अब अस्थिकलश विसर्जन के लिए भी यात्री शामिल हो सकेंगे,मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना में

1452रायपुर।छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा  योजना के तहत अब ऐसे लोगों को भी शामिल किया जाएगा, जो अपने किसी परिजन के अस्थि कलश विसर्जन के लिए प्रयाग जाना चाहते हैं। इस तरह का निर्णय मंगलवार को हुई स्टेट कमेटी की मीटिंग में किया गया।समाज कल्याण विभाग के सचिव सोममणि बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में अब ऐसे लोग भी शामिल होंगे , जो अपने किसी परिजन के अस्थिकलश विसर्जन के लिए जाना चाहते हैं। अन्य तीर्थ यात्रियों के साथ उन्हे भी शामिल किया जाएगा।उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के क्रियान्वयन के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक में इस योजना की समीक्षा की गई और इसके बेहतर क्रियान्वयन  को लेकर विचार – विमर्श किया गया । जिससे समाज के सभी वर्ग के लोगों को इसका लाभ मिल सके। कई सुझावों पर भी विचार किया गया । इसी सिलसिले में फीडबैक मिला था कि छत्तीसगढ़ के खासकर ग्रामीण इलाकों में कई परिवार के लोग  किसी परिजन के अस्थिकलश के विसर्जन के लिए भी तीर्थ यात्रा पर जाते हैं। इसे देखते हुए तय किया गया है कि तीर्थ यात्रियों के साथ ऐसे  कुछ लोगों को भी शामिल किया जाएगा।

sonmoni_borah_mantralay_file                                     बोरा ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के निवासी वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या अधिक आयु के व्यक्ति) को उनके जीवनकाल में एक बार, प्रदेश के बाहर स्थित विभिन्न नामनिर्दिष्ट तीर्थ स्थानों में से किसी एक या एक से अधिक स्थानों की यात्रा सुलभ कराने हेतु शासकीय सहायता प्रदान करना है। जिसके तहत छत्तीसगढ़ के मूल निवासी ऐसे लोगों को तीर्थ यात्रा की सहायता प्रदान की जाती है जिसकी आयु 60 साल या अधिक हो।हितग्राही के लिए यह आवश्यक है कि उसने इस योजना के तहत पहले यात्रा न की हो और यात्रा के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम हो।

                                      उन्होने बताया कि संबंधित हितग्राही अपने आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत/ उप संचालक, पंचायत एवं समाज कल्याण संबंधित जिला को प्रस्तुत कर सकते हैं।प्राप्त आवेदन पत्रों में से लक्ष्य के अनुरूप लाटरी निकालकर कलेक्टर द्वारा किया जाता है और शासन द्वारा अधिसूचित तीर्थस्थानों की यात्रा की जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>