बहाने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। कांग्रेस को कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।

सीजी वाल…पार्टी निर्देश का आपने हमेशा उल्लघंन किया…आपने अपने को पार्टी से हमेशा बड़ा माना।

अमित जोगी...मैं जनता का सेवक हूं..जनता नें चुनकर सदन में भेजा है..। सिर्फ ढाई साल में समझ मे गया कि चुने हुए लोग सदन में क्याAMIT JOGI--BITE--EXCLUSIVE कर रहे हैं। प्रदेश की सरकार कांग्रेस के सहारे दस साल से चल रही है। जीवीके के समर्थन में कर्मचारियों पर आसमा लगाया गया..किसी ने कुछ नहीं कहा..। पोलावरम बांध की ऊंचाई बढ़ने से प्रदेश के भूगोल का एक हिस्सा गायब हो जाएगा…कांग्रेस ने मुंह नहीं खोला। पूज्य संत के खिलाफ किताबों में अमर्यादित टिप्पणी की गई…किसी ने विरोध नहीं किया। अगस्ता वेस्टलैण्ड का विरोध क्या किया…विपक्ष ने एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। 73 हजार करोड़ की बजट पर पहले जनता का हक है.. विधायकों के वेतन वृद्धि पर मैने टिप्पणी किया..कांग्रेस में तूफान आ गया..। मैं पहले विधायक हूं.जनता की चिंता करना मेरा कर्तव्य है..। सेवक जनता जनार्दन से बड़ा नहीं हो सकता है।

सीजीवाल…आप मानते हैं कि सरकार और विपक्ष मिले हुए हैं..आप पर भी तो यही आरोप है..फिर नाराजगी क्यों..। अमित जोगी...जोगी परिवार पर आरोप लगाना कांग्रेसियों का फैशन है। आरोप नहीं लगाएंगे तो राजनीति की दुकान बंद हो जाएगी। तात्कालीन पीएचई मंत्री वर्तमान पीसीसी नेता पर बिना टेण्डर जीआई पाइप खरीदी में अनियमितता का आरोप है। मामला लोकायुक्त में 12 साल से है। आज तक गवाही नहीं हुई। चालान पेश नहीं किया गया। आखिर यह रिश्ता क्या कहलाता है। मुझ पर दो सीबीआई जांच हुई..क्लीन चिट मिल गया..। सरकार ने 155 केश में आरोपी बनाया। कोर्ट ने बरी कर दिया.। विजिलेन्स टीम ने जाति की तैयार कर लिया है। सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है..मामूम है कि भद्द पिटने वाली है। मंतूराम टेपकांड के साक्ष्य को आज तक कोर्ट में पेश नहीं किया गया। सीजीवाल..विधानसभा चुनाव में नई पार्टी का मुद्दा क्या होगा..कुछ अलग सोच रखते हैं क्या..।

JOGI CIMSअमित जोगी..छत्तीसगढ़ के स्वप्नदृष्टा अजीत जोगी की सरकार बनने के बाद फैसले दिल्ली में नहीं छत्तीसगढ़ में होंगे। चार हजार करोड़ के बजट में जोगी ने किसानों का धान खरीदा। बजट बीस गुना हो गया है..किसानों को बीस गुना फायदा मिलना चाहिए। 2100 रूपए समर्थन मूल्य का वादा आज तक पूरा नहीं हुआ। मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने सदन में कहा है कि प्रदेश में 137 किसानों ने आत्महत्या की है। राज्य निर्माण के समय भी सूखा था। लेकिन किसानों की कोठी खाली नहीं हुई। पसीहा पीने की नौबत नहीं आयी। भारी भरकम बजट के बाद भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ अमीर धरती है। जोगी सरकार बनते ही छत्तीसगढ़ करमुक्त राज्य हो जाएगा। सभी वर्गों को राहत मिलेगी।

सीजीवाल…कैसे विश्वास दिलाएंगे कि आपकी सरकार साफ रहेगी…तीन साल बनाम 13 साल को मुद्दा बनाएंगे…

अमित जोगी.. राज्य गठन के समय प्रदेश को विरासत में 18 हजार करोड़ का ऋण मिला। बावजूद इसके जोगी ने धान खरीदा..। जोगी ने जो ठांचा बनाया..आज की सरकार उससे बाहर नहीं निकली है..। कोरबा प्लांट को 6 महीने में तैयार होना था…12 साल लग गए। अजीत जोगी जैसा विल पावर प्रदेश के नेताओं में नहीं है। तीन साल में प्रदेश की सड़के ठीक गयी थीं। आज सड़कों की हालत देखिए। विभाजन के समय प्रदेश को सीएसईबी ने संभाला आज उसकी सीएसईबी की स्थिति ठीक नहीं है। आडिट रिपोर्ट में 27 हजार करोड़ का घोटाला है। कैग रिपोर्ट के बाद कुछ शून्य बढ़ सकते हैं। जोगी के समय अधिकारियों की हिम्मत नहीं थी कि जनता के पैसे को हड़प लें। आज घोटाला ही घोटाला है। विश्वास का सबसे बड़ा सबूत है।

