अंमित का चुनाव करें रद्द…जोगी और डीएम पर दर्ज हो एफआईआर…भूपेश ने कहा…सोनिया गांधी को दिया धोखा

IMG20170703145525बिलासपुर—भूपेश बघेल ने बिलासपुर पत्रकारों से बताया कि हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट के बाद जोगी और मुख्यमंत्री की दोस्ती की पोल खुल गयी है। सुप्रीम कोर्ट ने 2011 में आदेश दिया था कि दो महीने के भीतर जोगी की जाति निर्धारित करें। लेकिन डेढ़ साल बाद कमेटी बनायी गयी। सितम्बर 2013 में विजिलेन्स और हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट कोर्ट तक पहुंची। बाद में रिपोर्ट को सरकार ने वापस ले लिया। अभी भी रिपोर्ट को सार्वजनिक करने में विलंब किया जा रहा है। सरकार आखिर जोगी को क्यों बचा रही है। भूपेश ने कहा कि अभी भी दोस्ती का खेल चल रहा है।

                      पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि हाइपावर कमेटी की रिपोर्ट 27 जून को आ गयी है। अभी भी सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। क्योंकि सीएम अभी भी जोगी से दोस्ती निभाई रहे हैं।  मुख्यमंत्री को बताना होगा कि इसकी वजह क्या है।

                    भूपेश ने कहा कि जैसा कि बताया जा रहा है कि अजीत जोगी की जाति को निरस्त कर दिया गया है। अमित जोगी की जाति को भी निरस्त किया जाना चाहिए। चुनाव आयोग को भी सूचित किया जाना चाहिए। कलेक्टर, चुनाव आयोग और जोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो। हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट को दूसरे दिन ही सार्वजनिक किया जाना चाहिए था। जोगी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर जाति प्रमाण पत्र को रद्द किया जाना चाहिए था।

                                  भूपेश के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जोगी की जाति को निर्धारित किया जाए। कोर्ट ने रिपोर्ट पेश करने को नहीं कहा है। यदि जोगी की जाति को कलेक्टर ने अभी तक रद्द नहीं किया है तो जाहिर सी बात है  कि दोस्ती का खेळ अभी भी जारी है।

                                    भूपेश ने सीएम से दोस्ती की बात इंकार करते हुए कहा कि 2011 से लेकर आज तक जोगी के साथ सीएम की दोस्ती ही चल रही है। 2003 में भाजपा ने जोगी की जाति को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ा। 27 जून के पहले तक उन्होने दोस्ती के नाते जोगी की जाति को दबाकर रखा। जोगी की जाति का खुलासा 2011 में हो जाना चाहिए था। अब मीडिया ही बताए की दोस्ती किसके बीच में है। भूपेश ने बताया कि जोगी ने कांग्रेस हाईकमान को धोखा दिया है। जोगी 15 साल तक आदिवासी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। पार्टी को उन्होने गुमराह किया है।

                    भूपेश ने बताया कि जोगी की जाति निर्धारित हो चुकी है। अमित जोगी के चुनाव को निरस्त किया जाना चाहिए। चुनाव आयोग को भी तत्काल इसकी सूचना दी जानी चाहिए।

        पीसीसी अध्यक्ष ने कहा जोगी जाति मामले में बृजमोहन अग्रवाल,अजय चन्द्राकर,शिवरतन शर्मा,संतकुमार नेताम और कलेक्टर बिलासपुर प्रीटिशनर थे। लेकिन कलेक्टर को हाइपावर कमेटी ने पत्र जारी किया है। सवाल उठता है कि कलेक्टर को जब मालूम था कि जोगी आदिवासी नहीं है। बावजूद इसके अमित जोगी को आदिवासी जाति प्रमाण पत्र दिया गया। दरअसल कलेक्टर ने सरकार के दवाब में जाति प्रमाण पत्र जारी किया है।

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