19 साल की बिटिया दुर्गेश की दर्दनाक मौत पर उठ रहे सवाल..कहीं “ऑनर कीलिंग” तो नहीं.?

masturi_july1बिलासपुर(सीजीवाल)।बिल्हा इलाके में हिर्री थाना अंतर्गत मुरू गांव में मनेराम यादव के घर ईंट की दीवारों से घिरे आँगन में बुधवार की सुबह लोगों का मजमा लगा था। आंगन के बीच पड़ी थी मनेराम की बिटिया की जली हुई लाश।आँगन में मौजूद लोगों की भीड़ जानना चाह रही थी कि कल तक हंसी- खुशी दिखने वाली उन्नीस साल की बिटिया दुर्गेश की यह हालत क्यों हुई? आंगन में लाश एक थी।लेकिन सवाल कई थे।अब इन सवालों का जवाब पुलिस तलाश रही है।सच समय पर सामने आएगा। लेकिन यह सीन जिसने भी देखा उसका दिल दहल गया।घटना बीती रात की है।
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                                                  durgesh 1मुरू गाँव में रहने वाले मनेराम यादव ने सिर्फ इतना बताया कि उसकी बेटी रात में बारह बजे के करीब टॉयलेट गई थी। फिर तड़के करीब चार बजे दोबारा गई। इसके बाद क्या हुआ घर वालों को कुछ भी नहीं पता । घर के लोग सुबह उठे तो बिटिया आंगन के बीच में जली हुई हालत में मिली । उसका शरीर बुरी तरह से जल गया था और उसकी मौत हो चुकी थी।घर वालों की बात मान लें तो उन्हे इसके अलावा और कुछ भी नहीं मालूम।जबकि लोग यह  जानना चाह रहे हैं कि उन्नीस साल की बिटिया इस हालत में कैसे पहुंच गई? आग कितनी बेरहमी से लगी कि उसके पूरे कपड़े जिस्म से चिपक गए.भयावह और दर्दनाक।

                                                   सवाल कई हैं…….क्या रात में उसे किसी ने उठते- आते- जाते नहीं देखा?अपने ही घर के आँगन में  जिसका जिस्म आग से इतना बुरी तरह झुलस गया , उस आग की  लपटें क्या किसी को दिखाई नहीं दीं? क्या धुआँ भी नहीं उठा और  कोई गँध भी नहीं फैली? उस पर आग कैसे लगी? इस हालत में पहुंचने तक क्या उसके हलक से एक चीख भी नहीं निकली होगी…..? क्या उसकी चीख किसी के भी कानों तक नहीं पहुंची? अगर यह खुदकुशी है तब भी और कत्ल का मामला है तब भी…आंगन में हुई वारदात और दीवार आड़ में  किसी को भनक तक नहीं लगी। पूरा माजरा किसी को समझ नहीं आ रहा है। सबसे अहम् सवाल यह है कि क्या  घर के लोग ही मामले में सब कुछ छिपाने की कोशिश कर रहे  है ?और यह सवाल मामले को ऑनर कीलिंग की ओर ले जाने पर आमादा है।

                                              हालांकि यह एक छोटे से गाँव का  लो प्रोफाइल मामला है। लिहाजा मेट्रो सिटी के आस – पास के हाईप्रोफााइल मामलों की तरह  इस पर न कहीं शोर है और न कोई चर्चा सुनाई दे रही है। लेकिन सबसे बड़ा सच यह है कि बहुत बुरी हालत में एक मासूम की जान गई है और अब वह लौटकर नहीं आ सकती । पुलिस ने सभी एंगल से जाँच – पड़ताल शुरू कर दी है। उम्मीद की जानी चाहिए कि पुलिस तह तक पहुंचकर सच उजागर करेगी।

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