सीजीवाल..क्या चाउर वाले बाबा की छवि ने भाजपा को तीन बार सरकार बनाने का अवसर दिया।

अमित जोगी…निश्चित रूप से कह सकते हैं। प्लानिंग कमीशन रिपोर्ट में 27 लाख गरीब परिवार बताया गया था। डाक्टर साहब ने 71 लाख गरीब परिवार बताया। मनमोहन सिंह ने 71 लाख परिवार Amit Jogi with Shubhamके लिए 35 किलो अनाज दिया। मोदी सरकार ने रंगराजन समिति की रिपोर्ट के आधार पर 27 लाख गरीब परिवार को कोटा रिलीज किया। अब चाउर वाले बाबा के सामने मुसीबत है। फूड सेक्यूरिटी बिल के अनुसार केन्द्र की कमी को उन्हें पूरा करना होगा । अब चाउर वाली छवि काम नहीं आने वाली है।

सीजी वाल..क्षेत्रीय पार्टी से संकीर्णता का बोध होता है..राष्ट्रीय भावना को भी चोट पहुंचती है.।

अमित जोगी...ऐसा नहीं है..पार्टी को संविधान के दायरे में ही रहकर काम करना होगा। राष्ट्रीय भावना को चोट पहुंचने का सवाल ही नहीं है। हम आउटसोर्सिंग का विरोध करते हैं.लेकिन संविधान के दायरे में रहकर। अनुच्छेद 19 में स्वतंत्रता का अधिकार है। सदन में विधेयक लाने वाला हूं..। जोर होगा कि जो लोग छत्तीसगढ़ की सामान्य भाषा संस्कृति से परिचित हों..उन्हें नौकरियों में प्राथमिकता दी जाए। अनुच्छेद 32 में क्षेत्रीय भाषाओं को भी पठन पाठन में शामिल करने की बात है। 2007 में राजभाषा आयोग बना। अब तक आयोग को 80 करोड़ मिल चुका है। बावजूद इसके टेक्स्टबुक तैयार नहीं है। तात्कालीन शिक्षा सचिव ने प्रदेश में ओडिया भाषा को थर्ड लैंग्वेज घोषित कर दिया। आज तक स्थानीय भाषा को तरजीह नहीं मिली। ताज्जुब होता है।

सीजीवाल..2018 में आपका मुकाबला किसके बीच है…कांग्रेस की कमजोरी भी मुद्दे में शामिल होंगे..

AMIT JOGIअमित जोगी...भाजपा से है..डॉ.रमन सिंह से है…रमन मुक्त प्रदेश होने का मतलब..भ्रष्टाचार से आजादी, इंस्पेक्टर राज्य से आजादी, गरीबी से आजादी, महिलाओं की असुरक्षा से आजादी। कांग्रेस को हमने गुड़नाइट कह दिया है। उससे आजादी मिल चुकी है।

सीजीवाल..जोगी को कांग्रेस से बहुत पहले ही निकाल देना चाहिए था..

अमित जोगी..दिग्विजय सिंह ने जब भी मुंह खोला या ट्विट किया कांग्रेस के दस लाख वोट खत्म हो गये। राहुल गांधी को सलाह देना चाहुंगा कि कांग्रेस को जिंदा रहना है तो दिग्गी से आजादी ले। बंटाधार बाबा ने जहां भी पैर रखा कांग्रेस की सत्ता चली गयी। कई राज्य इसके उदाहरण हैं।

सीजीवाल…प्रदेश में क्षेत्रीय पार्टी बनाने का क्या यह सही समय है…।Amit Jogi

अमित जोगी..हम इतिहास के सही दिशा में चल रहे हैं। बाबा साहेब और गांधी जी ने दशकों पहले छुआछूत के खिलाफ जंग लड़ा। अछूतों को मुख्यधारा में शामिल करने संविधान में स्थान दिया। लेकिन कांग्रेस ने जोगी के खिलाफ एक साल से छुआछूत का व्यवहार किया। साढ़े सात लाख सदस्यों को कांग्रेस में प्रवेश नहीं दिया गया। क्योंकि सदस्य जोगी ने बनाए थे। कांग्रेस के बड़े नेताओं ने बाबा साहेब का अपमान किया है। सोचने वाली बात है कि जिस पार्टी के महापुरूषों ने छुआछूत के खिलाफ जंग लड़ा। उसी पार्टी के नेता छुआछूत में विश्वास कर रहे हैं। चूंकी मैने कांग्रेस को गुडनाइट कह दिया है। इसलिए कुछ ज्यादा बोलना भी नहीं है।

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